नई दिल्ली: देश की शीर्ष अदालत शुक्रवार (07 नवंबर) को आवारा कुत्तों से जुड़े एक मामले में अहम फैसला दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि राजस्थान हाईकोर्ट का फैसला पूरे देश में लागू होगा। सभी स्टेट और नेशनल हाईवे से आवारा पशु हटाए जाएं। आवारा कुत्तों से निपटने के लिए अस्पतालों, स्कूलों और कॉलेज कैंपस में बाड़ लगाएं। इस मामले में जस्टिस विक्रम नाथ, जस्टिस संदीप मेहता और जस्टिस एनवी अंजारिया की बेंच में सुनवाई हुई।
सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया कि इन परिसरों की चारदीवारी मजबूत की जाए ताकि कुत्तों की घुसपैठ रोकी जा सके। कहा कि सभी राज्यों के मुख्य सचिव इन निर्देशों का सख्ती से पालन करवाएंगे। स्टेटस रिपोर्ट और हलफनामा 3 हफ्ते में दायर किया जाए। कोर्ट ने कहा कि स्कूल, कॉलेज व अस्पताल जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में आवारा कुत्तों की मौजूदगी छात्रों व मरीजों के लिए खतरा है। इन जगहों पर तारबारी बाड़ लगाई जाए और कुत्तों को निकालकर अन्य सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट किया जाए। जस्टिस बी आर गवई की बेंच ने चेतावनी दी कि निर्देशों का पालन न करने पर चीफ सेक्रेटरी को व्यक्तिगत रूप से जवाबदेह ठहराया जाएगा।
सड़कों व हाईवे से आवारा पशुओं का सफाया
इसके अलावा कोर्ट ने सड़कों, राज्य व राष्ट्रीय हाईवे से आवारा मवेशियों व कुत्तों को हटाने के लिए विशेष अभियान चलाने का आदेश दिया। पीडब्ल्यूडी, एमसीडी व रोड एंड ट्रांसपोर्ट अथॉरिटी को निर्देशित किया गया कि पशुओं को शेल्टर होम में स्थानांतरित करें। सभी नेशनल हाईवे पर हेल्पलाइन नंबर स्थापित करने को कहा, जहां शिकायत दर्ज कराई जा सके। कोर्ट ने कहा कि दुर्घटनाओं का प्रमुख कारण आवारा पशु हैं, इसलिए तत्काल कार्रवाई जरूरी है।
13 जनवरी को होगी अगली सुनवाई
अब इस मामले में अगली सुनवाई 13 जनवरी को होगी। वहीं, याचिकाकर्ता और वकील ननिता शर्मा ने कहा कि इतना कठोर आदेश दिया गया है। फिर भी मैं ईश्वरीय न्याय में विश्वास रखती हूं कि बेजुबान जानवरों के साथ अन्याय नहीं होगा।
VIDEO | Advocate and petitioner Nanita Sharma, on the Supreme Court’s order directing the removal of stray dogs from the premises of schools, hospitals, and bus stands, says, “All educational and government institutions, railway stations, and transport bus stands will have stray… pic.twitter.com/wi0hTaIcTC
— Press Trust of India (@PTI_News) November 7, 2025
बता दें कि 3 महीने पहले राजस्थान हाईकोर्ट ने जिम्मेदार सरकारी एजेंसियों को सड़कों से आवारा जानवरों को हटाने का आदेश दिया था। कहा था कि कार्रवाई को प्रभावित करने वालों के खिलाफ FIR भी होगी।
कोर्ट के आदेश की बड़ी बातें
- सभी नेशनल हाईवे पर आवारा पशुओं की मौजूदगी की सूचना देने के लिए हेल्पलाइन नंबर होंगे।
- सभी राज्यों के मुख्य सचिव इन निर्देशों का सख्ती से पालन करवाएंगे। स्टेटस रिपोर्ट और हलफनामा 3 हफ्ते में दायर किया जाए।
- राज्य सरकारें और UT 2 हफ्ते में ऐसे सरकारी और निजी स्कूल-कॉलेज, अस्पतालों की पहचान करेंगी, जहां आवारा जानवर और कुत्ते घूमते हैं। उनकी एंट्री रोकने के लिए कैंपस में बाड़ लगाई जाएगी।
- रख-रखाव के लिए एक नोडल अधिकारी नियुक्त होगा। नगर निगम, नगर पालिका और पंचायत हर 3 महीने में कम से कम एक बार इन कैंपस की जांच करें।
- पकड़े गए आवारा कुत्तों को उसी जगह पर वापस नहीं छोड़ा जाएगा जहां से उन्हें उठाया गया था।
सुप्रीम कोर्ट ने कहा था- सरकारी कैंपस में कुत्तों को खाना खिलाने के नियम बनेंगे
इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने 3 नवंबर को कहा था कि वह सरकारी बिल्डिंग्स के कैम्पस में कुत्तों को खाना खिलाने के नियम के लिए निर्देश जारी करेगा। कोर्ट ने सभी राज्यों के मुख्य सचिव को व्यक्तिगत रूप से कोर्ट में पेश होने से भी राहत दी थी। मगर, चेतावनी दी थी कि हलफनामे में चूक हुई, तो उन्हें पेश होना पड़ेगा।