लखनऊ: उत्तर प्रदेश विधानमंडल के दोनों सदनों का मानसून सत्र सोमवार (11 अगस्त) से शुरू हो रहा है। योगी सरकार साल 2047 तक ‘विकसित भारत के विकसित उत्तर प्रदेश का विजन’ डॉक्यूमेंट सदन में पेश करेगी। वहीं, मथुरा के बांके बिहारी जी मंदिर ट्रस्ट का अध्यादेश भी पेश किया जाएगा। उधर, विपक्ष परिषदीय स्कूलों के मर्जर, प्रदेश में बाढ़, बेरोजगारी और भ्रष्टाचार के मुद्दे पर सरकार को घेरेगा।
विधानमंडल के मानसून सत्र के लिए रविवार को विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना की अध्यक्षता में कार्यमंत्रणा समिति की बैठक हुई। इसमें सदन की कार्यवाही 14 अगस्त को दोपहर 2 बजे तक संचालित करने का निर्णय लिया गया। 15 अगस्त को स्वाधीनता दिवस और 16 अगस्त को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के कारण सदन की कार्यवाही गुरुवार (14 अगस्त) को ही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित हो जाएगी। विपक्ष की ओर से सदन को 18 अगस्त से फिर संचालित करने की मांग उठाई गई है।
24 घंटे चलेगा विशेष सत्र
विधानमंडल के मानसून सत्र में 13 अगस्त की सुबह 11 बजे से 14 अगस्त की सुबह 11 बजे तक 24 घंटे तक विशेष सत्र आहूत होगा। इसमें प्रदेश सरकार 2047 के विजन डॉक्यूमेंट का मसौदा पेश करेगी। सभी मंत्री 2047 तक उनके विभाग से जुड़े विकास कार्यों का विजन पेश करेंगे।
सत्ता पक्ष और विपक्ष के सदस्यों की राय और सुझाव के बाद सरकार विजन डॉक्यूमेंट तैयार कर राष्ट्रीय नीति आयोग को भेजेगी। इससे पहले महात्मा गांधी की 150वीं जयंती पर 2 अक्टूबर, 2019 को 36 घंटे तक विशेष सत्र आहूत हुआ था। इसमें सतत विकास के लक्ष्य तय किए गए थे। विधानसभा के इतिहास में दूसरी बार 24 घंटे का सत्र होगा।
महाकुंभ से लेकर मर्जर तक बात करेंगे सीएम योगी
विधानसभा के मानसून सत्र में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ महाकुंभ की सफलता से लेकर स्कूलों के मर्जर तक पर बात करेंगे। इसके अलावा धर्मांतरण कराने वाले छांगुर बाबा पर की गई कार्रवाई और सपा प्रमुख अखिलेश यादव पर भी निशाना साधेंगे। सीएम मीडिया सेल की ओर से विधानसभा में योगी के भाषण को धारदार और आक्रामक बनाने की तैयारी की जा रही है।
समाजवादी पार्टी से निष्कासित विधायक मनोज पांडेय, अभय सिंह और राकेश प्रताप सिंह को विधानसभा में असंबद्ध विधायक के रूप में अलग जगह आवंटित की गई है। तीनों विधायक सत्तापक्ष के पास वाली कतार में बैठेंगे।