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आवारा कुत्तों से खाली रखनी होंगी सड़कें, बच्चे-बड़ों को काट रहे, लोग मर रहे: सुप्रीम कोर्ट

आवारा कुत्तों से खाली रखनी होंगी सड़कें, बच्चे-बड़ों को काट रहे, लोग मर रहे: सुप्रीम कोर्ट

नई दिल्‍ली: सुप्रीम कोर्ट में बुधवार (07 दिसंबर) को आवारा कुत्तों से जुड़े मामले पर सुनवाई हुई। बहस में कुत्तों के मूड, काउंसलिंग, कम्युनिटी डॉग्स और इंस्टीट्यूशनलाइज्ड डॉग्स जैसे शब्द सामने आए। जस्टिस विक्रम नाथ ने कहा कि बात सिर्फ काटने की नहीं है, कुत्तों से खतरा भी होता है। दुर्घटनाओं का खतरा। आवारा कुत्तों से सड़कें खाली रखनी होंगी। आप इसकी पहचान कैसे करेंगे? सुबह-सुबह कौन सा कुत्ता किस मूड में है, यह आप नहीं जान सकते।

बहस में आवारा कुत्तों के फेवर में पैरवी कर रहे कपिल सिब्बल ने कहा कि जब भी मैं मंदिरों वगैरह में गया हूं, मुझे कभी किसी ने नहीं काटा। सुप्रीम कोर्ट ने जवाब दिया- ‘आप खुशकिस्मत हैं। लोगों को काटा जा रहा है, बच्चों को काटा जा रहा है। लोग मर रहे हैं।’

कुत्‍तों को भी काउंसिलिंग दी जाए क्‍या?

कपिल सिब्बल ने कहा कि कुत्ते ने किसी को काटा है तो आप एक सेंटर को कॉल करें, उसे ले जाया जाएगा। उसकी नसबंदी की जाएगी और उसे वापस उसी इलाके में छोड़ दिया जाएगा। इस पर सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि बस एक ही चीज बाकी है, कुत्तों को भी काउंसलिंग देना, जिससे वापस छोड़े जाने पर वह काटे नहीं।

बुधवार को मामले की सुनवाई ढाई घंटे तक चली। इसके बाद इसे रोक दिया गया। अगली सुनवाई 8 जनवरी को सुबह 10.30 बजे से फिर शुरू होगी।

एडवोकेट सीयू सिंह का सवाल– कुत्तों के काटने से बचें कैसे

सीनियर एडवोकेट सीयू सिंह ने दलील देते हुए कहा कि सवाल यह नहीं है कि DU या सुप्रीम कोर्ट कैंपस में कुत्तों की जरूरत है या नहीं। लेकिन, कुत्ते एक सच्चाई हैं। सवाल यह है कि वे इंसानों को नुकसान कैसे न पहुंचाएं और इससे निपटने का सबसे अच्छा तरीका क्या है।

सीनियर एडवोकेट वेणुगोपाल ने बताया– देश में कुत्तों की आबादी 5 करोड़ से ज्यादा

सीनियर एडवोकेट केके वेणुगोपाल (NALSAR, हैदराबाद के लिए) ने कहा कि इस यूनिवर्सिटी में एक एनिमल लॉ सेंटर है। इसमें एनिमल प्रोटेक्शन में मास्टर्स कोर्स और पीजी डिप्लोमा भी है। एनिमल प्रोटेक्शन के संबंध में इसका हार्वर्ड यूनिवर्सिटी के साथ MoU है। हमारी जांच में ऐसे आंकड़े सामने आए हैं जो पहले कोर्ट के सामने नहीं रखे गए थे।

शिक्षण संस्थानों में आवारा कुत्तों पर डेटा-

भारत में कुत्तों की आबादी 5 करोड़ 25 लाख है, जरूरी शेल्टर की संख्या (प्रति सुविधा 200 कुत्ते) 77347 है।

प्रति कुत्ते के लिए जरूरी फंक्शनल शेल्टर 40 वर्ग फुट है।

एक कुत्ते को खिलाने का रोजाना का खर्च 40 रुपये है।

1.54 करोड़ कुत्तों को खिलाने का खर्च 61 करोड़ 81 लाख रुपए होगा।

एक रिपोर्ट से पता चलता है कि 194,412 स्कूलों में बिजली का कनेक्शन काम नहीं कर रहा है।

खराब शौचालय की सुविधा, पीने के पानी की कमी, जब ऐसी खराब सुविधाएं हैं, यह मुमकिन नहीं है कि स्कूल बाड़ लगाने के लिए फंड दे पाएंगे।

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