बरेली: एसआरएमएस रिद्धिमा में रविवार (04 जनवरी) नए वर्ष का स्वागत करने के लिए कार्यक्रम म्युजिकल सागा का आयोजन हुआ। कार्यक्रम में गीत, संगीत और नृत्य की जोरदार जुगलबंदी में गुरुजनों ने नये वर्ष का स्वागत किया और अपनी प्रस्तुति से दर्शकों और श्रोताओं को झूमने पर मजबूत कर दिया। कार्यक्रम का आरंभ इंस्ट्रूमेंटल गुरुओं सूर्यकांत चौधरी (वायलिन), सुरेंद्र सिंह (कांगो), अनुग्रह सिंह (की-बोर्ड/ ड्रम), विशेष सिंह (गिटार), ऋषभ आशीष पाठक (पखावज), दीपकांत जौहरी (तबला) और पवन भारद्वाज (हारमोनियम), सीमा (सितार), आशीष कुमार (सितार) और रॉनी फिलिप्स (सेक्सोफोन) ने नए आरंभ से नए वर्ष का स्वागत किया। इन्होंने राग हंसध्वानि और वेस्टर्न फ्यूजन को अपने वाद्ययंत्रों के माध्यम से प्रस्तुत किया।

गायन गुरु प्रियंका ग्वाल एवं सात्विक मिश्रा ने ‘लागा चुनरी में दाग’ को अपने स्वर में प्रस्तुत किया और इसे भरतनाट्यम के भावों में पिरोकर नाट्य गुरु तनाया भट्टाचार्य ने और भी यादगार बना दिया। दोनों गायन गुरुओं ने ‘ओ रे पिया हाय, ओ रे पिया’ को भी अपनी आवाज दी और इस पर अपनी प्रस्तुति देकर कथक गुरुओं देवाज्योति नक्सल और रियाश्री चटर्जी ने कथक नृत्य का अद्भुत प्रदर्शन किया। म्यूजिकल सागा की अंतिम प्रस्तुति के रूप में अतिथि गायक इंदू परडल ने मंच संभाला और विभिन्न फिल्मों के लोकप्रिय गीतों का गुलदस्ता ‘मेडले’ प्रस्तुत किया। उन्होंने सैनोरीटा, है अपना दिल तो आवारा, ओ मेरे सोना रे सोना रे, रुक जा ओ दिल दिवाने, कोई मिल गया, बचना ऐ हसीनों लो मैं, आज की रात ऐसा कुछ, बिल्लो रानी, घाघरा घाघरा और कजरारे कजरारे को अपने स्वर देकर पूरी महफिल को झूमने पर मजबूत कर दिया।

कार्यक्रम का संचालन अरुणा गंगवार ने किया। इस अवसर पर एसआरएमएस ट्रस्ट के संस्थापक व चेयरमैन देव मूर्ति, आशा मूर्ति, आदित्य मूर्ति, उषा गुप्ता, सुभाष मेहरा, दीपेंद्र कमथान, डॉ. प्रभाकर गुप्ता, डॉ. अनुज कुमार, डॉ. शैलेश सक्सेना, डॉ. एमएस बुटोला, डॉ. पीके परडल, डॉ. रीता शर्मा सहित शहर के गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे।