उत्तर प्रदेश, राजनीति

पूर्व सपा सांसद के बयान पर सियासत, मौलाना शहाबुद्दीन बोले- आपदा को किसी धर्म से न जोड़ें

पूर्व सपा सांसद के बयान पर सियासत, मौलाना शहाबुद्दीन बोले- आपदा को किसी धर्म से न जोड़ें

बरेली: मुरादाबाद से पूर्व सपा सांसद डॉ. एसटी हसन के उत्तराखंड के धराली में आई आपदा को लेकर दिए गए बयान पर यूपी में सियासत शुरू हो गई है। बरेली से ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना शहाबुद्दीन रजवी ने कहा कि उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में आई आपदा को किसी भी धर्म से जोड़कर नहीं देखा जा सकता।

दरअसल, उत्तराखंड के धराली में बादल फट गया था। इस आपदा में पांच लोगों की मौत हो गई थी। 70 लोगों का रेस्क्यू किया गया। वहीं, सेना ने बताया कि 50 से ज्यादा लोग लापता हैं। एक जूनियर कमीशंड ऑफिसर (JCO) और आठ जवान भी लापता हैं।

एसटी हसन  का बयान

आपदाओं को लेकर पूर्व सांसद एसटी हसन ने बयान देते हुए कहा था, ‘उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में दूसरे के मजहब (इस्लाम) का कोई सम्मान नहीं हो रहा है। किसी भी धार्मिक स्थल पर बुलडोजर नहीं चलना चाहिए। वो भूल गए कि इस दुनिया को चलाने वाला कोई और है। जब उसका इंसाफ होता है, तो आदमी कहीं से भी अपने आप को नहीं बचा पाता।’

पूर्व सांसद ने बयान पर माफी मांगने से भी किया इनकार

प्राकृतिक आपदा पर दिए बयान को लेकर आलोचना होने पर पूर्व सांसद हसन ने शनिवार को अपने बयान पर सफाई दी। माफी मांगने से इनकार करते हुए कहा, मैं किस बात को लेकर माफी मांगूं? मैंने किसी भी प्रकार का विवादित बयान नहीं दिया था। मैंने सिर्फ इतना ही कहा था कि जिस तरह से मौजूदा समय में पूरे इकोसिस्टम को तबाह किया जा रहा है, जंगलों का कटान हो रहा है। मंदिर, मस्जिद और दरगाहों को ध्वस्त किया जा रहा है, ऐसा करके हम लोग प्राकृतिक विपदा को न्योता दे रहे हैं।

एसटी हसन ने कहा, मेरे इसी बयान को लेकर कुछ लोग खफा हो गए। जबकि, मैंने सभी धर्मों के धार्मिक स्थलों का जिक्र करते हुए उत्तराखंड में आई प्राकृतिक विपदा के संदर्भ में दिया था। लेकिन, अफसोस सिर्फ मस्जिद और दरगाह को ही रेखांकित किया जा रहा है, जिसे किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जा सकता। यह सरासर गलत है।

मौलाना शहाबुद्दीन ने कहा- ये बयान बेवकूफी पर आधारित

वहीं, पूर्व सपा सांसद के बयान पर ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना शहाबुद्दीन रजवी ने कहा, उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में आई आपदा को किसी भी धर्म से जोड़कर नहीं देखा जा सकता। डॉ. एसटी हसन का बयान भ्रामक और बेवकूफी पर आधारित है। ये आसमानी कहर कहीं भी और किसी भी समुदाय के क्षेत्र में आ सकता है।

मौलाना ने कहा, हमें खुदा से अपने-अपने परिवार और अपने क्षेत्र की सुरक्षा के लिए दुआ करनी चाहिए। इस तरह के बयान समाज में भ्रम और तनाव पैदा करते हैं। उन्होंने सभी समुदायों से एकजुट होकर आपदा प्रभावित लोगों की मदद करने और राहत कार्यों में योगदान देने की अपील की।

Related Posts

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *