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PM Modi का लाल किले से ऐलान: दीवाली पर घटेगा GST रिफॉर्म से टैक्स, नई रोजगार योजना की शुरुआत

PM Modi का लाल किले से ऐलान: दीवाली पर घटेगा GST रिफॉर्म से टैक्स, नई रोजगार योजना की शुरुआत

नई दिल्‍ली: भारत के 79वें स्‍वतंत्रता दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल किले की प्राचीर से दो बड़ी घोषणाएं की हैं। उन्होंने कहा, इस दिवाली पर सरकार जीएसटी रिफॉर्म ला रही है। इससे आम लोगों को टैक्स में बड़ी राहत मिलेगी। उन्होंने बताया, आज से प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना लागू की जा रही है। इस योजना के तहत निजी क्षेत्र में पहली नौकरी पाने वाले बेटे-बेटी को 15 हजार रुपये सरकार की तरफ से दिए जाएंगे। कंपनियों को भी जो ज्यादा रोजगार जुटाएगा, उन्हें प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। यह योजना करीब 3.5 करोड़ नौजवानों के लिए रोजगार के अवसर बनाएगी।

प्रधानमंत्री का शुरुआती भाषण ऑपरेशन सिंदूर पर फोकस रहा। उन्होंने कहा, ‘आज मुझे लाल किले की प्राचीर से ऑपरेशन सिंदूर के वीर जांबाजों को सैल्यूट करने का अवसर मिला है। हमारे सैनिकों ने दुश्मनों को उनकी कल्पना से परे सजा दी है। 22 अप्रैल को पहलगाम में सीमा पार से आतंकियों ने जिस प्रकार का कत्ले आम किया। धर्म पूछकर लोगों को मारा।’

PM Modi का लाल किले से ऐलान: दीवाली पर घटेगा GST रिफॉर्म से टैक्स, नई रोजगार योजना की शुरुआत

अभी पाकिस्‍तान की नींद उड़ी हुई है   

पीएम मोदी ने कहा, ‘पूरा हिंदुस्तान आक्रोश से भरा हुआ था। पूरा विश्व इस संहार से चौंक गया था। ऑपरेशन सिंदूर उसी आक्रोश की अभिव्यक्ति है। हमने सेना को खुली छूट दी। हमारी सेना ने वो करके दिखाया, जो कई दशकों तक भुलाया नहीं जा सकता। सैकड़ों किमी दुश्मन की धरती में घुसकर आतंकियों को नेस्तनाबूद किया। पाकिस्तान की नींद अभी उड़ी है। पाकिस्तान में हुई तबाही इतनी बड़ी है कि रोज नए खुलासे हो रहे हैं। हमारा देश कई दशकों से आतंक को झेलता आया है। देश के सीने को छलनी कर दिया गया है। हमने न्यू नॉर्मल प्रस्थापित किया है। आतंकियों और उनको पालने-पोसने वालों को हम अलग-अलग नहीं मानेंगे।

उन्‍होंने कहा, भारत ने तय कर लिया है कि न्यूक्लियर की धमकियों को हम सहने वाले नहीं है। न्यूक्लियर ब्लैकमेल लंबे वक्त से चला आ रहा है। अब ब्लैकमेल नहीं सहेंगे। आगे भी अगर दुश्मनों ने ये कोशिश जारी रखी, सेना तय करेगी, वह जो समय , तौर-तरीके, लक्ष्य निर्धारित करेगी, हम अमल में लाने वाले हैं। मुंहतोड़ जवाब देंगे। भारत ने तय कर लिया है कि खून और पानी एकसाथ नहीं बहेंगे।

परिश्रम में जो तपा है, उसने ही तो इतिहास रचा है

पीएम मोदी ने कहा कि जब हम लोकतंत्र और स्वतंत्र भारत की बात करते हैं, तो हमारा संविधान हमारे लिए प्रेरणा का स्रोत होता है। लेकिन आज से 50 साल पहले संविधान का गला घोंट दिया गया था। देश में आपातकाल लगाया गया था। देश की किसी भी पीढ़ी को संविधान की हत्या करने वाले पापियों को भूलना नहीं चाहिए। मैंने इसी लाल किले से पंच प्रण की बात कही थी। एक बार फिर से स्मरण करना चाहता हूं। भारत को विकसित बनाने के लिए न झुकेंगे, न रुकेंगे, परिश्रम की पराकाष्ठा करेंगे, 2047 में विकसित भारत बनाकर रहेंगे।

उन्‍होंने कहा कि हम जीवन में, व्यवस्था, परंपराओं में गुलामी का कोई कण बचने नहीं देंगे। हम अपनी विरासत पर गर्व करेंगे। हमारी पहचान का सबसे बड़ी पहचान विरासत है, इसका गर्व करेंगे। एकता सबसे शक्तिशाली मंत्र है। एकता की डोर कोई काट न सके, इसका संकल्प लेंगे। मां भारती के प्रति कर्तव्य निभाना पूजा, आराधना से कम नहीं है। इसी भाव से हम सब मातृभूमि के कल्याण के लिए परिश्रम की पराकाष्ठा करते हुए 2047 विकसित भारत के लक्ष्य के लिए अपने आप को खपा देंगे, झोंक देंगे। नए अवसरों का निर्माण करेंगे। 140 देशवासियों के सामर्थ्य से आगे बढ़ते रहेंगे।

हमें याद रखना है- परिश्रम में जो तपा है, उसने ही तो इतिहास रचा है। जिसने फौलादी चट्टानों को तोड़ा है, उसने ही समय को मोड़ा है। और समय को मोड़ देने का भी यही समय है, सही समय है। एक बार बार फिर आजादी के महान पर्व की अनेक-अनेक शुभकामनाएं। भारत माता की जय…।

डिफेंस में हम आत्मनिर्भरता का लक्ष्य लेकर चले

मोदी ने कहा, आत्मनिर्भरता की दम पर सेना बिना रुके अपना काम करती रही। डिफेंस में हम आत्मनिर्भरता का लक्ष्य लेकर चले, उसके नतीजे दिखने लगे हैं। 21वीं सदी टेक्नोलॉजी ड्रिवन है। जिन देशों ने टेक्नोलॉजी में महारत हासिल की, वे शिखर पर पहुंच गए। हम जब टेक्नोलॉजी के आयामों की बात करता हूं। मैं यहां किसी सरकार की आलोचना नहीं कर रहा। देश में 50-60 पहले सेमी कंडक्टर को लेकर विचार शुरू हुआ। आज सेमीकंडक्टर जब दुनिया की ताकत बन गया, 50-60 पहले वो फाइलें अटक-लटक गई। सेमीकंडक्टर के विचार की भ्रूण हत्या हो गई। कई देश सेमीकंडक्टर में महारत हासिल करके राज कर रहे हैं। आज हम उस बोझ से मुक्त होकर सेमीकंडक्टर के काम को आगे बढ़ाया है। इसी साल के अंत तक मेड इन इंडिया चिप्स भारत में आ जाएगी।

भगवान कृष्ण के काल से लेकर अब तक बदला युद्ध का स्वरूप

प्रधानमंत्री ने कहा कि कल जन्माष्टमी का पावन पर्व है, भगवान श्री कृष्ण का जन्मोत्सव। जब मैं भगवान कृष्ण के बारे में सोचता हूं, तो मैं यह भी सोचता हूं कि आज दुनिया भर में युद्ध का स्वरूप कैसे बदल रहा है। भारत ने युद्ध के हर नए स्वरूप से निपटने की अपनी क्षमता का प्रदर्शन किया है। ऑपरेशन सिंदूर के दौरान, हमने तकनीक के मामले में अपनी ताकत दिखाई, जब पाकिस्तान ने हमारे सैन्य ठिकानों, एयरबेस, रक्षा प्रतिष्ठानों, आस्था के केंद्रों और नागरिकों को निशाना बनाया, उनकी मिसाइलों और ड्रोन को नियंत्रित तरीके से रोका गया। देश ने इसे देखा, और पिछले दस वर्षों के प्रयासों की बदौलत, हमारी सेनाओं और हमारी तकनीक ने बिना कोई बड़ा नुकसान पहुंचाए हर हमले को नाकाम कर दिया।

डिफेंस को मजबूत करने देश सुदर्शन चक्र मिशन लॉन्च करेगा

भगवान श्रीकृष्ण से प्रेरणा लेकर सुदर्शन चक्र की राह चुनी है। महाभारत की लड़ाई के दौरान श्रीकृष्ण ने सुदर्शन चक्र से सूर्य के प्रकाश को रोक दिया था और दिन में अंधेरा दिया था। तब अर्जुन ने जयद्रथ का वध करने की शपथ पूरी हुई थी। अब देश सुदर्शन चक्र मिशन लॉन्च करेगा। यह मिशन एक पावरफुल सिस्टम होगा। यह दुश्मन के हमले नाकाम करने के साथ दुश्मन पर हिटबैक भी करेगा।

उन्‍होंने कहा, हमें भारत के मिशन सुदर्शन के लिए मूलभूत बातें तय की हैं। ये पूरा आधुनिक सिस्टम, रिसर्च-डेवलमेंट देश में ही हो, देश के नागरिकों की तरफ से ही हों। सुदर्शन चक्र की ताकत थी, वो जहां जाना होता था, वहीं जाता था यानी प्रिसाइज था। इसके जरिए भी हम टारगेटेड तरीके से आगे बढ़ेंगे। मैं प्रतिबद्धता से इस आगे बढ़ने का वचन देता हूं।

आने वाले 10 साल में देश को टेक्नोलॉजी के द्वारा सुरक्षा कवच देंगे

अब युद्ध के तरीके बदल रहे हैं। पाकिस्तान ने संवेदनशील क्षेत्रों, धार्मिक स्थलों पर ड्रोन से हमले किए, लेकिन उनके हर हमले को हमारी टेक्नोलॉजी ने तिनके की तरह बिखेर दिया। जब युद्ध के मैदान में टेक्नोलॉजी का विस्तार हो रहा है, तब लोगों की सुरक्षा के लिए महारत का विस्तार (अपग्रेड) करने की जरूरत है।

मैंने संकल्प लिया है, आपका आशीर्वाद चाहिए। समृद्धि कितनी भी हो, सुरक्षा के बिना कुछ भी नहीं है। आने वाले दस साल में 2035 तक देश के सामरिक के साथ-साथ सभी अहम केंद्रों को टेक्नोलॉजी के द्वारा सुरक्षा कवच दिया जाएगा। देश का हर नागरिक सुरक्षित महसूस करे, कोई भी हम पर हमला करने आ जाए, टेक्नोलॉजी हमें सुरक्षित रखे।

प्रकृति हम सबकी परीक्षा ले रही है

पीएम मोदी ने कहा, ‘आज यहां सरपंच, लखपति दीदी समेत कई लोग हैं। मैं यहां लघु भारत के दर्शन कर रहा हूं। प्रकृति हम सबकी परीक्षा ले रही है। पिछले दिनों प्राकृतिक आपदाएं, बादलों का आपदा न जानें कितनी आपदाएं झेल रहे हैं। पीड़ितों के साथ हमारी संवेदनाएं हैं। राज्य सरकारों के साथ हम बचाव के काम में जुटे हुए हैं।’

घुसपैठिए नौजवानों की रोजी छीन रहे, यह बर्दाश्त नहीं

अपने भाषण में पीएम ने कहा कि मैं एक चुनौती के लिए आगाह करना चाहता हूं। सोची-समझी साजिश के तहत संकट के बीज बोए जा रहे हैं। घुसपैठिए देश के नौजवानों की रोजी छीन रहे हैं, महिलाओं को निशाना बना रहे हैं, आदिवासियों की जमीन पर कब्जा कर रहे हैं। देश इसे बर्दाश्त नहीं करेगा। जब डेमोग्राफी में बदलाव होता है तो देश में संकट आ जाता है। दुनिया का कोई देश घुसपैठियों को बढ़ावा नहीं दे सकता। पूर्वजों ने हमें यही सिखाया है, इन घुसपैठियों को दाखिल नहीं होने देना है। हमने हाईपावर्ड डेमोग्राफी मिशन शुरू किया है। इसके तहत हम इस संकट से निपटने के लिए आगे बढ़ेंगे।

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