बेंगलुरु: कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार (10 अगस्त) को कई बड़ी सौगातें दीं। उन्होंने तीन वंदे भारत एक्सप्रेस को हरी झंडी दिखाई, बेंगलुरु मेट्रो के तीसरे चरण की नींव रखी और येलो लाइन पर मेट्रो ट्रेनों की शुरुआत की। इस दौरान पीएम ने खुद भी मेट्रो में सफर किया और एक जनसभा को भी संबोधित किया। देश के आईटी हब के नाम से मशहूर बेंगलुरु की कुछ दिलचस्प और अनोखी बातें जानिए…
VIDEO | PM Narendra Modi (@narendramodi_in) took a tour and had a chit chat with school students inside Vande Bharat Express train which will ply between Bengaluru and Belagavi. It is being flagged off from KSR Railway Station in Bengaluru.
(Source: Third Party)#VandeBharat pic.twitter.com/RfQaTFBnFV
— Press Trust of India (@PTI_News) August 10, 2025
देश का सिलिकॉन वैली और बायोटेक हब
आईटी कंपनियों का गढ़- तकनीकी क्रांति के बाद बेंगलुरु देश का आईटी हब बन गया। 2016 की एक रिपोर्ट के अनुसार, यहां 212 आईटी कंपनियां थीं, जो आज कहीं ज़्यादा हैं। इसी कारण इसे ‘सिलिकॉन वैली ऑफ इंडिया’ कहा जाता है।
बायोटेक का केंद्र- भारत की 47% से अधिक बायोटेक्नोलॉजी कंपनियां अकेले बेंगलुरु में हैं। इनमें देश की सबसे बड़ी बायोटेक कंपनी बायोकॉन भी शामिल है।
बेंगलुरु का गौरवशाली इतिहास
पहला बिजली से जगमगाता शहर- सन् 1906 में भारत में पहली बार हाइड्रोइलेक्ट्रिक पावर की शुरुआत हुई थी और बेंगलुरु देश का पहला शहर था, जो बिजली से रोशन हुआ था।
मालगुडी डेज का जन्म- मशहूर लेखक आरके नारायण ने अपने उपन्यास ‘मालगुडी डेज’ के लिए दो पुराने इलाकों, मल्लेश्वरम और बासवनागुडी, को मिलाकर ‘मालगुडी’ नाम दिया था।
रवा इडली की शुरुआत- दूसरे विश्व युद्ध के दौरान जब चावल की कमी हुई, तो बेंगलुरु में ही रवा इडली का आविष्कार हुआ। आज यह डिश पूरे दक्षिण भारत में लोकप्रिय है।
शहर के नाम की कहानी- एक कहानी के अनुसार, होयसल शासक वीरा बल्लाल को उबले बीन्स परोसे गए थे, जिसे उन्होंने ‘बेंदा-काल-उरु’ (उबले बीन्स का स्थान) कहा, जो बाद में बेंगलुरु बन गया।
सबसे पुरानी आर्मी रेजिमेंट- बेंगलुरु में स्थित मद्रास सैपर्स (मद्रास इंजीनियरिंग ग्रुप) भारत की सबसे पुरानी आर्मी रेजिमेंट में से एक है, जिसकी स्थापना 1770 में हुई थी।
मनोरंजन और प्रकृति का अद्भुत मेल
एशिया में सबसे ज़्यादा पब- बेंगलुरु में काम के साथ-साथ मनोरंजन भी खूब होता है। यह पूरे एशिया का ऐसा शहर है, जहां सबसे ज़्यादा पब हैं, इसलिए इसकी नाइट लाइफ काफी रोमांचक है।
फ्रीडम पार्क- यहां का फ्रीडम पार्क कभी सेंट्रल जेल हुआ करता था, जिसे अंग्रेजों ने स्वतंत्रता सेनानियों को कैद करने के लिए बनाया था।
सबसे पुरानी चट्टानें- लालबाग पार्क में मौजूद चट्टानें 2.5 से 3.4 अरब साल पुरानी हैं, जिन्हें राष्ट्रीय जियोलॉजिकल धरोहर घोषित किया गया है।