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संसद के दोनों सदनों में SIR पर विपक्ष का हंगामा, कार्यवाही कल तक के लिए स्‍थगित

संसद के दोनों सदनों में SIR पर विपक्ष का हंगामा, कार्यवाही कल तक के लिए स्‍थगित

नई दिल्‍ली: संसद का शीतकालीन सत्र सोमवार (01 दिसंबर) से शुरू हो गया। दोनों सदनों में SIR और वोट चोरी के आरोप के मुद्दे पर हंगामा हुआ। इसके चलते लोकसभा और राज्‍यसभा की कार्यवाही मंगलवार (02 दिसंबर) सुबह 11 बजे तक के लिए स्‍थगित कर दी गई है। इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संसद के बाहर मीडिया से 10 मिनट बात की।

प्रधानमंत्री ने कहा, विपक्ष हाल के चुनावों में पराजय की निराशा से बाहर निकले और सदन में मजबूत मुद्दे उठाए। अगर विपक्ष चाहे तो मैं उन्हें टिप्स देने के लिए तैयार हैं कि कैसे परफॉर्म किया जाए। उन्‍होंने कहा कि यह सत्र पराजय की हताशा या विजय के अहंकार का मैदान नहीं बनना चाहिए। नई पीढ़ी के सदस्यों को अनुभव का लाभ मिलना चाहिए। यहां ड्रामा नहीं, डिलीवरी होनी चाहिए। यहां जोर नीति पर होना चाहिए, नारों पर नहीं।

PM ने किया राज्यसभा के नए सभापति सीपी राधाकृष्णन का अभिवादन  

आज राज्यसभा में सीपी राधाकृष्णन के उपराष्ट्रपति निर्वाचित होने के बाद संसद का यह पहला सत्र है। सीपी राधाकृष्णन का बतौर राज्यसभा सभापति यह पहला दिन भी है। इस मौके पर पीएम मोदी ने कहा, सदन के माध्यम से देश को प्रगित पर ले जाने के लिए जरूरी मुद्दों पर चर्चा और आपका अमूल्य मार्गदर्शन हम सबके लिए है। आपको मैं (राज्यसभा के सभापति सीपी राधाकृष्णन) बहुत बधाई देता हूं। आपका अभिनंदन देता हूं।

उन्‍होंने कहा, इस सदन में बैठे सभी सदस्य गरिमा बनाए रखेंगे, ये मैं आपको भरोसा दिलाता हूं। हमारे सभापति जी एक सामान्य परिवार से आते हैं। किसान परिवार से हैं। पूरा जीवन समाज सेवा के लिए समर्पित किया है। समाजसेवा उनकी निरंतरता रही है। राजनीतिक क्षेत्र उसका एक पहलू रहा है। लेकिन मुख्यधारा समाज के लिए रही है। आपका यहां तक पहुंचना हम सबका मार्गदर्शन करता है।

खड़गे ने उठाया धनखड़ के इस्‍तीफे पर सवाल

इसके बाद नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने सभापति का अभिवादन किया। खड़गे ने इस दौरान पूर्व सभापति जगदीप धनखड़ के अचानक इस्तीफे पर सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि मुझे इस बात का दुख है कि सदन को पूर्व सभापति को फेयरवेल देने का मौका नहीं मिला।

उन्‍होंने कहा कि असलियत यह है कि संसदीय मर्यादा और संसदीय प्रणाली को पिछले 11 साल से सरकार ने लगातार कुचला है उसकी लंबी फेहरिस्त है। सच्चाई यही है कि आम आदमी बेरोजगारी, महंगाई, आर्थिक असमानता और देश के बहुमूल्य संसाधनों की लूट से जूझ रहा है और सत्ता में बैठे लोग, सत्ता के अहंकार में ड्रामेबाजी का खेल, खेल रहे हैं।

वहीं, खड़गे की टिप्पणी पर भाजपा अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने पलटवार किया। नड्डा ने कहा कि आपको बिहार, हरियाणा, महाराष्ट्र की हार ने काफी तकलीफ पहुंचाई है। आपको अपनी तकलीफ डॉक्टर को बताना चाहिए।

AIADMK सांसद बोलीं- SIR पर चर्चा से सरकार बच रही

स्पेशल इंटेंसिव रिविजन के मुद्दे पर राज्यसभा से विपक्ष के वॉकआउट के बाद AIADMK सांसद कनिमोझी NVN सोमू ने सरकार पर चर्चा से बचने का आरोप लगाया। कनिमोझी ने कहा- SIR मुद्दा बिजनेस एडवाइजरी कमेटी में उठाया गया था और मंत्री ने इसे चर्चा के लिए स्वीकार भी किया था, लेकिन सदन में आते ही सरकार ने समय देने की बात कहकर मुद्दे को टाल दिया।

उन्होंने कहा कि यह शीतकालीन सत्र बहुत छोटा है। कुल 15 कार्य दिवस, जिनमें से निजी सदस्यों के विधेयकों को छोड़कर केवल 12 दिन ही चर्चा के लिए बचते हैं। उन्होंने कहा कि जब पहले से 13 बिल सूचीबद्ध हैं, तो SIR पर चर्चा के लिए समय कब मिलेगा? सरकार लगातार समय मांगकर इस मुद्दे से बच रही है।

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