नई दिल्ली: लोकसभा में महिला आरक्षण को लागू करने और सीटों के परिसीमन के लिए तीन संशोधित बिलों पर शुक्रवार को लोकसभा में दूसरे दिन चर्चा जारी है। इसी बीच, जदयू से मोदी सरकार में मंत्री ललन सिंह ने कहा कि अखिलेश जी हमारे मित्र हैं। उनके (कांग्रेस) चक्कर में मत पड़िए, उनको झटका मारिए। बिहार में उनका क्या हुआ, जानते हैं न। लगातार कांग्रेस की सीटें घटती गईं। यह सुनकर अखिलेश यादव मुस्कुराने लगे।
सपा सांसद अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा और उसके फैसलों को समझना मुश्किल है। जब लोगों से कहा गया कि उनका SIR होगा, तो SIR के बहाने NRC कर रहे थे। अगर भविष्य में NRC होगी, तो ये कौन से नए कागज मांगेंगे। अब महिला आरक्षण के बहाने ये अपनी मनमर्जी से परिसीमन करेंगे, जिससे ये कभी हारे नहीं। ये सब जनता देख रही है।”
महिला आरक्षण बिल पर डिंपल यादव का बयान
सपा सांसद डिंपल यादव ने महिला आरक्षण बिल पर कहा, सत्ता पक्ष भ्रम फैला रहा है कि विपक्ष महिला आरक्षण के खिलाफ है। यह सच नहीं है। 2023 में पक्ष और विपक्ष ने मिलकर नारी शक्ति वंदन बिल पास किया था। अब ये संशोधन ला रहे हैं, इस पर संदेह है। 2023 में कहा गया था कि जनगणना होगी।
उन्होंने कहा कि 2024 में भाजपा अकेले बहुमत नहीं पा सकी। ढाई साल निकाल दिए गए, लेकिन जनगणना नहीं कराई गई। आपकी मंशा नहीं थी कि 2029 में महिलाएं सदन में आएं। अब अचानक जल्दबाजी क्यों दिखाई जा रही है?
शशांक मणि ने कही ये बात
इधर, देवरिया से भाजपा सांसद ने शशांक मणि ने कहा कि महिलाओं के लिए ये विधेयक लाया जा रहा है। इससे पूरे देश का भला होगा। वहीं, कांग्रेस सांसद प्रमोद तिवारी ने कहा, पीएम मोदी को सफर करना पड़ेगा, क्योंकि वह महिलाओं को धोखा दे रहे हैं। 2023 में ये बिल पारित हो चुका है।
पीएम बहुत मीठी बात बोल कर चले गए: सपा सांसद
सपा सांसद धौरहरा आनंद भदौरिया ने कहा कि साल 2023 में जो महिला आरक्षण बिल पास हुआ था, उसे लागू नहीं किया। जबकि जिस संशोधन बिल पर चर्चा हो रही है, उसका नोटिफिकेशन आधी रात को जारी कर दिया। कल पीएम बहुत मीठी बात बोल कर चले गए। आप परिसीमन के नाम पर नई सियासी सरहदें खींची जाएंगी। नई समीकरण बनाएं जाएंगे। जिनके हाथ में सियासी ताकत है, उन्हें ही फायदा मिलेगा। जो पीछे छूटे हैं, उनको इंसाफ कैसे मिलेगा। सत्ता पक्ष के लोगों ने कहा कि मुस्लिम बहनों को आरक्षण नहीं देंगे। शोषित पीड़ित वंचित को यदि हिस्सेदार नहीं बनाओ, जो संसद के दरवाजे तक सदियों से पहुंच न पाए हैं, उनकी आवाज दबाकर कैसे उत्सव कर पाओगे। महिला आरक्षण में पीडीए को लाना होगा।
हेमा मालिनी बोलीं– आज एक भावनात्मक दिन, यह बिल महिलाओं की आवाज बनेगा
मथुरा से सांसद हेमा मालिनी ने महिला संशोधन और परिसीमन बिल पर कहा कि आज एक भावनात्मक दिन है। यह महिलाओं के संघर्ष का परिणाम है। यह बिल महिलाओं की आवाज बनेगा। जब महिला आगे बढ़ती है, तो पूरा समाज आगे बढ़ता है। आने वाली पीढ़ियों की बेटियों को विश्वास दिलाना है कि वे भी आगे बढ़ सकती हैं। वे कानून बना सकती हैं। अपने सपनों को सच कर सकती हैं। मैं सदन में गर्व के साथ कह सकती हूं कि 2014 में जब से पीएम मोदी आए हैं, तब से महिलाओं के लिए कई कानून बनाए गए हैं। इसका उद्देश्य महिलाओं की सुरक्षा के साथ उन्हें आगे बढ़ाना है।
हेमा मालिनी ने कहा कि योजना लाना या कानून बनाना ही नहीं, उन्हें साकार भी किया गया है। आज महिलाएं हर क्षेत्र में आगे हैं। आज पृथ्वी से लेकर अंतरिक्ष तक महिलाएं पहुंची हैं। सफलता के झंडे गाड़ रही हैं। निर्मला सीतारमण और राष्ट्रपति के रूप में द्रौपदी मुर्मू नेतृत्व प्रदान कर रही हैं।
चंद्रशेखर बोले– परिसीमन से पहले सर्वदलीय कमेटी बनाई जाए
नगीना सांसद चंद्रशेखर ने कहा कि अंबेडकर साहब ने संविधान बनाते समय कहा था कि किसी भी समाज की बढ़ोतरी को महिलाओं की बढ़ोतरी मानता हूं। पंचायतों में महिलाएं नेतृत्व करती हैं, लेकिन सच्चाई यह है कि उनके पति काम संभालते हैं। न्यायपूर्ण आरक्षण दिया जाना चाहिए। 33 प्रतिशत को बढ़ाकर 50 प्रतिशत किया जाना चाहिए। महिला आरक्षण में कोटा में कोटा लागू नहीं है। जब तक पिछड़े-वंचित वर्ग को आरक्षण नहीं मिलेगा, तब तक आरक्षण का फायदा नहीं होगा।
लोकसभा की तरह राज्यसभा में भी यह आरक्षण लागू किया जाना चाहिए। साथ ही लोकसभा, विधानसभा और विधान परिषद में भी ओबीसी समाज को आरक्षण दिया जाना चाहिए। मेरी मांग है कि परिसीमन से पहले सर्वदलीय कमेटी बनाई जानी चाहिए। सरकार के पास राज्य पुनर्गठन के प्रस्ताव को पास करना चाहिए।