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Strait of Hormuz में ईरानी सैनिकों की गोलीबारी, पूरे इलाके में तनाव चरम सीमा पर

Strait of Hormuz में ईरानी सैनिकों की गोलीबारी, भारतीय जहाजों को लौटना पड़ा!

Strait of Hormuz: स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में फिर तनाव बढ़ गया है। ब्रिटिश सेना ने शनिवार को पुष्टि की कि ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स की 2 गनबोट्स ने उस टैंकर पर गोलीबारी की, जो इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग से गुजर रहा था। हालांकि, यूके मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशंस सेंटर ने बताया कि टैंकर और उसमें सवार चालक दल पूरी तरह सुरक्षित हैं। जहाज की पहचान और उसका गंतव्य सार्वजनिक नहीं किया गया है। इस घटना से पहले ईरान ने घोषणा की थी कि उसने होर्मुज जलडमरूमध्य पर फिर से कड़े प्रतिबंध लागू कर दिए हैं।

अमेरिका के प्रतिबंधों के जवाब में उठाया कदम

‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ में आवाजाही रोकने का ईरान का कदम अमेरिका द्वारा ईरानी शिपिंग और बंदरगाहों पर लगाए गए प्रतिबंधों के जवाब में उठाया गया है। ईरान ने 7 सप्ताह से चल रहे संघर्ष के दौरान अधिकतर जहाजों की आवाजाही पर रोक लगाई हुई है और केवल उन्हीं जहाजों को अनुमति दी है जिन्हें वह अधिकृत करता है। ईरान की संयुक्त सैन्य कमान ने कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य पर नियंत्रण अब पहले की तरह सख्त सैन्य निगरानी में है। साथ ही चेतावनी दी गई है कि जब तक अमेरिका का प्रतिबंध जारी रहेगा, तब तक इस मार्ग से जहाजों की आवाजाही रोकी जाएगी।

अब ईरान की इजाजत से ही गुजर पाएंगे जहाज’

ईरान की संसद की राष्ट्रीय सुरक्षा समिति के प्रमुख इब्राहिम अजीजी ने कहा कि स्थिति ‘पहले जैसी व्यवस्था’ में लौट रही है, जिसमें जहाजों को ईरानी नौसेना की इजाजत और टोल देकर ही गुजरने दिया जाएगा। इस बीच, ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अरागची ने एक दिन पहले दावा किया था कि जलडमरूमध्य खुला रहेगा। यह बयान उस समय आया था जब लेबनान में इजरायल और ईरान समर्थित हिजबुल्लाह के बीच 10 दिन के युद्धविराम की घोषणा हुई थी।

अमेरिकी प्रतिबंध समझौता होने तक जारी रहेंगे’

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शुरुआत में संकेत दिया था कि होर्मुज की नाकेबंदी को खोलने पर विचार हो सकता है, लेकिन बाद में उन्होंने कहा कि जब तक समझौता नहीं होता, अमेरिकी प्रतिबंध पूरी तरह जारी रहेंगे, चाहे ईरान कुछ भी करे।

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