स्पोर्ट्स डेस्क: भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने सन् 1978 में पहला विमेंस वर्ल्ड कप खेला था। उस समय से लेकर 01 नवंबर, 2025 तक टीम एक भी ICC ट्रॉफी नहीं जीत पाई थी। रविवार यानी 02 नवंबर को 47 साल का सूखा खत्म हुआ। भारत ने साउथ अफ्रीका को 52 रन से फाइनल हराकर पहला वनडे वर्ल्ड कप अपने नाम कर लिया।
शेफाली वर्मा फाइनल में हाफ सेंचुरी लगाने वाली सबसे युवा बल्लेबाज बनीं। दीप्ति को ‘प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट’ चुना गया। वे एक टूर्नामेंट में भारत के लिए सबसे ज्यादा विकेट लेने वाली बॉलर भी बनीं। स्मृति मंधाना ने भारत के लिए वर्ल्ड कप के एक एडिशन में सबसे ज्यादा रन बनाए। अब हम जानते हैं IND-W vs SA-W फाइनल में बने टॉप रिकॉर्ड्स के बारे में…
𝙐𝙣𝙛𝙤𝙧𝙜𝙚𝙩𝙩𝙖𝙗𝙡𝙚 𝙎𝙘𝙚𝙣𝙚𝙨 😍
A victory lap full of joy and emotions by #TeamIndia at the DY Patil Stadium 🥳💙#WomenInBlue | #CWC25 | #INDvSA | #Champions pic.twitter.com/vO6nWIUGZh
— BCCI Women (@BCCIWomen) November 2, 2025
IND-W Vs SA-W फाइनल के टॉप-13 रिकॉर्ड्स
- भारतीय विमेंस ने अपने क्रिकेट करियर की पहली ICC ट्रॉफी जीत ली। टीम इससे पहले 2005, 2017 वनडे वर्ल्ड कप और 2020 टी-20 वर्ल्ड कप में रनर-अप रही थी।
- स्मृति मंधाना इस वर्ल्ड कप की सेकेंड टॉप स्कोरर रहीं। उन्होंने 9 मैच में 434 रन बनाए। पहले नंबर पर साउथ अफ्रीका की कप्तान लौरा वोल्वार्ट रहीं। उन्होंने 571 रन बनाए।
- दीप्ति शर्मा ने इस विमेंस वर्ल्ड कप में 22 विकेट चटकाए। वे टूर्नामेंट की टॉप विकेट टेकर बनीं। दीप्ति भारत के लिए वर्ल्ड कप में सबसे ज्यादा विकेट लेने के मामले में दूसरे नंबर पर भी पहुंच गईं। उनके नाम अब 35 विकेट हो गए। पूर्व तेज गेंदबाज झूलन गोस्वामी 43 विकेट के साथ टॉप पर हैं। दीप्ति को ‘प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट’ का खिताब भी मिला। उन्होंने 22 विकेट लेने के साथ 215 रन भी बनाए। वे वर्ल्ड कप में 200 प्लस रन के साथ 20 विकेट लेने वालीं दुनिया की पहली महिला प्लेयर भी बनीं।
- इस वर्ल्ड कप में भारत ने 9 मैच खेले। फाइनल तक भारत का सफर आसान नहीं रहा। टीम ने 3 लगातार हार के बाद वापसी की और सेमीफाइनल में ऑस्ट्रेलिया जैसी मजबूत टीम को हराया। भारत को 4 में जीत और 4 में हार मिली। एक मैच बेनतीजा रहा।
- भारत ने विमेंस वर्ल्ड कप फाइनल में दूसरा सबसे बड़ा स्कोर बनाया। टीम ने 7 विकेट खोकर 298 रन बनाए। इससे पहले 2022 में इंग्लैंड के खिलाफ ऑस्ट्रेलिया ने 5 विकेट खोकर 356 रन बनाए थे।
- शेफाली वर्मा विमेंस वर्ल्ड कप फाइनल में फिफ्टी लगाने वाली सबसे कम उम्र की प्लेयर बनीं। उन्होंने 21 साल 278 दिन की उम्र में यह कारनामा कर दिखाया। उनसे पहले ऑस्ट्रेलिया की जे. ई. डफीन ने 23 साल 235 दिन की उम्र में 2013 वर्ल्ड कप में फिफ्टी लगाई थी। शेफाली ने 2 विकेट भी चटकाए। उन्हें ‘प्लेयर ऑफ द मैच’ का अवॉर्ड मिला। वे सबसे कम उम्र में फाइनल में यह अवॉर्ड पाने वाली प्लेयर बनीं।
- विमेंस वर्ल्ड कप फाइनल में भारत के लिए सबसे ज्यादा रन बनाने का रिकॉर्ड शेफाली के नाम हो गया है। उन्होंने कल 87 रन की पारी खेली। इससे पहले 2017 के फाइनल में पूनम राउत ने इंग्लैंड के खिलाफ 86 रन बनाए थे।
- स्मृति मंधाना विमेंस वर्ल्ड कप के एक एडिशन में सबसे ज्यादा रन बनाने वाली भारतीय बन गईं। उन्होंने इस वर्ल्ड कप में 9 मैचों में 434 रन बनाए। इससे पहले यह रिकॉर्ड मिताली राज के नाम था, जिन्होंने 2017 वर्ल्ड कप में 409 रन बनाए थे।
- हरमनप्रीत कौर ने विमेंस वनडे वर्ल्ड कप नॉकआउट (सेमीफाइनल+फाइनल) में सबसे ज्यादा रन बना लिए हैं। उनके नाम अब 4 मैचों में 331 रन हो गए हैं। बेलिंडा क्लार्क ने 6 मैच में 330 रन बनाए थे।
- ऋचा घोष ने विमेंस वर्ल्ड कप के एक एडिशन में सबसे ज्यादा सिक्स लगा दिए हैं। उन्होंने फाइनल में 2 छक्के लगाए। इसी के साथ उनके नाम टूर्नामेंट में 12 सिक्स हो गए। वेस्टइंडीज की डिएंड्रा डॉटिन 2013 और साउथ अफ्रीका की लिजेल ली 2017 में 12-12 सिक्स लगा चुकी हैं।
- दीप्ति शर्मा विमेंस वर्ल्ड कप के एक सीजन में भारत के लिए सबसे ज्यादा विकेट लेने वालीं बॉलर बनीं। उनके नाम अब 22 विकेट रहे। दीप्ति ने शशिकला कुलकर्णी का रिकॉर्ड ब्रेक किया। उन्होंने 1981 में 20 विकेट लिए थे।
- साउथ अफ्रीका की कप्तान विमेंस वर्ल्ड कप के एक सीजन में सबसे ज्यादा रन बनाने वाली बैटर बन गईं। उनके नाम अब 571 रन हो गए। लौरा ने ऑस्ट्रेलिया की एलिसा हीली के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ा। हीली ने 2021 में 509 रन बनाए थे। वोल्वार्ट दूसरी ही खिलाड़ी बनीं, जिन्होंने एक ही वर्ल्ड कप (महिला या पुरुष) के सेमीफाइनल और फाइनल दोनों में शतक लगाया। उनसे पहले यह उपलब्धि एलिसा हीली ने 2022 वर्ल्ड कप में हासिल की थी।
- लौरा वोल्वार्ट ने विमेंस वनडे वर्ल्ड कप में सबसे ज्यादा 50+ स्कोर बनाने का रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया। उन्होंने 14वीं बार 50+ स्कोर बनाया। लौरा से पहले भारत की पूर्व कप्तान मिताली राज ने 13 बार यह कारनामा किया था।