लखनऊ: उत्तर प्रदेश के अयोध्या, गोरखपुर, सुल्तानपुर, कुशीनगर और संत कबीरनगर जिले में ओले गिरे हैं। कुशीनगर में तो सड़क पर सफेद चादर बिछ गई। वहीं, संत कबीरनगर में मटर के दाने से बड़े-बड़े ओले गिरे हैं। लखनऊ, बस्ती और गोंडा में तेज हवाओं के साथ सुबह जोरदार बारिश हुई। बाराबंकी, बहराइच समेत 10 शहरों में बादल छाए हुए हैं। सर्द हवाएं चल रही हैं, जिससे तापमान में 2-3 डिग्री की गिरावट दर्ज की गई। मौसम विभाग ने आज प्रदेश के 10 शहरों में बारिश का अलर्ट जारी किया है।
बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) के मौसम वैज्ञानिक मनोज श्रीवास्तव ने बताया कि पहाड़ों पर हो रही बर्फबारी के कारण मौसम में बदलाव आया है। अगले तीन दिनों तक ऐसा ही मौसम रहने की संभावना है। रविवार की बात करें तो वाराणसी सबसे गर्म शहर रहा, जहां अधिकतम तापमान 39.9 डिग्री रिकॉर्ड किया गया। वहीं, अयोध्या सबसे ठंडा रहा, जहां न्यूनतम तापमान 14 डिग्री दर्ज किया गया।
सीएम योगी बोले- अफसर प्रभावित इलाकों में दौरा करें
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को राहत बचाव कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि अफसर प्रभावित इलाकों में दौरा करें और लोगों की मदद करें। नुकसान का आकलन कर रिपोर्ट शासन को भेजें, जिससे आगे की कार्रवाई की जा सके।
मार्च के आखिरी हफ्ते में 42 डिग्री तक जाएगा तापमान
मौसम वैज्ञानिक मनोज श्रीवास्तव ने बताया कि पश्चिमी विक्षोभ का असर रविवार शाम को खत्म हो गया है। आज से तेज पछुआ हवा चलेगी, जिससे शाम को तापमान में थोड़ी गिरावट देखने को मिलेगी, लेकिन बुधवार से तापमान तेजी से बढ़ेगा। मार्च के दूसरे सप्ताह में ही पारा 40 डिग्री के करीब पहुंच चुका है। महीने के आखिरी सप्ताह में तापमान 42 डिग्री तक जा सकता है।
बारिश से गेहूं का दाना होगा कमजोर
कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि नवंबर से लेकर मार्च-अप्रैल तक होने वाली गेहूं की फसल के लिए यह असमय बारिश नुकसानदायक है। इस समय गेहूं की बाली में दाना पड़ चुका है और पकने का सीजन चल रहा है। बारिश, ओले और आंधी से गेहूं की फसल गिर सकती है, जिससे दाना मजबूत नहीं होगा। इससे गेहूं की पैदावार पर असर पड़ेगा। दाना काला और हल्का पड़ सकता है।
बेमौसम बारिश में बच्चों की सेहत का ख्याल रखें
बेमौसम बारिश का असर लोगों की सेहत पर भी पड़ सकता है। खांसी, जुकाम और बुखार होने की आशंका बढ़ जाती है। डॉक्टरों के मुताबिक, ऐसे मौसम में खानपान और रहन-सहन का खास ध्यान रखने की जरूरत है। बारिश में भीगने से बचें। लगातार तापमान के उतार-चढ़ाव के कारण छोटे बच्चे सबसे अधिक प्रभावित होते हैं।
बीमारियों से बचाने के लिए बच्चों के कपड़ों को साफ रखें। हरी सब्जियों को फ्रिज में अधिक देर तक न रखें और ठंडा पानी पीने से बचें। पंखे और कूलर की हवा से परहेज करें। छोटे बच्चों के गीले कपड़े समय पर बदलते रहें, ताकि उन्हें सर्दी, जुकाम और खांसी से बचाया जा सके।