आजमगढ़: महाराष्ट्र में समाजवादी पार्टी के विधायक अबू आसिम आजमी ने औरंगजेब मामले में दिए गए विवादित बयान पर अब सफाई दी है। उनका कहना है कि मेरे बयान को तोड़-मरोड़ कर पेश किया गया। औरंगजेब रहमतुल्लाह अलेह के बारे में मैंने वही कहा है, जो इतिहासकारों और लेखकों ने कहा था।
सपा विधायक अबू आजमी ने कई इतिहासकारों और लेखकों का नाम भी बताया। साथ ही कहा कि मैंने छत्रपति शिवाजी महाराज, संभाजी महाराज, ज्योतिबा बाई फुले, डॉक्टर भीमराव अंबेडकर के साथ अन्य किसी भी महापुरुष के बारे में कभी कोई अपमानजनक टिप्पणी नहीं की। इसके बाद भी मेरी इस बात से कोई यदि आहत हुआ है तो मैं अपने स्टेटमेंट को वापस लेता हूं। मेरे इस स्टेटमेंट को राजनीतिक मुद्दा बनाया जा रहा है। इस स्टेटमेंट के कारण महाराष्ट्र के विधानसभा सत्र को बंद करना महाराष्ट्र की जनता का नुकसान करना है।
आजमगढ़ में भी हुआ था विरोध प्रदर्शन
आजमगढ़ जिले के रहने वाले और महाराष्ट्र में समाजवादी पार्टी की राजनीति करने वाले अबू आजमी द्वारा औरंगजेब पर दिए गए बयान को लेकर आजमगढ़ में मंगलवार को भाजपा नेताओं ने पुतला फूंक कर विरोध जताया था। भाजपा नेताओं ने अबू आजमी पर कार्रवाई की मांग की थी।
क्या था अबू आजमी का बयान?
सपा विधायक अबू आजमी ने मुगल शासक औरंगजेब की तारीफ करते हुए कहा था कि हमें गलत इतिहास दिखाया जा रहा है। औरंगजेब ने कई मंदिर बनवाए थे और मैं उसे क्रूर शासक नहीं मानता हूं। अबू आजमी यही नहीं रुके। उन्होंने छत्रपति संभाजी महाराज और औरंगजेब के बीच लड़ाई को धार्मिक ना मानकर बल्कि सत्ता और संपति की लड़ाई बताया था। यदि कोई भी व्यक्ति यह बात कहता है कि यह लड़ाई हिंदू और मुसलमान को लेकर थी तो मैं इस पर विश्वास नहीं करता हूं।
अबू आजमी के इसी बयान को लेकर पूरे देश में घमासान मचा हुआ है और विपक्ष लगातार हमलावर है। हालांकि, अब्बू आजमी ने आज इस मामले को लेकर अपनी सफाई पेश कर दी है।