गोरखपुर: गोरखपुर चिड़ियाघर में बर्ड फ्लू का प्रकोप थमता नहीं दिख रहा है। भोपाल स्थित राष्ट्रीय उच्च सुरक्षा पशु रोग संस्थान की जांच में कुल आठ वन्यजीवों में एच5एन1 वायरस की पुष्टि हुई है। पहले चरण में भेजे गए चार मृत कौओं के नमूनों में से तीन में वायरस मिला।
दूसरे चरण में काकाटेल, बाघिन, दो तेंदुआ शावक और हिमालयन गिद्ध के नमूने भी पॉजिटिव पाए गए। संक्रमित वन्यजीवों में बाघिन और गिद्ध की स्थिति चिंताजनक है। चिड़ियाघर के उपनिदेशक डॉ. योगेश प्रताप सिंह के मुताबिक, खुले बाड़ों में कौओं की आसान पहुंच संक्रमण का प्रमुख कारण है। प्रशासन ने सभी बाड़ों पर निगरानी बढ़ा दी है। कुछ बाड़ों को टेंट और चादर से ढका गया है।
पांच वन्यजीवों की हो चुकी है मौत
पिछले डेढ़ महीने में पांच वन्यजीवों की मौत हो चुकी है। 30 मार्च को बाघ केसरी, 5 मई को भेड़िया भैरवी, 7 मई को बाघिन शक्ति और 8 मई को तेंदुआ मोना की मृत्यु हुई। बाघिन शक्ति के नमूने में बर्ड फ्लू की पुष्टि हुई थी। इसके अतिरिक्त, कानपुर भेजे गए बीमार शेर पटौदी की भी मृत्यु हो गई। विभाग के पास कौओं में वायरस के प्रसार का कोई ठोस आंकड़ा नहीं है। कौओं की आवाजाही रोकने के लिए अभी तक कोई प्रभावी व्यवस्था नहीं की जा सकी है।