उत्तर प्रदेश, राजनीति

नोएडा में दो दिन बवाल के बाद खुलीं फैक्ट्रियां, DM बोलीं- उपद्रव हुआ तो एजेंसी का लाइसेंस रद्द होगा

नोएडा में दो दिन बवाल के बाद खुलीं फैक्ट्रियां, DM बोलीं- उपद्रव हुआ तो एजेंसी का लाइसेंस रद्द होगा

नोएडा: नोएडा में दो दिन हुए बवाल के बाद बुधवार (15) अप्रैल को फैक्ट्रियां खुल गई हैं। यहां हालात सामान्य हैं, लेकिन फिर भी जगह-जगह फोर्स तैनात है। सीसीटीवी और ड्रोन से निगरानी की जा रही है। 16 कंपनी RAF और पीएसी लगाई गई है। कंपनियों के बाहर सैलरी हाईक के नोटिस चस्पा किए गए हैं।

डीएम मेधा रुपम ने कहा, अगर कोई आउटसोर्सिंग एजेंसी या उसका कर्मचारी गड़बड़ी या उपद्रव करता है तो उसकी जिम्मेदारी एजेंसी की भी होगी। ऐसी स्थिति में एजेंसी को ब्लैकलिस्ट किया जा सकता है। उसका लाइसेंस भी रद्द हो सकता है।

सैलरी बढ़ाने को लेकर हुआ बवाल

दरअसल, सैलरी बढ़ाने को लेकर सोमवार-मंगलवार को फैक्ट्री कर्मचारियों ने बवाल किया। 80 से अधिक जगहों पर पथराव किया। 350 कंपनियों में तोड़फोड़ की गई। मंत्री अनिल राजभर ने कहा कि इस पूरी घटना में बड़ी साजिश की बू आ रही है। कुछ देश विरोधी ताकतें इसमें शामिल हो सकती हैं।

वहीं, कंपनी मालिकों कहना है कि बाहरी लोगों ने माहौल को भड़काया। मजदूर कभी हिंसक प्रदर्शन नहीं कर सकते हैं। जहां से श्रमिकों की रोजी-रोटी चलती है, वो उसे नुकसान नहीं पहुंचा सकते। फिलहाल, पुलिस ने 4 महिलाओं समेत 396 लोगों को गिरफ्तार किया है।

नोएडा सेक्टर-63 में श्रमिक महिलाएं एकत्रित हुईं

नोएडा के सेक्टर-63 में श्रमिक महिलाएं कंपनी के बाहर एकत्रित हुईं। हालांकि, कंपनी आज बंद है। पुलिस ने उनसे भीड़ न लगाने को कहा। इसके बाद महिलाएं वापस चली गईं। वहीं, ग्रेटर नोएडा की शिव नादर यूनिवर्सिटी के बाहर कर्मचारी धरने पर बैठ गए। सैलरी और ओवर टाइम बढ़ाने की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे।

डीएम गौतमबुद्धनगर की आउटसोर्सिंग एजेंसी और संविदाकारों संग अहम बैठक

जिलाधिकारी की अध्यक्षता में विभिन्न औद्योगिक इकाइयों की आउटसोर्सिंग एजेंसी/संविदाकारों के साथ बैठक हुई। बैठक में जिलाधिकारी ने कहा कि आउटसोर्सिंग एजेंसी/संविदाकार उद्योग को चलाने तथा लोगों को रोजगार उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। ऐसे में सभी आउटसोर्सिंग एजेंसी/संविदाकारों की जिम्मेदारी है कि वे अपने कार्मिकों व श्रमिकों समेत शांति व्यवस्था बनाए रखें।

डीएम ने निर्देश दिया कि सभी संविदाकार शासन की गाइडलाइंस का शत प्रतिशत पालन सुनिश्चित करें। अगर किसी भी एजेंसी द्वारा या एजेंसी के कार्मिक/श्रमिक द्वारा उपद्रवी व्यवहार किया जाएगा तो उसकी जिम्मेदारी एजेंसी की भी होगी। ऐसे में उस एजेंसी को ब्लैक लिस्ट करते हुए एजेंसी का लाइसेंस निरस्तीकरण की कार्रवाई की जा सकती है ।

डीएम ने कहा– ठेकेदार गाइडलाइन का पालन करें

मंगलवार शाम डीएम ने अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) अतुल कुमार और विभिन्न औद्योगिक इकाइयों के ठेकेदारों के साथ मीटिंग की। उन्होंने कहा कि आउटसोर्सिंग एजेंसियां और ठेकेदार उद्योग चलाने और लोगों को रोजगार देने में अहम भूमिका निभाते हैं। इसलिए उनकी जिम्मेदारी है कि वे अपने कर्मचारियों को इस तरह प्रशिक्षित करें कि वे अनुशासन में रहें। शांति बनाए रखें। अगर श्रमिक उपद्रव करते हैं, एजेंसियों के खिलाफ कार्रवाई होगी।

जिलाधिकारी ने बताया कि सरकार ने मजदूरों को वेतन बढ़ा दिया है। इसके अनुसार, अकुशल श्रमिक के लिए 13,690 रुपये, अर्धकुशल के लिए 15,059 रुपये और कुशल श्रमिक के लिए 16,868 रुपये प्रति माह दिए जाएंगे। सभी ठेकेदार इन वेतन मानकों का पालन करें। श्रमिकों के बैंक खातों में पूरा वेतन भेजें। डीएम ने सभी से अपील की कि किसी भी अफवाह पर ध्यान न दें। आपसी सहयोग के साथ काम करते हुए शांति बनाए रखें।

यूनियन लीडर बोले– आंदोलन से कोई लेना-देना नहीं

ऑल इंडिया सेंटर काउंसिल ट्रेड यूनियन के जिलाध्यक्ष अमर सिंह का कहना है कि हिंसा और आंदोलन से यूनियन का कोई लेना-देना नहीं है। आंदोलन श्रमिकों ने किया था। एमएसएमई इंडस्ट्रियल एसोसिएशन नोएडा के अध्यक्ष सुरेंद्र नाहाटा ने बताया कि सेक्टर-1 से 6 तक इंडस्ट्री खुल रही हैं। शेष फैक्ट्रियां भी खुलेंगी।

नोएडा में श्रमिकों के प्रदर्शन को लेकर यूपी के पुलिस महानिदेशक (DGP) राजीव कृष्ण ने कहा कि जिले में स्थिति पूरी तरह सामान्य है। कहीं भी कानून-व्यवस्था की समस्या नहीं है। सभी वरिष्ठ अधिकारी मौके पर मौजूद हैं। हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है।

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