- पारंपरिक गीत ‘जोग अनारस जोग बनारस’ को मिल रही सराहना, परिवार संग सुने जा सकने वाले साफ-सुथरा संगीत
लखनऊ: राजधानी में इन दिनों भोजपुरी लोकसंगीत की मधुर गूंज सुनाई दे रही है। भोजपुरी गायिका कल्पना पांडेय अपने ताज़ा रिलीज़ पारंपरिक गीत को लेकर चर्चा में हैं। लखनऊ पहुंचीं गायिका ने गीत और भोजपुरी संगीत के बदलते रुझानों पर विस्तार से बातचीत की। उन्होंने बताया कि “जोग अनारस जोग बनारस” पूरी तरह भोजपुरी संस्कृति और परंपरा से जुड़ा गीत है। ऐसे समय में, जब कई भोजपुरी गीतों पर फुहड़ता के आरोप लगते रहे हैं, उनका प्रयास हमेशा ऐसे गीत प्रस्तुत करने का रहा है जिन्हें हर वर्ग के लोग, खासकर परिवार के साथ बैठकर सुन सकें। उन्होंने कहा कि इसी सोच के साथ तैयार किए गए इस गीत को श्रोताओं से सकारात्मक प्रतिक्रिया मिल रही है।
भोजपुरी भाषा को सही दिशा में प्रस्तुत करना कलाकारों की जिम्मेदारी
कल्पना पांडेय का मानना है कि भोजपुरी संगीत उद्योग में एक बार फिर लोकधुनों और पारंपरिक विषयों की वापसी हो रही है। अब श्रोता केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि अपनी जड़ों से जुड़ाव भी चाहते हैं। यही वजह है कि लोकगीत, विवाह गीत और क्षेत्रीय संस्कृति से जुड़े संगीत को पहले की तुलना में अधिक सराहा जा रहा है। उन्होंने कहा कि भोजपुरी भाषा और संस्कृति अत्यंत समृद्ध है, लेकिन उसे सही दिशा में प्रस्तुत करना कलाकारों की जिम्मेदारी है। साफ-सुथरे, अर्थपूर्ण और सांस्कृतिक मूल्यों से जुड़े गीत ही लंबे समय तक श्रोताओं के दिलों में जगह बना पाते हैं। गायिका ने संकेत दिया कि आने वाले समय में वह और भी पारंपरिक गीतों पर काम करेंगी, ताकि भोजपुरी संगीत की मूल पहचान को सहेजा जा सके। उनके अनुसार, संगीत केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि संस्कृति को आगे बढ़ाने का माध्यम भी है। लखनऊ प्रवास के दौरान उन्होंने स्थानीय कलाकारों और संगीत प्रेमियों से मुलाकात की तथा सामूहिक प्रयासों के जरिए भोजपुरी संगीत को नई ऊंचाइयों तक ले जाने पर जोर दिया।