लखनऊ: राजधानी में शुक्रवार (28 मार्च) से विधान भवन में युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय, भारत सरकार के तत्वावधान में विकसित भारत युवा संसद महोत्सव (VBYPF) का आयोजन किया जा रहा है। इसके तहत अगले दो दिन में 240 युवा विधानसभा में भाषण देंगे, जिनमें से तीन सर्वश्रेष्ठ युवा संसद जाएंगे। इसका लक्ष्य 18 से 33 वर्ष के युवाओं की आवाज को सुनना है। साथ ही युवाओं में निर्णय लेने की क्षमता विकसित करना है।
इस मौके पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कार्यक्रम में चुने गए सभी युवाओं का देश की सबसे बड़ी विधायिका में स्वागत किया। प्रधानमंत्री आने वाले समय में भारत में युवाओं की भूमिका को लेकर संकल्पित हैं। वह जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में नेतृत्व को विकसित करने का उद्देश्य रखते हैं। ‘माय भारत’ अभियान पर दो वर्ष से मंथन चल रहा था। आज 240 युवा देश की सबसे बड़ी विधायिका में आए हैं। आपके लिए गौरव की बात है।
लेखपाल से मुख्य सचिव तक जनता की सेवा के लिए
सीएम योगी ने आगे कहा कि संसदीय लोकतंत्र के तीन पिलर विधायिका, न्यायपालिका और कार्यपालिका से देश का संचालित होता है। विधायिका में अलग-अलग क्षेत्रों से चुने गए जनप्रतिनिधि अपनी बात रखते हैं। सभी के लिए नियम निर्धारित हैं। यहां जो नीति बनती है, वही सरकार के पास जाती है। कार्यपालिका उसे क्रियान्वित करती है। कोई कानून का पालन नहीं कर रहा हो तो उसकी सुनवाई के लिए न्यायपलिका है। लेखपाल से मुख्य सचिव तक प्रशानिक तंत्र जनता के लिए लगा रहता है। तीनों तंत्र एक दूसरे के पूरक हैं। एक नीति बनाता है। दूसरा उसे लागू करता है। तीसरा कोई कमी होने पर उसे दूर करता है।
उन्होंने कहा कि ट्रेंड चला कि ‘हमारी मांगे पूरी हों… चाहे जो मजबूरी हो’। इस वजह से तमाम समृद्ध शहर का प्रभावित हुए। प्रधानमंत्री ने 25 वर्ष का विजन डॉक्यूमेंट रखा। इसमें विकसित भारत की परिकल्पना साकार की गई। प्रधानमंत्री ने पंच प्रण की शपथ ली। वही पंच प्रण विकास का आधार बनेंगे। नेतृत्व का गुण विकसित करने के लिए आचार-विचार बेहद जरूरी है। आचरण बेहद जरूरी है।
मुख्यमंत्री ने सुनाई कथा
सीएम योगी ने कहानी सुनाई कि एक जंगल में दृष्टिबाधित रहता था। जंगल में शिकार की वजह से अंदर चल गया और भटक गया। रास्ते की खोज में लगे सैनिक ने दृष्टिबाधित से पूछा कि क्या किसी मृग को देखा है। उसने कहा कि मैं देख ही नहीं सकता। कुछ देर बाद राजा का मंत्री गुजरा और थोड़ा शालीनता से कहा, क्या किसी को गुजरते देखा है। उसने फिर वही जवाब दिया। कुछ देर बाद राजा पहुंचे।
राजा ने प्रणाम कर पूछा कि आप यहां कबसे रह रहे हैं। कैसे आजीविका चलती है। राजा ने भी वही सवाल पूछा तो दृष्टिबाधित ने कहा, हां पहले मृग, फिर सैनिक और मंत्री गुजरे। अब राजा आया है। राजा ने कहा कि आपको कैसे पता कि मैं राजा हूं। उसने कहा कि आपका लहजा बता रहा है। भारत में रिश्तों की अनुपम शृंखला है। भारत को बदनाम यहीं के लोगों ने किया। हमारा शिष्टाचार ही भारत की पहचान है।
देश की हर विधानसभा में आयोजित किए जा रहे कार्यक्रम
देश की हर विधानसभा में ये कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। लखनऊ विधानसभा में 240 युवाओं को चुना गया। जिला स्तर पर 24 नोडल केंद्रों में हर जिले के 150 युवाओं को बुलाया गया था। विषय था ‘वन नेशन और वन इलेक्शन’। राज्य स्तर पर दो विषय रखे गए हैं। यहां से चुने गए सर्वश्रेष्ठ तीन युवा संसद में पीएम नरेंद्र मोदी के सामने बोलेंगे।
इस मौके पर विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने राज्य स्तरीय विकसित भारत युवा संसद में आए हुए युवाओं का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि विधानसभा में नेगेटिव का परसेप्शन गलत है। आज सदन में डॉक्टर्स, इंजीनियर्स, व्यापारी, अधिकारी आदि रह चुके हैं। 40 साल में सदन को लेकर बनी नकारात्मकता आज दूर हुई है।