लखनऊ: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आयुष्मान भारत और मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत मरीजों को मिलने वाली स्वास्थ्य सुविधाओं में सुधार की घोषणा की है। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि पंजीकृत अस्पतालों का कोई भी बकाया न रहे और आयुष्मान कार्डधारकों के इलाज के बाद अधिकतम एक महीने के भीतर अस्पतालों को नियमानुसार भुगतान कर दिया जाए।
सीएम योगी ने कहा कि स्वास्थ्य क्षेत्र से हर व्यक्ति प्रभावित होता है, इसलिए यह सुनिश्चित किया जाए कि सभी जरूरतमंदों को समय पर और कम खर्च में बेहतर इलाज मिले। मरीजों की सुविधा और डॉक्टर्स की सहूलियत को ध्यान में रखते हुए नीतिगत सुधारों को आगे बढ़ाने का भी निर्देश दिया गया है।
मरीजों को इलाज करवाने में मिलेगी राहत
बता दें कि आयुष्मान योजना के तहत कई बार अस्पतालों को समय से बकाया का भुगतान नहीं होता है, जिस वजह से कई बार डॉक्टर इस योजना के तहत मरीजों की अपने अस्पताल में भर्ती नहीं करते। अब सीएम योगी के इस आदेश के बाद जहां नर्सिंग होम संचालकों को राहत मिलेगी। वहीं, मरीजों को भी इससे इलाज कराने में आसानी होगी।
मुख्यमंत्री योगी ने आगे कहा कि प्रदेश में वर्तमान में 80 मेडिकल कॉलेज संचालित हो रहे हैं, उन्होंने इनकी नियमित मॉनिटरिंग का आदेश दिया है। इसके अलावा सरकारी अस्पतालों में डॉक्टर्स की उपलब्धता सुनिश्चित करने और दवाओं की कमी को दूर करने के लिए भी ठोस कदम उठाने को कहा है। सीएम ने कहा कि गर्मी का मौसम शुरू हो चुका है।
जलापूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश
सीएम योगी ने का कहा कि विंध्य और बुंदेलखंड क्षेत्र में सुचारु जलापूर्ति सुनिश्चित होनी चाहिए, क्योंकि यहां गर्मी में पानी की समस्या सबसे अधिक होती है। इसके अलावा उन्होंने आदेश दिया कि कहीं भी आम आदमी को पानी की किल्लत नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि महाकुंभ प्रयागराज के आयोजन ने प्रदेश के हॉस्पिटैलिटी, टूरिज्म और ट्रांसपोर्ट सेक्टर को बड़ा बूस्ट किया है। अर्थव्यवस्था पर इसका गहरा असर पड़ा है। इस वर्ष जीडीपी के अंतिम आंकड़ों को तैयार करते समय महाकुम्भ से जुड़े डेटा को जरूर शामिल किया जाए।
बिजली को लेकर भी कही ये बातें
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ऊर्जा विभाग के शीर्ष अधिकारियों को फील्ड में उतरने का आदेश दिया है। उन्होंने कहा कि सभी डिस्कॉम की नियमित अंतराल पर समीक्षा की जाए, उपभोक्ताओं से संवाद करें। उनकी व्यवहारिक समस्याओं को सुनें और निस्तारण कराएं। यह सीधे तौर पर जनता से जुड़ा हुआ विभाग है, इसमें जनता से सीधा संवाद होना चाहिए।