लखनऊ: उत्तर प्रदेश पंचायत चुनाव 2026 के लिए ग्राम पंचायत का परिसीमन शनिवार (28 जून) से शुरू हो रहा है। ग्राम पंचायत में जनसंख्या का निर्धारण 28-30 जून के बीच होगा। परिसीमन में प्रस्तावित वार्डों पर आपत्तियां 4 जुलाई से 8 जुलाई के बीच ली जाएंगी। परिसीमन के लिए पंचायत राज विभाग ने कार्यक्रम जारी कर दिया है। 2026 में अप्रैल-मई में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव होने है।
उत्तर प्रदेश में निकाय चुनाव से पहले नई नगर पंचायत के गठन, नगर पालिका और नगर निगम के विस्तार के कारण बनाए ग्राम पंचायतों का परिसीमन होगा। सभी जिलों में ग्राम पंचायत, क्षेत्र पंचायत और जिला पंचायत के वार्डों के आंशिक परिसीमन के संबंध में आपत्तियां लेने, उनके निस्तारण और अंतिम सूची के प्रकाशन के लिए समयसारिणी निर्धारित कर दी गई है। ग्राम पंचायतवार जनसंख्या का निर्धारण 28-30 जून के बीच किया जाएगा।
16 जुलाई तक अंतिम सूची उपलब्ध कराने के निर्देश
ग्राम पंचायत, क्षेत्र पंचायत और जिला पंचायत के प्रादेशिक निर्वाचन क्षेत्रों (वार्डों) की प्रस्तावित सूची की तैयारी और उसका प्रकाशन 1 जुलाई से 3 जुलाई के मध्य होगा। अंतिम सूची का प्रकाशन 12 जुलाई से 14 जुलाई के बीच 4 जुलाई से 8 जुलाई तक आपत्तियां प्राप्त की जाएंगी। आपत्तियों का निस्तारण 9 जुलाई से 11 जुलाई तक किया जाएगा। वार्डों की अंतिम सूची का प्रकाशन 12 जुलाई से 14 जुलाई के बीच होगा। सभी जिलाधिकारियों अंतिम सूची 16 जुलाई तक पंचायतीराज निदेशालय को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए है।
शासनादेश में यह भी कहा गया है कि 2026 में होने वाले पंचायत चुनाव के मद्देनजर इस समयसारिणी का पालन हर हाल में किया जाए। जिन जिलों में नगर निकायों के सृजन या विस्तार के कारण कोई परिवर्तन नहीं हुआ है, वे भी इसकी सूचना उपलब्ध कराएं।
ये ग्राम पंचायतें होंगी प्रभावित
पंचायत चुनाव-2021 के बाद अधिकांश जिलों में नगर पंचायत, नगर पालिका परिषद व नगर निगम के गठन और सीमा विस्तार के कारण ग्राम पंचायतों की जनसंख्या 1000 से कम हो गई है। आंशिक परिसीमन के तहत शहरी क्षेत्रों में शामिल ग्राम पंचायतों को हटाने और बचे हुए राजस्व ग्रामों को नजदीकी ग्राम पंचायत में शामिल किया जाएगा।
नए ग्राम पंचायत क्षेत्र की हो सकती है घोषणा
राज्य सरकार एक हजार आबादी वाले ग्राम या ग्रामों के समूह को पंचायत क्षेत्र घोषित कर सकती है। ऐसी ग्राम पंचायत जिसका एक राजस्व ग्राम नगरीय निकाय में शामिल हो गया है साथ ही वो ग्राम पंचायत बनाने का मानक पूरा नहीं करता है, तो उसे नजदीकी ग्राम पंचायत में शामिल किया जाएगा। इसी तरह से जो कोई ग्राम पंचायत नगरीय क्षेत्र में शामिल हो गई है और उसका कोई शेष राजस्व ग्राम, ग्राम पंचायत बनाने के लिए मानक पूर्ण करता है तो उस दशा में उस राजस्व ग्राम को ग्राम पंचायत बनाया जा सकता है। एकल राजस्व ग्राम के नाम से गठित ग्राम पंचायत अगर आंशिक रूप से प्रभावित हुई है, पर उसकी जनसंख्या 1000 हो तो वह ग्राम पंचायत यथावत बनी रहेगी।