उत्तर प्रदेश, राजनीति

CBI ने केमिस्ट एसोसिएशन के दो पदाधिकारियों को दबोचा, एक इंस्पेक्टर बर्खास्त, दो निलंबित

CBI ने केमिस्ट एसोसिएशन के दो पदाधिकारियों को दबोचा, एक इंस्पेक्टर बर्खास्त, दो निलंबित

लखनऊ: सेंट्रल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (CBI) ने प्रतिबंधित दवा ‘कोडीन सिरप’ के मामले में एक और बड़ी कार्रवाई की है। टीम ने केमिस्ट एसोसिएशन बाराबंकी के जिलाध्यक्ष संतोष जायसवाल और देवा ब्लॉक अध्यक्ष सुनील जायसवाल को भी गिरफ्तार कर लिया है। दोनों पदाधिकारियों ने देवा नर्सिंग होम संचालक गयासुद्दीन से मामले को रफा-दफा कराने का ठेका लिया था।

इस मामले में आरोपी सेंट्रल ब्यूरो ऑफ नारकोटिक्स (CBN) के एक इंस्पेक्टर को बर्खास्त और दो को निलंबित कर दिया गया है। सीबीआई मामले के सभी आरोपियों को रिमांड पर पूरे नेटवर्क को खंगालने की तैयारी कर रही है।

CBN टीम ने 26 जुलाई को छापेमारी की थी

लखनऊ में 26 जुलाई को CBN टीम ने अमीनाबाद की ओल्ड मेडिसिन मार्केट स्थित एक गोदाम में छापेमारी कर करीब 20 लाख टैबलेट्स और 5700 कोडीन सिरप की बोतलें बरामद की थीं।बरामद खेप और दस्तावेजों के आधार पर फार्मा कंपनियों से जुड़े लेन-देन की जांच के दौरान नाम जोड़ने और हटाने नाम पर CBN के इंस्पेक्टरों ने रिश्वत का खेल शुरू कर दिया था। इंस्पेक्टरों को इन फार्मा कंपनियों से बाराबंकी के देवा नर्सिंग होम से भी लेन-देन की जानकारी मिली थी।

देवा नर्सिंग होम के मालिक गयासुद्दीन अहमद का मामले से नाम हटाने के नाम पर CNB के इंस्पेक्टरों ने 10 लाख रुपये में डील की थी। CBI को इस डील की जानकारी मिल गई। इस पर CBI अधिकारियों ने CNB के इंस्पेक्टरों की ट्रैकिंग और मामले की गोपनीय तरीके से पड़ताल शुरू की। जिसके बाद CBI ने CBN के इंस्पेक्टर महिपाल सिंह और रवि रंजन के कॉल डिटेल खंगाले। कॉल डिटेल से गयासुद्दीन अहमद से उनकी लगातार बातचीत की पुष्टि हुई।

महिपाल बर्खास्त, रवि रंजन और आदर्श योगी सस्पेंड

जांच में सामने आया कि नारकोटिक्स इंस्पेक्टर महिपाल सिंह, रवि रंजन और आदेश योगी नर्सिंग होम को क्लीन चिट देने के लिए 10 लाख रुपये की डिमांड कर रहे थे। महिपाल को प्रोबेशन अवधि में होने के कारण बर्खास्त कर दिया गया है, जबकि रवि रंजन और आदेश योगी को निलंबित कर दिया गया।

सीबीआई सभी आरोपियों को कोर्ट में पेश करने के बाद अब तीनों निरीक्षकों को रिमांड पर लेकर पूछताछ की तैयारी कर रही है। अधिकारियों की गिरफ्तारी से दवा कारोबारियों, नर्सिंग होम संचालकों और अफसरों के गठजोड़ का बड़ा नेटवर्क बेनकाब होने की उम्मीद है।

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