बरेली: जनपद में जुमे की नमाज़ के बाद शुक्रवार को ‘आई लव मोहम्मद’ के नारे लगाते हुए किए गए प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा और पथराव के मामले में पुलिस ने कई चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। पुलिस का दावा है कि इस हिंसा की प्लानिंग पिछले पांच दिनों से की जा रही थी और सुनियोजित तरीके से प्रदर्शन के दौरान असामाजिक तत्वों ने पथराव और फायरिंग की।
हालात को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को लाठीचार्ज भी करना पड़ा था। इस घटना में पुलिस के 10 कर्मी घायल हुए हैं, जिनका इलाज चल रहा है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, जांच में यह सामने आया है कि हिंसा की साज़िश में जो भी लोग शामिल थे, उनकी पहचान की जा रही है। पुलिस ने चेतावनी दी है कि सभी उपद्रवियों और साज़िश में शामिल लोगों पर राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (NSA) के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी।
प्रदर्शन आयोजित करने वालों पर भी होगी कार्यवाही
पुलिस यह भी कह रही है कि इस प्रदर्शन को आयोजित करने वालों के खिलाफ भी NSA लगाने की तैयारी की जा रही है। उपद्रवियों की पहचान के लिए हिंसा वाली जगहों के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं, और कई लोगों की सीडीआर (CDR) भी जाँची जा रही है।
थाना कोतवाली, बरेली क्षेत्रांतर्गत इत्तेहाद-ए-मिल्लत काउंसिल के आह्वान पर दिनांक 26.09.2025 (शुक्रवार) को जुमे की नमाज के पश्चात प्रस्तावित कार्यक्रम की अनुमति ना होने एवं पुलिस कार्यवाही आदि के संबंध में श्री अनुराग आर्य, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक बरेली की बाइट। #UPPolice pic.twitter.com/LUAsJkQn0O
— Bareilly Police (@bareillypolice) September 27, 2025
शांतिपूर्ण नमाज़ के बाद अचानक हुआ उपद्रव
पुलिस ने बताया कि जुमे की नमाज़ को लेकर पहले ही धार्मिक नेताओं से बात की गई थी, जिसके कारण 90-95 प्रतिशत लोग शांतिपूर्ण तरीके से नमाज़ पढ़कर चले गए थे। लेकिन, इसी बीच कुछ असामाजिक तत्व आए, जिन्होंने पुलिस पर पथराव और फायरिंग शुरू कर दी।
पुलिस का कहना है कि यह हमला पहले से की गई तैयारी का हिस्सा था। पुलिस ने घटना की फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी कराई है, जिसके आधार पर कुछ लोगों को गिरफ्तार किया गया है और बाकी अपराधियों की पहचान की जा रही है।