उत्तर प्रदेश, राजनीति

बरेली पुलिस की गोतस्करों से मुठभेड़, तीन तस्‍करों के पैर में लगी गोली; लापरवाही में 7 पुलिसकर्मी सस्‍पेंड

बरेली पुलिस की गोतस्करों से मुठभेड़, तीन तस्‍करों के पैर में लगी गोली; लापरवाही में 7 पुलिसकर्मी सस्‍पेंड

बरेली: इज्‍जतनगर के ग्राम फरीदापुर चौधरी में बीते दो दिनों से हो रही गौकशी की घटनाओं से हिंदू संगठनों में जबरदस्त आक्रोश था। नाले में लगातार गोवंशीय पशुओं के अवशेष मिलने से माहौल तनावपूर्ण बना हुआ था। हिंदू संगठनों ने दोनों दिन पहुंचकर विरोध जताया था।

एसएसपी अनुराग आर्य ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तुरंत तीन टीमों का गठन किया। रविवार रात मुखबिर की सटीक सूचना पर पुलिस ने सिद्धार्थ नगर केंद्रीय विद्यालय के पास घेराबंदी की। बाइक सवार संदिग्धों को जब रुकने का इशारा किया गया, तो उन्होंने बचने के लिए पुलिस टीम पर सीधे फायरिंग झोंक दी। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने भी गोलियां चलाईं, जिससे तीनों बदमाश मौके पर गोली लगने से गिर पड़े।

अपराधियों ने कबूला गुनाह

इस मुठभेड़ में बदमाशों की गोली लगने से सिपाही राहुल कुमार घायल हो गए हैं। वहीं, पुलिस की आत्मरक्षार्थ फायरिंग में तीनों तस्करों के पैर में गोलियां लगीं। घायल होने के बाद पुलिस ने तीनों बदमाशों को पकड़ लिया। पुलिस जब उन्हें अपने कंधों पर लादकर अस्पताल ले जाने लगी, तब वे गिड़गिड़ाते हुए बोले- “हाय अल्लाह, बड़ी गलती हो गई, अब कभी गौकशी नहीं करेंगे।”

पकड़े गए अपराधियों में असलम पुत्र अब्दुल, जीशान पुत्र असलम और नासिर पुत्र रहमतुल्लाह शामिल हैं। असलम पर पहले से ही गौवध और आर्म्स एक्ट के 5 मुकदमे दर्ज हैं। पुलिस ने इनके पास से तीन तमंचे, भारी मात्रा में कारतूस, एक बाइक और गौकशी में इस्तेमाल होने वाले औजार बरामद किए हैं।

लापरवाही पर सात पुलिसकर्मियों पर गिरी गाज

इस पूरे मामले में पुलिस महकमे के भीतर भी बड़ी कार्रवाई देखने को मिली है। घटना के शुरुआती दौर में लापरवाही बरतने के आरोप में एसएसपी अनुराग आर्य ने सात पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया है। सस्पेंड होने वालों में उपनिरीक्षक उमेश कुमार राय, उपनिरीक्षक अमित कुमार, हेड कांस्टेबल मोहम्मद सलीम, हेड कांस्टेबल पप्पूराम, हेड कांस्टेबल मनोज कुमार, हेड कांस्टेबल सर्वेश कुमार और कांस्टेबल अरुण कुमार शामिल हैं। सीओ सिटी थर्ड पंकज श्रीवास्तव की जांच रिपोर्ट में इन सभी की कार्यशैली पर सवाल उठाए गए थे, जिसके SSP ने बाद यह विभागीय कार्रवाई की है।

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