उत्तर प्रदेश, राजनीति

आजम खान की अखिलेश यादव से दूसरी मुलाकात, कहा- ये कोई नई नहीं, रिश्‍तों की मुलाकात थी   

आजम खान की अखिलेश यादव से दूसरी मुलाकात, कहा- ये कोई नई नहीं, रिश्‍तों की मुलाकात थी   

लखनऊ: समाजवादी पार्टी के कद्दावर नेता और पूर्व मंत्री आजम खान ने जेल से रिहा होने के बाद शुक्रवार को लखनऊ में सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव से दूसरी बार मुलाकात की है। इस हाई प्रोफाइल मीटिंग के बाद आजम ने मीडिया से बात करते हुए अपने साथ हुए अन्याय पर खुलकर बात की और कई तीखे बयान दिए।

आजम खान ने कहा, मुलाकात में क्या हुआ ये तो नहीं बताया जा सकता… बस इतना कहूंगा कि यह रिश्तों की मुलाकात थी, कोई नई मुलाकात नहीं… ये सिर्फ राजनीतिक रिश्ते नहीं हैं, बल्कि उस ज़माने के हैं (अखिलेश यादव के पिता के ज़माने के) जब हम सिर्फ विधायक थे और उस वक्त ये गुमान भी नहीं था कि हम कभी सरकार बना पाएंगे… आगे भी उम्मीद करते हैं कि हम सरकार बनाएंगे… बस फर्क इतना होगा कि हमें पता नहीं था कि सरकार का काम क्या-क्या होता है।

कोशिश बेकार नहीं जाएगी

पूर्व मंत्री ने कहा, हम तो बस ये समझते थे कि वहां बैठे आखिरी व्यक्ति को देखें कि कहीं उसकी आंखें नम तो नहीं, अगर हैं तो उसके आंसू पोंछें, अगर वह बेसहारा है तो सरकार उसका सहारा बने, हमें नहीं पता था कि सरकार का काम किसी को बर्बाद कर देना, फ़ना कर देना, खानदानों को नेस्तनाबूद कर देना भी है… इसका क्या अंजाम होगा? इस अंजाम से बचाने के लिए हम सब लोग मिलकर चाहते हैं कि कोशिश करें और हालात ऐसे हैं कि कोशिश बेकार नहीं जाएगी।

आजम खान ने कहा कि उनके साथ बहुत नाइंसाफी हुई है और वे चाहते हैं कि ऐसा किसी और के साथ न हो। हमारे साथ नाइंसाफी हुई है। लोगों को अदालतों से न्याय मिले। जो एजेंसी मेरे केस की जांच कर रही हैं, वह न्याय करें। मेरे साथ, मेरे मिलने वालों के साथ और मेरी बनाई जौहर अली यूनिवर्सिटी के साथ जो किया गया, वो किसी के साथ न हो। अपने भविष्य के राजनीतिक रुख पर उन्होंने एक मर्मस्पर्शी बयान देते हुए कहा, मैं जान-बूझकर रेल की पटरी पर सिर नहीं रखूंगा।

नीतीश सरकार पर तंज और ओवैसी से अपील

बिहार चुनाव को लेकर पूछे गए सवाल पर आजम खान ने नीतीश कुमार सरकार पर निशाना साधते हुए कहा, बताया जा रहा है कि बिहार में जंगलराज है। जंगल में आदमी नहीं रहते। मैं जंगलराज में कैसे बिहार जाऊं। उन्होंने असदुद्दीन ओवैसी का नाम लिए बिना उनसे भावुक अपील की और कहा, उनसे अपील है कि हम पर रहम करें, हमें बर्बाद न करें। लोग क्यों चाहते हैं टुकड़े-टुकड़े हो जाएं। बिहार का दूसरा चरण बचा है, इसमें नुकसान न पहुंचाएं।

वहीं, दूसरी ओर आजम खान का खुद लखनऊ आकर अखिलेश यादव से मिलना कई मायनों में खास है। अखिलेश यादव ने भी इस मुलाकात को साझी विरासत बताते हुए तस्वीरें शेयर कीं। आजम खान ने जता दिया है कि अखिलेश से उनके संबंध आज भी मजबूत हैं। यह मुलाकात इस बात का भी स्पष्ट संकेत है कि आजम खान घर बैठने वालों में से नहीं हैं और जल्द ही यूपी की राजनीति में उनका बड़ा दखल फिर से देखने को मिल सकता है।

Related Posts

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *