रामपुर: रामपुर जेल में बंद समाजवादी पार्टी के नेता आजम खान और बेटा अब्दुल्ला ने परिवार से मुलाकात करने से इनकार कर दिया। पत्नी तंजीम फातिमा, बड़े बेटे अदीब और बहन निखहत अखलाक बुधवार को आजम और अब्दुल्ला से मिलने पहुंचे थे। मगर, उन्हें बिना मिले ही वापस लौटना पड़ा। तीनों लगभग एक घंटे तक मुलाकात वाली पर्ची लेकर बैठे रहे। पता चला कि बेटे अब्दुल्ला ने उनसे मिलने से इनकार कर दिया है। बाद में तंजीम फातिमा जेल से बाहर आईं।
फातिमा से बाहर पत्रकारों ने सवाल किया तो उन्होंने कहा, आजम से मुलाकात नहीं हो पाई। जब उनसे वजह पूछी गई तो कहा- अब्दुल्ला ने मिलने से इनकार कर दिया। आजम साहब से भी मुलाकात नहीं हुई। जब उनसे पूछा गया कि क्या जेल प्रशासन ने नहीं मिलने दिया तो जवाब दिया- ऐसा नहीं है, उधर से ही मिलने से मना कर दिया गया। वजह मालूम नहीं है। कुछ नहीं बता सकती।
आजम और अब्दुल्ला को सात-सात साल की जेल
दरअसल, आजम और अब्दुल्ला को 17 नवंबर को दो पैन कार्ड मामले में सात-सात साल की सजा सुनाई गई थी। तब से दोनों रामपुर जिला कारागार में बंद हैं। परिवार और समर्थक लगातार मुलाकात की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन या तो अनुमति नहीं मिल रही या जेल से तकनीकी कारण बताए जा रहे हैं।
बुधवार को भी मुलाकात की अर्जी लगी थी, लेकिन दोनों ने मिलने से मना कर दिया। कारागार प्रशासन ने इस मामले पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है। सपा के जिलाध्यक्ष अजय सागर ने जेल प्रशासन पर गलत रवैया अपनाने का आरोप लगाया है।
फांसीघर कब्जा मामले में 23 दिसंबर अगली तारीख
गंज कोतवाली में पूर्व में सपा नेता आजम खां और उनके परिजनों के खिलाफ नायब तहसीलदार केजी मिश्र ने मुकदमा दर्ज कराया था। आरोप लगाया था कि दस्तावेजों में हेराफेरी कर आजम खां और उनके परिजनों ने जिला कारागार के पीछे स्थित फांसीघर की जमीन पर अवैध तरीके से कब्जा किया है।
इसका ट्रायल एमपी-एमएलए मजिस्ट्रेट कोर्ट में चल रहा है। इस मामले में बुधवार को सुनवाई थी, जिसमें आजम खां जिला जेल से वीसी के जरिए कोर्ट में पेश हुए। इस दौरान आरोप तय नहीं हो सके। अब इस केस में अगली सुनवाई 23 दिसंबर को होगी।