बरेली: एसआरएमएस रिद्धिमा में रविवार (19 अप्रैल) को इंस्ट्रूमेंट कार्यक्रम रिद्म एंड बीट्स के जरिए प्रख्यात गायिका आशा भोसले को याद किया गया। कार्यक्रम का आरंभ रिद्धिमा के वाद्ययंत्र गुरुओं सूर्यकांत चौधरी (वायलिन), सुरेंदर (परकसन), अनुग्रह सिंह (ड्रम), विशेष सिंह (गिटार), ऋषभ आशीष पाठक (पखावज), सीमा (सितार), दीपकांत जौहरी (तबला), डैरिक अमन जेम्स (कीबोर्ड), अमर नाथ (तबला) और रॉनी फिलिप्स (सेक्सोफोन) ने किया। एमडीयू रोहतक के डॉ. सुरेंद्र रावत ने अपनी प्रस्तुति से आशा जी को श्रद्धांजलि अर्पित की।
वाद्ययंत्र गुरुओं और गायन गुरुओं प्रियंका ग्वाल और सात्विक मिश्रा ने वाद्ययंत्र के विद्यार्थियों डॉ. नम्रता सिंह, विवान अग्रवाल, आशीष अग्रवाल, गुरमान सिंह, स्वास्ति अग्रवाल, प्रभाव अग्रवाल, मन्तिका अरोरा, मनन अग्रवाल, आयांश अग्रवाल और गायन के विद्यार्थी अतिशय गोयल और श्रेया प्रभजोत के साथ राग अहीरभैरव पर अलबेला सजन आयो रे पर फ्यूजन प्रस्तुत किया।
आशा भोसले जी को दी गई श्रद्धांजलि
सभी ने इन आंखों की मस्ती से, ये राते ये मौसम नदी का किनारा, चुरा लिया है तुमने जो दिल को जैसे प्रसिद्ध गीतों के जरिए आशा भोसले जी को श्रद्धांजलि दी गई। इन गीतों के साथ लाइव पेंटिंग बना कर दर्शकों को और भी लुभाया गया। कार्यक्रम का संचालन अरुणा गंगवार ने किया। इस अवसर पर एसआरएमएस ट्रस्ट के संस्थापक एवं चेयरमैन देव मूर्ति, आशा मूर्ति, आदित्य मूर्ति, ऋचा मूर्ति, उषा गुप्ता, डॉ. रजनी अग्रवाल, सुभाष मेहरा, डॉ. प्रभाकर गुप्ता, डॉ. अनुज कुमार, डॉ. शैलेश सक्सेना, डॉ. आशीष कुमार, डॉ. रीता शर्मा सहित शहर के गणमान्य लोग मौजूद रहे।