उत्तर प्रदेश, देश-दुनिया, बिजनेस, राजनीति

AI समिट को राहुल गांधी ने बताया PR तमाशा, शशि थरूर बोले- बड़े इवेंट्स में गड़बड़ियां हो सकती हैं

AI समिट को राहुल गांधी ने बताया PR तमाशा, शशि थरूर बोले- बड़े इवेंट्स में गड़बड़ियां हो सकती हैं

नई दिल्‍ली: AI समिट में गलगोटिया यूनिवर्सिटी विवाद पर कांग्रेस नेता राहुल गांधी के बयान पर पार्टी सांसद शशि थरूर की टिप्पणी सामने आई है। उन्होंने कहा कि समिट में पहले कुछ दिन बहुत अच्छे रहे, कुछ गड़बड़ियां हुई हैं, लेकिन बड़े इवेंट्स में ऐसी समस्याएं हो सकती हैं। उन्‍होंने समिट की तारीफ करते हुए कहा कि जो बात प्रभावशाली रही वह राष्ट्रपतियों, प्रधानमंत्रियों और दुनिया के नेताओं की मौजूदगी थी। वे सभी AI डेवलपमेंट में नई इंटीग्रेटेड दुनिया देखने की इच्छा के एक मजबूत संदेश के साथ आए थे।

दरअसल, गुरुवार को दिल्ली में थरूर की केरल के महान समाज सुधारक संत श्री नारायण गुरु पर लिखी अपनी किताब की लॉन्चिंग हुई। देश के उप राष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने किताब ‘हिंदू धर्म को पुनर्परिभाषित करने वाले संत: श्री नारायण गुरु का जीवन, पाठ और विरासत’ का विमोचन किया।

शशि थरूर ने कही ये बातें

कई नेता AI डेवलपमेंट में एक नई इंटीग्रेटेड दुनिया देखने के मजबूत मैसेज के साथ आए हैं, जहां समाज पर असर ही प्रिंसिपल होगा। भारत में व्यस्तता ने साफतौर पर इस एरिया में ड्राइव को लीड किया है।

जहां तक ​​फ्रेंच राफेल की बात है, इसके कुछ हिस्से भारत में बनाए जा रहे हैं। यह डील का एक बहुत जरूरी पहलू है क्योंकि यह डिफेंस को मजबूत करने का हिस्सा है।

इंडिया के लिए डिफेंस इसलिए जरूरी नहीं है कि हम जंग में जाना चाहते हैं, बल्कि इसलिए कि हम नहीं चाहते कि दूसरे यह सोचें कि हम इतने कमजोर हैं कि वे जंग में जाने के लिए ललचा सकते हैं।

यह सचमुच एक डिफेंसिव डिफेंस है, और हम इसी के लिए काम कर रहे हैं और मैं इस पर सरकार का सपोर्ट करता हूं।

आने वाली फिल्म केरल स्टोरी 2 पर थरूर ने कहा कि पहली फिल्म, केरल स्टोरी, एक नफरत फैलाने वाली फिल्म थी। वे कह रहे थे कि हजारों लोगों का धर्म बदला गया, जो सच नहीं है।

मुझे लगता है कि कई सालों में ऐसे लगभग 30 मामले हुए। हमारा देश बहुत बड़ा है। अगर कोई मामला यहां-वहां होता है, तो इसका मतलब यह नहीं है कि आप इसे एक बड़ी कहानी में बदल दें।

क्या है AI समिट से जुड़ा गलगोटिया यूनिवर्सिटी विवाद?

दरअसल, दिल्ली में जारी AI समिट के दौरान गलगोटिया यूनिवर्सिटी की स्टाफ ने चीनी रोबोट और कोरियन ड्रोन को अपना प्रोजेक्ट बताकर पेश किया था। इसका वीडियो वायरल होने के बाद विवाद खड़ा हो गया था। विवाद बढ़ने के बाद गलगोटिया यूनिवर्सिटी को इंडिया AI इम्पैक्ट समिट एक्सपो से बाहर निकाल दिया गया था। आयोजकों ने पहले यूनिवर्सिटी के पवेलियन की बिजली काटी, फिर ताला लगाकर बेरीकेडिंग कर दी।

AI समिट को राहुल गांधी ने बताया PR तमाशा, शशि थरूर बोले- बड़े इवेंट्स में गड़बड़ियां हो सकती हैं

इस पूरे मामले पर कांग्रेस ने कहा कि सरकार ने देश की इमेज खराब की है। चीनी मीडिया ने हमारा मजाक उड़ाया है। यह भारत के लिए वाकई शर्मिंदगी की बात है।

AI समिट को राहुल गांधी ने बताया PR तमाशा, शशि थरूर बोले- बड़े इवेंट्स में गड़बड़ियां हो सकती हैं

राहुल गांधी ने भी की थी टिप्‍पणी

वहीं, नेता विपक्ष राहुल गांधी ने कहा कि भारत के टैलेंट और डेटा का सही इस्तेमाल करने के बजाय, यह AI समिट एक ‘डिसऑर्गनाइज्ड पीआर स्पेक्टेकल’ बनकर रह गया है। यानी एक ऐसा इवेंट जिसे बड़ी इमेज बनाने (PR) के लिए बहुत बढ़ा-चढ़ाकर आयोजित किया गया हो, लेकिन खराब मैनेजमेंट की वजह से वह तमाशा बन जाए।

Related Posts

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *