लखनऊ: बाराबंकी जिले में लॉ स्टूडेंट्स के शांतिपूर्ण आंदोलन के दौरान बवाल हो गया। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) कार्यकर्ताओं और छात्रों ने गुरुवार को पीसी कर आरोप लगाया कि बाहरी गुंडों ने एबीवीपी कार्यकर्ताओं पर हमला किया और पुलिस ने बर्बर लाठीचार्ज किया। आंदोलन का कारण विश्वविद्यालय में नवीनीकरण और मानक के बिना चल रहा विधि पाठ्यक्रम था।
एबीवीपी के रष्ट्रीय मंत्री अंकित शुक्ला ने कहा कि परिषद ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखकर 48 घंटे में कार्रवाई की मांग की है, अन्यथा प्रदेशव्यापी आंदोलन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि बार काउंसिल ऑफ इंडिया से बुधवार को ही सशर्त (प्रोविजनल) अनुमति मिली है। इससे पहले तक विश्वविद्यालय अवैध तरीके से विधि पाठ्यक्रम चला रहा था। इस दौरान विलंब शुल्क और सामाजिक कल्याण शुल्क के नाम पर छात्रों से मनमाना पैसा वसूला गया।
दोषियों पर मुकदमा दर्ज किया जाए
एबीवीपी ने मुख्यमंत्री योगी को भेजे पत्र में मांग की है कि लाठीचार्ज की घटना में शामिल पुलिसकर्मियों और बाहरी गुंडों पर एफआईआर दर्ज कर कठोरतम कार्रवाई की जाए। परिषद ने यह भी सवाल उठाया कि आखिर किसके आदेश पर लाठीचार्ज हुआ, इसका जवाब अब तक नहीं दिया गया है।
परिषद का कहना है कि आंदोलन का नेतृत्व कर रहे दो छात्रों को बिना किसी चेतावनी के सीधे निष्कासित कर दिया गया। इसे अवैधानिक बताते हुए एबीवीपी ने दोषियों को दंडित कर छात्रों को न्याय दिलाने की मांग की है।
अवैध जमीन कब्जे का भी मामला
परिषद ने पत्र में यह भी उल्लेख किया कि विश्वविद्यालय ने करीब 6 बीघे सरकारी भूमि (नाली, तालाब, बजर और चकमार्ग) पर अवैध कब्जा कर रखा था। तहसीलदार कोर्ट ने 25 अगस्त 2025 को विश्वविद्यालय प्रबंधन पर ₹27.96 लाख का जुर्माना लगाते हुए 15 दिन में कब्जा हटाने का आदेश दिया है। एबीवीपी ने इस आदेश का पालन कराते हुए अवैध निर्माण ध्वस्त करने की मांग की है।