उत्तर प्रदेश में विश्वस्तरीय सड़क संपर्क विकसित करना हमारी प्राथमिकता: नितिन गडकरी
लखनऊ: उत्तर प्रदेश में वैश्विक स्तर का सड़क नेटवर्क तैयार करने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने सोमवार को एक हाई-लेवल बैठक की। इस बैठक में राष्ट्रीय राजमार्गों (NH) और इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़ी प्रदेश की सभी बड़ी परियोजनाओं की व्यापक समीक्षा की गई। बैठक में भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई), सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय तथा उत्तर प्रदेश सरकार के प्रस्तावों पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि आधुनिक सड़क अवसंरचना विकसित उत्तर प्रदेश की आधारशिला है और इसके माध्यम से निवेश, उद्योग, कृषि, पर्यटन, व्यापार तथा रोजगार को नई गति मिलेगी। उन्होंने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि भूमि अधिग्रहण, वन स्वीकृति, उपयोगिताओं के स्थानांतरण तथा अन्य विभागीय औपचारिकताओं का प्राथमिकता के आधार पर समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया जाए, ताकि सभी परियोजनाओं का निर्माण निर्धारित समयसीमा में प्रारंभ और पूर्ण हो सके।
यूपी देश की आर्थिक प्रगति का प्रमुख इंजन: नितिन गडकरी
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने उत्तर प्रदेश की प्रगति की सराहना करते हुए कहा कि राज्य देश की आर्थिक प्रगति का प्रमुख इंजन बनकर उभरा है। इसलिए यूपी में विश्वस्तरीय सड़क संपर्क विकसित करना केंद्र सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। समीक्षा के दौरान बरेली बाईपास में वृक्षों की कटान के विषय पर उन्होंने विशेष निर्देश दिए कि वृक्षों को काटने के बजाय आधुनिक तकनीक के माध्यम से उनका प्रत्यारोपण (Transplantation) किया जाना चाहिए, क्योंकि विकास और पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन बनाए रखना समय की आवश्यकता है।
📍लखनऊ, उत्तर प्रदेश
उत्तर प्रदेश में चल रही राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं की मुख्यमंत्री श्री @myogiadityanath जी और अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की।#PragatiKaHighway #GatiShakti pic.twitter.com/R8zEGt5ZRI
— Nitin Gadkari (@nitin_gadkari) July 13, 2026
सुरक्षित डिजाइन और सड़क सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने सड़क सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए कहा कि प्रत्येक राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजना में सुरक्षित अभिकल्प (डिजाइन), ब्लैक स्पॉट के वैज्ञानिक सुधार, आधुनिक संकेतक व्यवस्था तथा सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाना चाहिए। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि सड़क निर्माण के साथ-साथ दुर्घटनाओं में कमी लाने के उपायों पर भी समान रूप से ध्यान दिया जाए। अंत में मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि केंद्र और राज्य सरकार के समन्वित प्रयासों से यूपी सुरक्षित तथा विश्वस्तरीय सड़क नेटवर्क के क्षेत्र में देश का अग्रणी राज्य बनेगा।
बैठक में एनएचएआई के चेयरमैन ने बताया कि वर्ष 2014 के बाद उत्तर प्रदेश में राष्ट्रीय राजमार्ग विकास को अभूतपूर्व गति मिली है। इस अवधि में लगभग 10,204 किलोमीटर राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं का आवंटन किया गया, जिनमें से लगभग 9,329 किलोमीटर सड़कों का निर्माण पूरा हो चुका है। अप्रैल 2025 से मई 2026 के बीच 606 किलोमीटर नई परियोजनाएं स्वीकृत हुईं तथा 1,010 किलोमीटर राष्ट्रीय राजमार्गों का निर्माण पूरा किया गया। प्रदेश में इन परियोजनाओं पर अब तक लगभग 1.94 लाख करोड़ रुपये व्यय किए गए हैं, जिनमें वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान हुआ लगभग 23,445 करोड़ रुपये का निवेश शामिल है।
शामली-गोरखपुर 4-लेन कॉरिडोर समेत बड़ी परियोजनाओं की रफ्तार की हुई समीक्षा
बैठक में शामली से गोरखपुर तक प्रस्तावित लगभग 742 किलोमीटर लंबे चार लेन एक्सेस कंट्रोल्ड राष्ट्रीय राजमार्ग की समीक्षा की गई, जिसे मुख्यमंत्री ने पश्चिमी और पूर्वी उत्तर प्रदेश के बीच संपर्क को नई दिशा देने वाला एक महत्वाकांक्षी कॉरिडोर बताया। इसके अलावा लगभग 13,980 करोड़ रुपये की लागत वाली मथुरा-बरेली-सितारगंज चार लेन परियोजना, ₹5,904 करोड़ की आगरा-अलीगढ़ चार लेन परियोजना, आगरा-ग्वालियर-झांसी-नागपुर आर्थिक गलियारा, कानपुर रिंग रोड, और जेवर को जोड़ने वाली छह लेन संपर्क परियोजना की प्रगति की भी समीक्षा की गई।
सांस्कृतिक और धार्मिक महत्व की परियोजनाओं की समीक्षा के दौरान अधिकारियों ने बताया कि रामवन गमन मार्ग, राम जानकी मार्ग तथा 84 कोसी परिक्रमा मार्ग पर निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है। इसके साथ ही अयोध्या रिंग रोड, महर्षि वाल्मीकि अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे तथा अन्य प्रमुख धार्मिक स्थलों तक निर्बाध संपर्क उपलब्ध कराने वाली सड़कों पर काम तेज है। मुख्यमंत्री ने बताया कि धार्मिक और आध्यात्मिक पर्यटन को आधुनिक परिवहन से जोड़ना राज्य की प्राथमिकता है, इसलिए वृंदावन और प्रयागराज में रोपवे परियोजनाओं के साथ-साथ सोनौली-गोरखपुर और गाजीपुर-बलिया-बिहार सीमा मार्गों को भी जल्द पूरा किया जा रहा है।



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