जम्मू-कश्मीर के डोडा में बादल फटने से बाढ़, पत्थर और मिट्टी से घर-दुकानें हुईं बर्बाद
नई दिल्ली: जम्मू-कश्मीर के डोडा में मंगलवार को ऊपरी इलाके में बादल फटने से बाढ़ आ गई। पहाड़ों से पत्थर और मलबा गिरने से घर और दुकानों को नुकसान पहुंचा है। सड़कों पर कई गाड़ियां मलबे में दब गईं।
#WATCH | Doda, Jammu & Kashmir: Several shops and houses are severely damaged in a flash flood and landslide in Thathri, Doda pic.twitter.com/qXg1uU3WJz
— ANI (@ANI) July 7, 2026
वहीं, महाराष्ट्र के कई जिलों में लगातार भारी बारिश हो रही है। मुंबई में पिछले 48 घंटे में करीब 15 इंच (380 मिमी) बारिश दर्ज की गई। IMD ने मंगलवार के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। मुंबई के सभी सरकारी और निजी स्कूल-कॉलेजों में छुट्टी घोषित कर दी गई है।
VIDEO | Maharashtra: Water level of Godavari River in Nashik rises following torrential rains; security personnel deployed for safety of visitors at the Triambakeshwar Jyotirling temple.
(Full video available on PTI Videos – https://t.co/n147TvrpG7) pic.twitter.com/xpiHRElvHI
— Press Trust of India (@PTI_News) July 7, 2026
त्र्यंबकेश्वर मंदिर परिसर में पानी भरा
नासिक में भी आज सभी स्कूल और कॉलेज बंद हैं। त्र्यंबकेश्वर मंदिर और महाराष्ट्र के साढ़े तीन शक्तिपीठों में शामिल सप्तश्रृंगी मंदिर भी श्रद्धालुओं के लिए आज बंद रहेंगे।
#WATCH | Doda, Jammu & Kashmir: Several vehicles are damaged as mud, rocks, and debris swept through the town following a cloudburst that struck the upper reaches of Thathri in Doda district, Jammu & Kashmir pic.twitter.com/5ICBaP1nRh
— ANI (@ANI) July 7, 2026
#WATCH | Maharashtra | Waterlogging reported in Nashik due to heavy rainfall.
Visuals from Shri Trimbakeshwar Temple pic.twitter.com/kulz8oP5Bl
— ANI (@ANI) July 7, 2026
सूरत में 24 घंटे की बारिश से कई सड़कें डूबीं
गुजरात के सूरत में पिछले 24 घंटे से हो रही भारी बारिश के बाद शहर के कई निचले इलाकों में पानी भर गया। सूरत-नवसारी स्टेट हाईवे पर भी जलभराव हो गया, जिससे वाहनों की रफ्तार धीमी पड़ गई। वहीं, मगदल्ला रोड भी पानी में डूब गई।
Surat, Gujarat: Heavy rainfall over the past 24 hours continues to wreak havoc in the city. Most low-lying areas are waterlogged. Waterlogging on the Surat–Navsari state highway has caused major difficulties for motorists, while flooding has also been reported on Surat’s Magdalla… pic.twitter.com/Q7RaQPdS5A
— IANS (@ians_india) July 7, 2026
बादल फटने पर कम समय में होती है भारी बारिश
मौसम विज्ञान के अनुसार, यदि किसी छोटे इलाके में एक घंटे के भीतर 10 सेंटीमीटर या उससे अधिक बारिश हो जाए, तो इसे बादल फटना कहा जाता है।
बादल क्यों और कैसे फटता है?
- जब नमी से भरे बादल किसी पहाड़ी क्षेत्र से टकराते हैं, तो वे तेजी से ऊपर उठते हैं।
- ऊंचाई पर तापमान कम होने से जलवाष्प तेजी से पानी की बूंदों में बदल जाती है।
- एक ही जगह बड़ी मात्रा में पानी की बूंदें इकड्डी होकर आपस में मिल जाती हैं।
- इससे बादल में पानी का भार बढ़ जाता है और वह अधिक देर तक पानी रोक नहीं पाता।
- नतीजतन, एक छोटे इलाके में अचानक मूसलाधार बारिश होने लगती है।
यह घटना कहां ज्यादा होती?
- बादल फटने की घटनाएं सबसे ज्यादा हिमालयी और अन्य पहाड़ी क्षेत्रों में होती हैं।
- आमतौर पर यह घटना 12 से 15 किलोमीटर की ऊंचाई पर बने बादलों में होती है।
- पहाड़ों से टकराने के कारण बादल आगे नहीं बढ़ पाते और एक ही स्थान पर भारी मात्रा में पानी गिरा देते हैं।
इसका असर क्या होता है
- अचानक बाढ़
- भूस्खलन
- नदियों और नालों का उफान
- सड़कों, पुलों और मकानों को नुकसान
- जन-धन की हानि।



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