स्मार्ट मीटर को लेकर 6 जिलों में प्रदर्शन, लखनऊ में AAP कार्यकर्ताओं को घसीटकर ले गई पुलिस
लखनऊ: उत्तर प्रदेश में स्मार्ट मीटर का विरोध बढ़ता जा रहा है। रविवार को आगरा, प्रयागराज, कानपुर, लखनऊ, फतेहपुर और वाराणसी में स्मार्ट मीटर को लेकर प्रदर्शन हुए। फतेहपुर में बिजली उपभोक्ताओं ने स्मार्टर उखाड़कर पावर हाउस में फेंक दिए।
आगरा में महिलाओं ने घरों से स्मार्ट मीटर उखाड़कर सड़कों पर फेंक दिए। कहा, हमें स्मार्ट नहीं, पुराना वाला मीटर चाहिए। स्मार्ट मीटर लगने के बाद से बिजली बिल ज्यादा आ रहा है। एडवांस में रुपए जमा कराए जा रहे हैं। रुपए जमा करने पर भी बिजली कट रही है। पता करने पर कहते हैं कि बैलेंस माइनस में है। यहां दो दिन पहले भी प्रदर्शन हुआ था।
लखनऊ में पुलिस से झड़प, घसीटकर ले गई
लखनऊ में AAP पार्टी ने जोरदार प्रदर्शन किया। आप कार्यकर्ता हाथों में पोस्टर और तख्ती लेकर शक्ति भवन पहुंचे। भाजपा सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए विधानसभा की ओर बढ़ने लगे। प्रदर्शनकारियों को पुलिस ने श्रीराम टावर के पास रोक लिया।
प्रदर्शनकारी आगे बढ़ने की जिद पर अड़ गए। इस पर उनकी पुलिस से तीखी नोकझोंक हुई। पुलिस ने उन्हें हिरासत में लिया। घसीटते हुए गाड़ी में बैठाकर ईको गार्डन ले गई। प्रदर्शन में शामिल प्रतिपाल सिंह ने पगड़ी नोच कर अपमानित करने का आरोप लगाया है।
लखनऊ की सड़कों पर गूंजी 'स्मार्ट मीटर' की लूट के खिलाफ आवाज🔥
'स्मार्ट मीटर' के नाम पर बीजेपी सरकार जनता की जेब पर डाका डाल रही है। आज AAP कार्यकर्ताओं एवं पदाधिकारियों ने राजधानी लखनऊ में हुंकार भरी—अब यह लूट बर्दाश्त नहीं की जाएगी। ✊
बीजेपी सरकार होश में आओ,
स्मार्ट मीटर की… pic.twitter.com/Pdh517WhaV— Aam Aadmi Party- Uttar Pradesh (@AAPUttarPradesh) May 3, 2026
वाराणसी में आप प्रवक्ता बोले– हम विरोध करते रहेंगे
वाराणसी के चौकाघाट विद्युत उपकेंद्र पर आम आदमी पार्टी ने स्मार्ट मीटर के खिलाफ प्रदर्शन किया। प्रवक्ता मुकेश सिंह ने कहा – स्मार्ट मीटर से आम जनता को परेशान किया जा रहा है। हम इसका हर हाल में विरोध करते रहेंगे। क्योंकि इसका बिल मनमाने तरीके से लिया जा रहा है। सरकार इसे तत्काल बंद करे, क्योंकि ये स्मार्ट तरीके से लोगों से चीटिंग कर रहा है।
स्मार्ट मीटर का क्यों?
बिजली उपभोक्ताओं का कहना है कि स्मार्ट मीटर बहुत तेज चलता है। इससे कम इस्तेमाल करने पर भी ज्यादा बिल आ रहा है। यहां तक की कई बार बिना इस्तेमाल के भी बैलेंस कम हो जाता है। बैलेंस माइनस में जाते ही बिजली आपूर्ति बंद हो जाती है। रिचार्ज के बाद भी कई बार सप्लाई तुरंत बहाल नहीं होती।
स्मार्ट मीटर को कई महीनों से हो रहे विरोध के बाद प्रदेश सरकार ने सरकार को नया आदेश जारी किया था। इसके मुताबिक, 1 किलोवाट तक के कनेक्शन पर 30 दिन तक और 2 किलोवाट पर 200 रुपये माइनस होने पर भी बिजली नहीं काटने की बात कही गई थी।
'स्मार्ट मीटर' की धांधली के खिलाफ लखनऊ की सड़कों पर आम आदमी पार्टी का जोरदार विरोध प्रदर्शन🔥
'स्मार्ट चीटर' के लूट का खेल,
अब नहीं सहेगा उत्तर प्रदेश! pic.twitter.com/A8JSwNQgJj— Aam Aadmi Party- Uttar Pradesh (@AAPUttarPradesh) May 3, 2026
अलीगढ़ में प्रदर्शनकारियों ने कहा– स्मार्ट चीटर से डिजिटल लूट हो रही
अलीगढ़ में आम आदमी पार्टी (आप) ने स्मार्ट मीटरों के विरोध में रविवार को प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने बिजली घर भोजपुरा पहुंचकर नारेबाजी की। राष्ट्रपति के नाम संबोधित एक ज्ञापन प्रशासन को सौंपा।
महानगर अध्यक्ष मोनिका थापर ने कहा कहा कि ये मीटर नहीं “स्मार्ट चीटर” है। योगी सरकार “डिजिटल लूट” कर रही है। दावा किया, जिन उपभोक्ताओं का बिजली बिल पहले लगभग 1500 रुपये आता था, अब वही बिल 6 से 7 हजार रुपये तक पहुंच रहा है। बैलेंस खत्म होते ही बिजली तुरंत काट दी जाती है, लेकिन रिचार्ज के बाद भी कई घंटों तक आपूर्ति बहाल नहीं होती। यह योजना जनता को सुविधा देने के बजाय आर्थिक शोषण का माध्यम बन गई है।



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