MP के क्रूज हादसे में अब तक नौ शव मिले, चार साल के बेटे को छाती से चिपकाए मिली मां

MP के क्रूज हादसे में अब तक नौ शव मिले, चार साल के बेटे को छाती से चिपकाए मिली मां

जबलपुर: मध्य प्रदेश के जबलपुर स्थित बरगी डैम में गुरुवार शाम पर्यटन विभाग का एक क्रूज अचानक आई तेज आंधी के चलते डूब गया। अब तक नौ शव मिल चुके हैं। प्रशासन के अनुसार, 28 लोगों को बचा लिया गया है। तीन बच्चों सहित चार लोग लापता हैं। बताया जा रहा है कि हादसे के वक्त क्रूज में करीब 43 से 47 पर्यटक थे, जबकि टिकट सिर्फ 29 लोगों की कटी थी।

हादसा किनारे से लगभग 300 मीटर दूर हुआ। जिस समय क्रूज डूबा, उस वक्त हवा की रफ्तार 74 किलोमीटर प्रतिघंटा थी। बरगी सिटी सीएसपी अंजुल मिश्रा के मुताबिक, SDRF ने कई लोगों को बचाया, लेकिन अंधेरा और खराब मौसम से राहत कार्य प्रभावित हुआ।

मृतकों के परिजनों के लिए मुआवजे का ऐलान

हादसे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दु:ख जताया है। उन्होंने प्रधानमंत्री राहत कोष से मृतकों के परिवार जनों को दो-दो लाख और घायलों को 50-50 हजार रुपये देने की घोषणा की है।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने हादसे की जांच के आदेश दिए हैं। शाम को उन्होंने घटना स्थल का जायजा लिया। हादसे में बचे लोगों से भी मिले। वहीं, प्रदेश के पर्यटन मंत्री धर्मेंद्र लोधी जबलपुर पहुंचे हैं, लेकिन उनका हैरान करने वाला बयान सामने आया है। एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा- नर्मदा में पेट्रोल-डीजल बोट पर रोक है। उन्हें इसकी जानकारी नहीं है।

मां से लिपटा मिला 4 साल के बच्‍चे का शव

हादसे में मरीना मैसी और उनके चार साल के बेटे त्रिशान की भी मौत हो गई। बचाव दल को आज सुबह दोनों के शव मिले। मां ने अपनी ही लाइफ जैकेट के भीतर अपने कलेजे के टुकड़े को समेट लिया था। उसने बच्चे को अपने सीने से इतनी मजबूती से चिपकाया था कि काल का क्रूर झोंका भी उन्हें अलग नहीं कर सका।

रेस्क्यू टीम ने जब उन्हें बाहर निकाला, तो दोनों के शव एक-दूसरे को बाहों में जकड़े हुए थे। यह परिवार दिल्ली से घूमने आया था। पिता प्रदीप मैसी और बेटी सिया किसी तरह अपनी जान बचाने में कामयाब रहे।

क्रूज पायलट बोले– संभलने का मौका ही नहीं मिला

क्रूज के पायलट महेश ने बताया कि सुरक्षा के इंतजाम तो थे, लेकिन अचानक आए तेज तूफान के चलते क्रूज अनियंत्रित हो गया। किसी को संभलने का मौका ही नहीं मिला। महेश को 10 साल का अनुभव है।

खमरिया के एक परिवार के 15 लोग सवार थे

ऑर्डिनेंस फैक्ट्री खमरिया के A3 सेक्शन में कार्यरत कर्मचारी कामराज आर्य परिवार के 15 लोगों के साथ घूमने गए थे। कामराज के माता-पिता भी साथ में थे, लेकिन वे किनारे बैठे हुए थे। कामराज के साथ उनकी पत्नी, भाभी और बच्चे क्रूज में घूमने गए हुए थे।

कामराज मूलत: कर्नाटक के रहने वाले हैं। उनके एक बेटे को बचा लिया गया। वहीं कामराज, उनकी पत्नी और एक बेटा अब भी लापता है।

पर्यटन विभाग बोला– क्रूज 20 साल पुराना

पर्यटन विभाग के एक अधिकारी योगेंद्र रिछारिया ने बताया कि बरगी डैम में फिलहाल एक क्रूज ऑपरेट किया जा रहा है। इसे 2006 में बनाया गया था। इसकी कैपेसिटी 60 यात्रियों की है। एक अन्य क्रूज खराब है।

इन 9 लोगों के शव मिले

नीतू सोनी (43), निवासी कोतवाली, जबलपुर

सौभाग्यम अलागन (42), निवासी अन्नानगर, वेस्ट तारापुरम, तमिलनाडु

मधुर मैसी (62), निवासी खाजन बस्ती, नई दिल्ली

काकुलाझी पति/पिता कामराज (38), निवासी वेस्ट लैंड खमरिया, जबलपुर

रेशमा सैयद (66), निवासी सिविल लाइन, भसीन आर्केड, जैक्सन होटल के पास

शमीम नकवी (68), निवासी डेरखी, भोपाल

मरीना मैसी पति प्रदीप मैसी (39), निवासी दिल्ली

त्रिशान पिता प्रदीप मैसी (4), निवासी दिल्ली

ज्योति सेन, निवासी फूटाताल,घमापुर के आगे, जबलपुर

तीन बच्चे समेत 4 लोग अब भी लापता

श्रीतमिल पिता कामराज (5)

कामराज पिता श्रीरामालिंगम

विराज सोनी पिता श्री कृष्णा सोनी (6)

मयूरम पिता श्री परिमल (9)।

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