उत्तर प्रदेश, राजनीति

अब सिलेंडर की कालाबाजारी पर लगेगी लगाम, आईटीएम गीडा के छात्रों ने बनाया सेफ्टी ट्रैकर

अब सिलेंडर की कालाबाजारी पर लगेगी लगाम, आईटीएम गीडा के छात्रों ने बनाया सेफ्टी ट्रैकर

गोरखपुर: बड़गहन(सहजनवा) स्थित इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी एंड मैनेजमेंट (आईटीएम) गीडा के बीटेक तृतीय वर्ष के छात्रों ने ‘सेफ्टी सिलेंडर ट्रैकर’ नामक एक उपकरण विकसित किया है, जो LPG सिलेंडर की कालाबाजारी और सुरक्षा संबंधी समस्याओं का समाधान करने में सहायक है। अंजलि गुप्ता, अंजलि कुमारी और पृथ्वी सिंह ने कॉलेज की इनोवेशन टीम के साथ मिलकर इस उपकरण को तैयार किया है। यह डिवाइस गैस लीकेज या आग लगने की स्थिति में तत्काल अलर्ट भेजने में सक्षम है।

छात्र पृथ्वी सिंह ने बताया कि एलपीजी गैस की उपलब्धता एक बड़ी चुनौती है, जिससे कालाबाज़ारी बढ़ती है। इस उपकरण की मदद से यदि किसी स्थान पर अधिक संख्या में एलपीजी सिलेंडर रखे जाते हैं, तो संबंधित विभाग को उनकी लोकेशन मिल सकती है। इससे अवैध भंडारण पर प्रभावी नियंत्रण पाया जा सकेगा।

बहुमंजिला इमारतों में आग की घटनाओं को लेकर भी उपयोगी

अंजलि कुमारी ने जानकारी दी कि इस डिवाइस को सिलेंडर के ऊपर आसानी से लगाया जा सकता है। यह तकनीक न केवल सिलेंडर को ट्रैक करती है, बल्कि आग लगने की स्थिति में भी तत्काल चेतावनी देती है। स्थिति में घर के भीतर लगे अलार्म के माध्यम से तुरंत लोगों को सचेत करती है, जिससे वे समय रहते सुरक्षित स्थान पर पहुंच सकें। उन्होंने बताया कि आजकल बहुमंजिला इमारतों में आग लगने की घटनाएं बढ़ रही हैं, ऐसे में यह डिवाइस लोगों की सुरक्षा के लिए अत्यंत उपयोगी साबित हो सकती है।

अब सिलेंडर की कालाबाजारी पर लगेगी लगाम, आईटीएम गीडा के छात्रों ने बनाया सेफ्टी ट्रैकर

अंजलि गुप्ता ने बताया कि इस डिवाइस को छोटा और सुविधाजनक बनाने पर विशेष ध्यान दिया गया है, ताकि इसे आसानी से सिलेंडर पर लगाया जा सके और बार-बार चार्ज करने की आवश्यकता न पड़े। एक बार चार्ज करने पर यह डिवाइस लगभग एक वर्ष तक कार्य कर सकती है।

उपकरण बनाने के लिए किया गया इन चीजों का इस्‍तेमाल

छात्रा वैष्णवी साहनी ने बताया कि इस उपकरण को तैयार करने में करीब 15 दिनों का समय लगा। इसके निर्माण में हाई फ्रीक्वेंसी रेडियो ट्रांसमीटर-रिसीवर, 5 वोल्ट रिले मॉड्यूल, 9 वोल्ट बैटरी, जीपीएस मॉड्यूल, फायर सेंसर मॉड्यूल तथा ऑडियो अलार्म जैसे उपकरणों का उपयोग किया गया है। संस्थान के निदेशक डॉ. एन. के. सिंह ने छात्रों के इस नवाचार की सराहना करते हुए कहा कि यह उपकरण घरेलू सुरक्षा के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण कदम है, जिससे भविष्य में इसे व्यापक स्तर पर उपयोग में लाया जा सके।

अब सिलेंडर की कालाबाजारी पर लगेगी लगाम, आईटीएम गीडा के छात्रों ने बनाया सेफ्टी ट्रैकर

डॉ. एन. के. सिंह, निदेशक, आईटीएम गीडा

इस अवसर पर के अध्यक्ष नीरज मातनहेलिया, सचिव श्याम बिहारी अग्रवाल, कोषाध्यक्ष निकुंज मातनहेलिया एवं संयुक्त सचिव अनुज अग्रवाल सहित संस्थान के सभी शिक्षकों ने छात्रों की इस उपलब्धि पर उन्हें बधाई देते हुए प्रसन्नता व्यक्त किया।

Related Posts

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *