बरेली: शहर में बढ़ते सड़क हादसों और मौतों के आंकड़ों को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने ठोस कदम उठाए हैं। अब बरेली में तीन या उससे ज्यादा लोगों की मौत वाली सड़क दुर्घटनाओं को सामान्य घटना नहीं माना जाएगा। ऐसे प्रत्येक मामले में गहन जांच के साथ एक “स्पेशल रिपोर्ट” तैयार की जाएगी।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) अनुराग आर्य ने साफ किया है कि प्रत्येक बड़ी दुर्घटना की गहराई से जांच की जाएगी। इसमें हादसे की वजह, जिम्मेदार व्यक्ति या सिस्टम की चूक की पड़ताल होगी। संबंधित विवेचकों को निर्धारित समय सीमा के भीतर आई-रेड पोर्टल पर पूरी रिपोर्ट अपलोड करना अनिवार्य किया गया है।
इन शहरों में विभागीय जांच शुरू
जिले के कैंट, देवरनियां, नवाबगंज, फतेहगंज पूर्वी, बहेड़ी, आंवला और इज्जतनगर थाना क्षेत्रों में लगातार बढ़ रहे हादसों को देखते हुए विभागीय जांच शुरू की गई है। पुलिस प्रशासन स्थानीय स्तर पर संभावित लापरवाही की भी जांच करेगा। एसएसपी ने हेलमेट और सीट बेल्ट का पालन न करने, तेज गति से वाहन चलाने और शराब पीकर गाड़ी चलाने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
अनुराग आर्य ने कहा कि सड़क पर नियम तोड़ने वालों के लिए कोई रियायत नहीं होगी। ट्रैफिक जाम की समस्या से निपटने के लिए “रिड्यूसिंग ट्रैफिक कंजेशन” योजना के तहत एक नई रणनीति बनाई गई है। इसमें रूट प्लानिंग, डायवर्जन और पीक आवर मैनेजमेंट को प्राथमिकता दी जाएगी। ट्रैफिक सिस्टम को स्मार्ट बनाने और रियल-टाइम मॉनिटरिंग बढ़ाने पर भी जोर दिया गया है।
भोजीपुरा की सीसी टीम हुई सम्मानित
सड़क सुरक्षा और ट्रैफिक नियंत्रण में बेहतर प्रदर्शन के लिए भोजीपुरा की सीसी टीम को 25 हजार रुपये का पुरस्कार दिया गया है। एसएसपी ने बताया कि लापरवाही पर कार्रवाई के साथ-साथ अच्छा काम करने वालों को सम्मानित भी किया जाएगा।
पुलिस लाइन में हुई बैठक में सभी अधिकारियों को बरेली को ‘जीरो फैटिलिटी डिस्ट्रिक्ट’ बनाने का स्पष्ट लक्ष्य दिया गया है। इसके लिए हर स्तर पर सख्ती, निगरानी और जवाबदेही सुनिश्चित की जाएगी।