बरेली: स्वास्थ्य विभाग की टीम ने शहर के बहेड़ी और रिछा क्षेत्र में 11 अल्ट्रासाउंड केंद्रों की औचक जांच की। इसमें एक बिना पंजीकरण वाले सेंटर को सील कर दिया गया। हालांकि, टीम के वापस जाने के बाद सील किया गया यह सेंटर कथित तौर पर फिर से खुल गया।
जांच के दौरान ‘हिंद अल्ट्रासाउंड सेंटर’ बिना वैध पंजीकरण के संचालित होता पाया गया। टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए सेंटर को सील कर दिया। सेंटर संचालक को तीन दिन के भीतर आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करने का नोटिस दिया गया है। चेतावनी दी गई है कि संतोषजनक जवाब न मिलने पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
डिप्टी सीएमओ ने की कार्रवाई
इस अभियान का नेतृत्व पीसीपीएनडीटी (Pre-Conception and Pre-Natal Diagnostic Techniques) के नोडल डिप्टी सीएमओ डॉ. लईक अहमद ने किया। उन्होंने बताया कि यह कार्रवाई भ्रूण लिंग जांच जैसी अवैध गतिविधियों पर रोक लगाने और स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से की गई है।
टीम ने कुंडरा कोठी, रिछा और बहेड़ी के कई प्रमुख अल्ट्रासाउंड केंद्रों मन्नत, जीवन ज्योति, हर्ष कला, ग्लोबल, यूनिक, मैक्स, लाइफ लाइन, अरोरा, नियाजी और विद्या का भी निरीक्षण किया। इनमें से अधिकांश केंद्र पंजीकृत पाए गए, लेकिन उन्हें शासन द्वारा निर्धारित मानकों का कड़ाई से पालन करने के निर्देश दिए गए। मैक्स और लाइफ लाइन अल्ट्रासाउंड सेंटर जांच के दौरान बंद मिले, जिससे उनकी कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो गए हैं।