नई दिल्ली: अब आर्टेमिस-2 मिशन चांद की ओर बढ़ रहा है। लॉन्च के एक दिन बाद शुक्रवार सुबह 5:19 बजे ओरियन कैप्सूल ने थ्रस्टर्स फायर किए और पृथ्वी की कक्षा छोड़ दी। अब यह अगले 4 दिन अंतरिक्ष में सफर करेगा और वहां पहुंचेगा, जहां आज तक केवल 24 इंसान पहुंच सके हैं।
पृथ्वी के ऑर्बिट को छोड़कर चांद की तरफ जाने के लिए इंजन फायर करने की इस प्रोसेस को ‘ट्रांसलूनर इंजेक्शन बर्न’ कहते हैं। यह करीब 6 मिनट का मैन्यूवर था, जिसने यान की रफ्तार बढ़ाकर 22,000 मील प्रति घंटा यानी करीब 34 हजार किमी/घंटा कर दी।
रास्ते में जरा सी चूक यान को चांद से टकरा सकती है
आर्टेमिस-2 अब ‘फ्री-रिटर्न ट्रेजैक्टरी’ पर है। यानी यान अब न्यूटन के गति के पहले नियम- जो वस्तु चल रही है, वह चलती रहेगी के भरोसे आगे बढ़ रहा है। पूरे सफर के दौरान इंजन सिर्फ छोटे-मोटे सुधार के लिए ही फायर किए जाएंगे। यह हिस्सा बेहद संवेदनशील है। रास्ते में जरा सी चूक यान को चांद से टकरा सकती है या उसे अनंत अंतरिक्ष में भटका सकती है।
मिशन प्रोग्रेस और अंतरिक्ष यात्रियों के अनुभव
नासा बोला– अंतरिक्ष यात्री पूरी तरह स्वस्थ
- मिशन की स्थिति: आर्टेमिस डेवलपमेंट हेड डॉ. लोरी ग्लेज ने बताया कि अंतरिक्ष यात्री पूरी तरह स्वस्थ हैं और स्पेसक्राफ्ट उम्मीद के मुताबिक बेहतरीन प्रदर्शन कर रहा है।
- सीखने का मौका: ग्लेज ने जोर दिया कि यह एक टेस्ट फ्लाइट है, इसलिए टीम स्पेसक्राफ्ट के बारे में ज्यादा से ज्यादा जानकारी जुटाने की कोशिश कर रही है।
- परिवार से बातचीत: अंतरिक्ष यात्रियों ने अभी तक अपने परिवार से सीधे बात नहीं की है, लेकिन नासा जल्द ही इसके लिए समय निकालेगा।
It’s not a straight shot to the far side of the Moon! 🌕
Over approximately 10 days, the Artemis II astronauts will orbit Earth twice before looping around the far side of the Moon in a figure eight and returning home. pic.twitter.com/udjejhxgVx
— NASA (@NASA) April 2, 2026
अंतरिक्ष यात्रियों की जीरो ग्रेविटी से बातचीत
- स्पेस प्लंबर: क्रिस्टीना कोच ने खुद को “स्पेस प्लंबर” बताया है। वो ओरियन कैप्सूल के टॉयलेट में आ रही शुरुआती दिक्कतों को ठीक करने में व्यस्त रही हैं।
- सोने का अनुभव: कमांडर रीड वाइसमैन ने अंतरिक्ष में सोने को मजेदार बताया। उन्होंने मजाक में कहा कि क्रिस्टीना “चमगादड़ की तरह लटककर” सोती हैं।
- अद्भुत नजारा: अंतरिक्ष से पूरी पृथ्वी को देखने के पल को वाइसमैन ने यादगार बताया। उन्होंने कहा कि उस शानदार नजारे को चारों अंतरिक्ष यात्री देखते रह गए।
पांचवां दिन: चंद्रमा की ग्रेविटी में दाखिल होगा आर्टेमिस-2
05 अप्रैल मिशन के पांचवें दिन तक धरती के गुरुत्वाकर्षण के खिंचाव की वजह से कैप्सूल की रफ्तार धीमी हो जाएगी। जैसे ही यह चंद्रमा के गुरुत्वाकर्षण क्षेत्र में दाखिल होगा, इसकी गति फिर से बढ़ने लगेगी और यह चांद की ओर तेजी से बढ़ने लगेगा।
छठा दिन: बास्केटबॉल जैसा बड़ा नजर आएगा चंद्रमा
छठे दिन ओरियन चांद की सतह से महज 6,400 किमी ऊपर से गुजरेगा। इस दौरान अंतरिक्ष यात्री चांद के उस हिस्से को अपनी आंखों से देख पाएंगे, जो पृथ्वी से कभी नजर नहीं आता। खिड़की से देखने पर चांद इतना बड़ा दिखेगा, जैसे हाथ के पास कोई बास्केटबॉल रखी हो।
50 मिनट के लिए टूट सकता है संपर्क: जब ओरियन चांद के पीछे से गुजरेगा तो पृथ्वी से उसका संपर्क पूरी तरह कट सकता है। करीब 50 मिनट तक ‘कम्युनिकेशन ब्लैकआउट’ रहेगा। मिशन कंट्रोल को यान से सिग्नल नहीं मिलेगा।
पहली बार धरती से इतनी दूर पहुंचेंगे: इसी दिन अपोलो 13 का 1970 में बनाया गया धरती से सबसे ज्यादा दूरी का 400,171.18 km का रिकॉर्ड भी टूट सकता है। आर्टेमिस II के अंतरिक्ष यात्रियों के पृथ्वी से 402,336 किमी की दूरी तक पहुंचने की उम्मीद है।