नई दिल्ली: आम आदमी पार्टी (AAP) ने गुरुवार (02 मार्च) को सांसद राघव चड्ढा को राज्यसभा के उपनेता पद से हटा दिया। उनकी जगह राज्यसभा सांसद अशोक मित्तल को दे दी गई है। पार्टी ने राज्यसभा सचिवालय को पत्र लिखकर जानकारी दी। पत्र में कहा कि सदन में पार्टी की तरफ से बोलने का समय न दिया जाए।
राघव चड्ढा साल 2022 से पंजाब से राज्यसभा सांसद हैं। उनका कार्यकाल 2028 तक है। पार्टी ने इस फैसले की वजह नहीं बताई है। हालांकि, उन्होंने लंबे समय से पार्टी से दूरी बना ली थी और AAP को लेकर कोई बयान नहीं दे रहे हैं। 27 फरवरी को जब सीबीई की अदालत से अरविंद केजरीवाल को दिल्ली शराब नीति मामले में राहत मिली, तब भी उन्होंने कोई बयान नहीं दिया था। राज्यसभा में वे लोगों से जुड़े गिग वर्कर्स और स्कूल फीस जैसे मुद्दे उठा रहे थे।
कौन हैं अशोक मित्तल?
अशोक मित्तल भी पंजाब से AAP के राज्यसभा सांसद हैं। पंजाब की लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी के फाउंडर और चांसलर हैं। साल 2022 में राज्यसभा सांसद बने थे। राजनीति में आने से पहले वह कामयाब बिजनेसमैन रहे हैं। उनका परिवार ‘लवली ग्रुप’ का मालिक है, जो ऑटोमोबाइल और मिठाई (लवली स्वीट्स) के व्यवसाय से जुड़ा है।
पिछले दो सत्रों में संसद में राघव चड्ढा ने आम लोगों से जुड़े मुद्दे उठाए
शीतकालीन सत्र 2025
- गिग वर्कर्स का मुद्दा: ब्लिंकिट, जोमैटो और स्विगी जैसे डिलीवरी पार्टनर्स के कम वेतन, 10-मिनट डिलीवरी मॉडल और सामाजिक सुरक्षा की कमी।
- डिजिटल कंटेंट क्रिएटर्स: कॉपीराइट एक्ट 1957 में संशोधन की मांग की, ताकि शिक्षकों और इन्फ्लुएंसर्स को एल्गोरिदम और गलत ‘टेकडाउन’ से बचाया जा सके।
- स्वास्थ्य क्षेत्र: ‘एक देश, एक स्वास्थ्य उपचार’ (One Nation, One Health Treatment) की वकालत की और सरकारी अस्पतालों की बदहाली पर चिंता जताई।
बजट सत्र 2026
- खाद्य मिलावट: राज्यसभा में यूरिया और अन्य मिलावटों का मुद्दा उठाया।
- एयरपोर्ट पर सस्ता खाना: यात्रियों को सस्ता खाना मिले, इसके लिए सभी 150+ एयरपोर्ट्स के डिपार्चर एरिया में किफायती कैफे की मांग की।
- 28-दिन का रीचार्ज: मोबाइल रीचार्ज 28 दिन के बजाय पूरे कैलेंडर महीने (30 ये 31) का हो, बचा हुआ डेटा अगले महीने जुड़ जाए।
- बैंक पेनल्टी: मिनिमम बैलेंस न रखने पर लगने वाले जुर्माने को पूरी तरह खत्म करने का प्रस्ताव दिया।
- संयुक्त इनकम टैक्स फाइलिंग: विवाहित जोड़ों के लिए एक साथ इनकम टैक्स फाइलिंग का विकल्प दिया जाए।
- पितृत्व अवकाशः भारत में पितृत्व अवकाश (paternity leave) को एक कानूनी अधिकार बनाया जाना चाहिए।