SRMS CET में तीन दिवसीय हैकाथॉन 4.0 शुरू, छह राज्यों की 60 टीमें पहुंचीं

SRMS CET में तीन दिवसीय हैकाथॉन 4.0 शुरू, छह राज्यों की 60 टीमें पहुंचीं

बरेली: श्रीराम मूर्ति स्मारक कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी (SRMS CET) में तीन दिवसीय हैकाथॉन 4.0 गुरुवार को आरंभ हुआ। एसआरएमएस ट्रस्ट के संस्थापक एवं चेयरमैन देव मूर्ति ने फीता काट कर हैकाथॉन 4.0 का उद्घाटन किया और इसके आरंभ होने की घोषणा की। प्रतिभागियों को शुभकामनाएं देने के बाद उन्होंने स्किल पर जोर दिया। कहा कि आज डिग्री से ज्यादा स्किल जरूरी है और ऐसी प्रतियोगिताओं से विद्यार्थियों को अपनी स्किल अपडेट करने और प्रतिभा निखारने का अवसर मिलता है।

देव मूर्ति ने एक लाख रुपये की इनामी राशि वाले हैकाथॉन 4.0 में पहले स्थान पर रहने वाली टीम के लिए इनामी राशि बढ़ाने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि पहले स्थान पर रहने वाली टीम को 31 हजार के बजाय इस बार 41 हजार रुपये दिए जाएंगे। अगले वर्ष से प्रतियोगिता की राशि एक लाख रुपये से बढ़ाई जाएगी। उन्‍होंने प्रतियोगियों को स्किल पर फोकस करने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि पढ़ाई में स्किल पर फोकस न होना आज चिंता का विषय बन गया है। बीटेक और एमटेक करने के बाद भी युवाओं को आज नौकरी नहीं मिलती। इसकी वजह स्किल न होना है। ज्यादातर संस्थान भी स्किल डेवलपमेंट को वरीयता देने के बजाय सिर्फ डिग्री बेचने में लगे हैं।

पढ़ाई पर ध्‍यान दें और दिमाग रखें एक्टिव

विद्यार्थियों की गुरु से ज्यादा गूगल पर निर्भरता भी इसकी एक बड़ी वजह है। डिग्री अर्न करने के बजाय डिग्री खरीदी जा रही है। यह चिंताजनक स्थिति है। ऐसे में स्किल बढ़ाना जरूरी है। स्किल की ही डिमांड है। ऐसी प्रतियोगिताएं स्किल को निखारने का काम करती हैं। ऐसे में जीत और हार की चिंता छोड़कर प्रतियोगिताओं में शामिल होना ही अपने आप में महत्वपूर्ण है। आप सब पढ़ने पर ध्यान दें और हमेशा दिमाग को एक्टिव रखें और स्किल के माध्यम से इसका इस्तेमाल करते रहें।

SRMS CET में तीन दिवसीय हैकाथॉन 4.0 शुरू, छह राज्यों की 60 टीमें पहुंचीं

एसआरएमएस सीईटी के प्रिंसिपल, प्रेसिडेंट आईआईसी एवं हैकाथॉन 4.0 के इवेंट डायरेक्टर डॉ. प्रभाकर गुप्ता ने कहा कि कॉलेज के टेक एज सेल द्वारा आयोजित हैकाथॉन 4.0 में इस बार तमिलनाडु, हैदराबाद, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और दिल्ली-एनसीआर के कोयंबटूर, इरोड, हैदराबाद, जबलपुर, हरिद्वार, हल्द्वानी, ग्रेटर नोएडा, लखनऊ, मुरादाबाद और बरेली शहरों में संचालित इंजीनियरिंग कॉलेजों की 60 टीमें शामिल हो रही हैं। इन प्रतिभागियों ने अपने तकनीकी एवं समस्या-समाधान कौशल से प्रौद्योगिकी का उपयोग कर इनोवोट फॉर इम्‍पैक्‍ट: टेक सोल्‍यूशंस फॉर एडवांसिंग एसडीजीज थीम पर अपने प्रस्तावित समाधानों के लिए प्रोटोटाइप और मॉडल पर काम शुरू कर दिया है।

04 अप्रैल को होगा समापन

तीन दिन गहनता से काम करने बाद सभी टीमों की ओर से हैकाथॉन 4.0 के अंतिम दिन शनिवार (04 अप्रैल) को शिक्षाविदों और नवप्रवर्तकों सहित निर्णायकों के पैनल के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा। निर्णायक मंडल इनमें से हैकाथॉन 4.0 के विजेता का चुनाव करेंगे, जिसमें से पहले स्थान पर रहने वाली टीम को 41 हजार रुपये का नकद पुरस्कार दिया जाएगा।

इस अवसर पर एसआरएमएस ट्रस्ट सेक्रेटरी आदित्य मूर्ति, ट्रस्ट एडवाइजर इंजीनियर सुभाष मेहरा, एसआरएमएस सीईटीआर के डीन डॉ. शैलेश सक्सेना, मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल एयर मार्शल (सेवानिवृत्त) डॉ. एमएस बुटोला, पैरामेडिकल कॉलेज की प्रिंसिपल डॉ. जसप्रीत कौर, एसआरएमएस नर्सिंग कॉलेज की प्रिंसिपल डॉ. मुत्थु महेश्वरी, सीईटी की वाइस प्रिंसिपल डॉ. ऋतु सिंह, प्लेसमेंट सेल के डायरेक्टर डॉ. अनुज कुमार, फार्मेसी डायरेक्टर डॉ. अमित कुमार शर्मा, डीएसडब्ल्यू डॉ. सौरभ गुप्ता, हैकाथॉन 4.0 के ऑर्गनाइजिंग सेक्रेटरी डॉ. सत्य देव,  इंजीनियर अश्विनी चौहान एवं  इंजीनियर निपुन पांडेय, सभी विभागाध्यक्ष और स्टाफ मौजूद रहे।

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