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मिडिल ईस्ट पहुंचे 3500 अमेरिकी सैनिक, ईरान में जमीनी ऑपरेशन की तैयारी

मिडिल ईस्ट पहुंचे 3500 अमेरिकी सैनिक, ईरान में जमीनी ऑपरेशन की तैयारी

तेल अवीव/तेहरान/वॉशिंगटन डीसी: अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के अनुसार अमेरिका के 3500 एक्स्ट्रा सैनिक USS त्रिपोली जहाज के जरिए मिडिल ईस्‍ट पहुंच गए हैं। ये सैनिक 31वीं मरीन एक्सपेडिशनरी यूनिट का हिस्सा हैं। उनके साथ बड़े पैमाने पर लड़ाकू विमान और हथियार भी भेजे गए हैं। वहीं, अमेरिकी अखबार वॉशिंगटन पोस्ट ने कुछ अमेरिकी अधिकारियों के हवाले से बताया कि अमेरिका ईरान में कई हफ्तों तक चलने वाले जमीनी ऑपरेशन की तैयारी कर रहा है।

अधिकारियों के अनुसार, यह ऑपरेशन बड़े पैमाने पर नहीं होगा। इसमें स्पेशल फोर्स के छापे और पैदल सैनिकों (इन्फैंट्री) की कार्रवाई शामिल हो सकती है। हालांकि, इसे लेकर ट्रम्प प्रशासन ने अब तक कोई आधिकारिक जानकारी नहीं दी है। दूसरी ओर ईरान के अंग्रेजी अखबार तेहरान टाइम्स ने शनिवार को अमेरिकी सैनिकों की तैनाती को लेकर कहा है कि ये सैनिक ईरान की जमीन से ताबूत में वापस लौटेंगे। अखबार ने अपने फ्रंट पेज पर लिखा- नरक में आपका स्वागत है।

पाकिस्तान में कल 3 देशों के विदेश मंत्रियों की बैठक

पाकिस्तान में कल तुर्किये, मिस्र और सऊदी अरब के विदेश मंत्रियों की बैठक होगी। यहां वे पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ से भी मुलाकात करेंगे। इस्लामाबाद में होने वाली इस बैठक में मिडिल ईस्ट के हालात पर चर्चा होगी।

ट्रम्प के खिलाफ नो किंग्स रैली, 80 लाख लोग शामिल हुए

अमेरिका में शनिवार को राष्ट्रपति ट्रम्प के खिलाफ हुए नो किंग्स रैली में 80 लाख लोगों ने हिस्सा लिया। प्रेस रिलीज के मुताबिक, पूरे अमेरिका के सभी 50 राज्यों में 3,300 से ज्यादा जगहों पर ये प्रदर्शन आयोजित किए गए।

मिडिल ईस्ट पहुंचे 3500 अमेरिकी सैनिक, ईरान में जमीनी ऑपरेशन की तैयारी

आयोजकों ने बताया कि अक्टूबर में हुए पिछले नो किंग्स प्रदर्शनों की तुलना में इस बार करीब 10 लाख ज्यादा लोग शामिल हुए और लगभग 600 ज्यादा कार्यक्रम आयोजित किए गए। इन प्रदर्शनों में लोगों ने ट्रम्प के नेतृत्व को लेकर अपनी नाराजगी जाहिर की।

मिडिल ईस्ट पहुंचे 3500 अमेरिकी सैनिक, ईरान में जमीनी ऑपरेशन की तैयारी

ईरान ने 20 पाकिस्तानी जहाजों को होर्मुज से गुजरने की इजाजत दी

पाकिस्तान के विदेश मंत्री इशाक डार ने बताया कि ईरान ने पाकिस्तानी झंडे वाले 20 जहाजों को होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने की अनुमति दे दी है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर कहा कि इस समझौते के तहत रोजाना दो जहाज इस स्ट्रेट को पार करेंगे।

WHO- लेबनान में एक दिन में 9 स्वास्थ्यकर्मियों की मौत

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार, शनिवार को दक्षिणी लेबनान में पांच अलग-अलग हमलों में 9 स्वास्थ्यकर्मीं मारे गए और 7 अन्य घायल हो गए। इन घटनाओं के बाद मार्च महीने में मारे गए स्वास्थ्यकर्मियों की संख्या बढ़कर 51 हो गई है, जबकि 120 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं। यह जानकारी लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय ने दी।

WHO के अनुसार, इन हमलों के कारण दक्षिणी लेबनान में स्वास्थ्य सेवाएं बुरी तरह प्रभावित हो रही हैं। 4 अस्पताल और 50 से ज्यादा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बंद करने पड़े हैं, जबकि कई अन्य केंद्र नुकसान के कारण सीमित क्षमता पर काम कर रहे हैं।

ईरान जंग के कारण कंबोडिया में डीजल महंगा हुआ

ईरान जंग के कारण कंबोडिया में डीजल और एलपीजी (LPG) की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं। कंबोडिया के वाणिज्य मंत्रालय के हवाले से बताया गया है कि डीजल की कीमत 1.4 प्रतिशत बढ़कर 7,100 रियेल (करीब 1.78 डॉलर) से 7,200 रियेल (करीब 1.80 डॉलर) प्रति लीटर हो गई है।

वहीं, एलपीजी की कीमत 6.2 प्रतिशत बढ़कर 3,200 रियेल (करीब 0.80 डॉलर) से 3,400 रियेल (करीब 0.85 डॉलर) प्रति लीटर पहुंच गई है। हालांकि, सामान्य पेट्रोल की कीमत में कुछ कमी आई है। यह करीब 5,000 रियेल (1.25 डॉलर) प्रति लीटर हो गई है, जो पिछले तीन दिनों में 5,450 रियेल (1.37 डॉलर) से 8.2 प्रतिशत कम है।

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