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ईरान पर अमेरिकी हमले के 100 घंटे पूरे, जारी किया वीडियो; 9 देशों में 14 अमेरिकी बेस पर भी अटैक

ईरान पर अमेरिकी हमले के 100 घंटे पूरे, जारी किया वीडियो; 9 देशों में 14 अमेरिकी बेस पर भी अटैक

तेल अवीव/तेहरान: अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच जारी जंग का गुरुवार (05 मार्च) को छठा दिन है। इसके साथ ही ईरान पर अमेरिकी हमले के 100 घंटे पूरे हो गए हैं। अब तक इस जंग में 01 हजार से ज्यादा लोग मारे गए हैं। वहीं, इजराइल-अमेरिका में मिलकर 17 ईरानी जहाज डुबाए।

ईरान ने पलटवार करते हुए मिडिल ईस्ट के 9 देशों में बने अमेरिकी बेस पर हमला किया। इस बीच इजराइल ने लेबनान के त्रिपोली शहर में स्थित फिलिस्तीनी शरणार्थी कैंप पर हमला किया है। रिपोर्ट के मुताबिक, यह हमला बेद्दावी रिफ्यूजी कैंप में हुआ, जो उत्तरी लेबनान का सबसे बड़ा फिलिस्तीनी शरणार्थी कैंप माना जाता है।

डिमोना न्यूक्लियर सेंटर को निशाना बना सकता है ईरान

इस बीच ईरान ने इजराइल को कड़ी चेतावनी दी है। एक ईरानी सैन्य अधिकारी ने कहा कि अगर अमेरिका और इजराइल, ईरान में सत्ता परिवर्तन की कोशिश करते हैं, तो ईरान इजराइल के डिमोना न्यूक्लियर सेंटर को निशाना बना सकता है।

ईरानी न्यूज एजेंसी ISNA के मुताबिक, अधिकारी ने कहा कि ऐसी किसी भी कार्रवाई की स्थिति में दक्षिणी इजराइल में स्थित इस परमाणु केंद्र पर हमला किया जा सकता है।

ईरान के खिलाफ हमले के 100 घंटे पूरे होने पर अमेरिका ने जारी किया वीडियो

अमेरिका ने भारत से लौट रहे ईरान युद्धपोत पर हमला किया

अमेरिका ने बुधवार को भारत से लौट रहे एक ईरानी युद्धपोत IRIS देना को श्रीलंका के पास हमला कर डुबा दिया है। हमले में अब तक 87 ईरानी नौसैनिक मारे गए हैं। यह जानकारी श्रीलंकाई सरकार ने दी है। अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने बताया कि हिंद महासागर में अमेरिकी पनडुब्बी ने ईरानी जहाज को टॉरपीडो से निशाना बनाकर डुबा दिया। श्रीलंका की नेवी ने 32 घायल नौसैनिकों का रेस्क्यू कर उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया है।

उन्‍होंने बताया कि जहाज पर लगभग 180 नौसैनिक सवार थे। लापता लोगों की तलाश के लिए सर्च और रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है। यह ईरानी युद्धपोत पिछले महीने भारत के विशाखापट्टनम में आयोजित 2026 इंटरनेशनल फ्लीट रिव्यू में हिस्सा लेकर लौट रहा था। श्रीलंकाई अधिकारियों ने अल जजीरा को बताया कि बुधवार सुबह करीब 6 से 7 बजे के बीच (भारतीय समय के मुताबिक) मदद के लिए मैसेज भेजा। यह जहाज दक्षिणी श्रीलंका के गाले शहर से करीब 40 समुद्री मील (करीब 75 किलोमीटर) दूर था।

ईरानी युद्धपोत पर हमले का वीडियो

कतर एयरवेज रियाद के लिए राहत उड़ाने चलाएगी

कतर एयरवेज ने घोषणा की है कि फंसे हुए यात्रियों को निकालने के लिए वह आज से मस्कट और रियाद से कुछ विशेष राहत उड़ाने चलाएगी। एयरलाइन के अनुसार इन उड़ानों का मकसद उन यात्रियों को गंतव्य तक पहुंचाना है जो हालिया क्षेत्रीय तनाव और हवाई यात्रा में बाधा के कारण फंस गए हैं।

हालांकि, दोहा से कतर एयरवेज की नियमित उड़ानें फिलहाल निलंबित रहेंगी, क्योंकि कतर का हवाई क्षेत्र अभी भी बंद है। अधिकारियों का कहना है कि हवाई क्षेत्र खुलने के बाद ही दोहा से सामान्य उड़ान सेवाएं दोबारा शुरू की जाएंगी।

ईरान के बेस पर हमले की सैटेलाइट फुटेज जारी

नई सैटेलाइट तस्वीरों में उत्तर ईरान के कर्मानशाह मिसाइल बेस को हुए नुकसान का पता चला है। तस्वीरों के मुताबिक, हमलों में बेस की ज्यादातर इमारतें टूट गई हैं। वहीं जमीन के नीचे बने हिस्सों में जाने वाले रास्ते भी डैमेज हो गए हैं।

नेतन्याहू के सलाहकार बोले– ईरान ने गलती से लड़कियों के स्कूल पर मिसाइल गिराई

दक्षिणी ईरान में एक लड़कियों के स्कूल पर हुए हमले को लेकर अंतरराष्ट्रीय मीडिया में काफी चर्चा हो रही है। ईरान का कहना है कि इस हमले में कम से कम 168 लोगों की मौत हुई, जिनमें 7 से 12 साल की कई बच्चियां भी शामिल हैं।

इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के सलाहकार ओफिर फाल्क ने एक इंटरव्यू में कहा कि हो सकता है गलती यह हमला ईरान की ही मिसाइल से हुआ हो, जो रास्ता भटककर स्कूल पर गिर गई। उन्होंने कहा कि अमेरिका और उसके सहयोगी जानबूझकर आम लोगों को निशाना नहीं बनाते।

वहीं, ब्रिटिश अखबार द गार्जियन ने इन दावों पर सवाल उठाए हैं। रिपोर्ट के मुताबिक जो तस्वीरें सबूत के तौर पर दिखाई जा रही हैं, वे घटना वाली जगह से करीब 1600 किलोमीटर दूर की हैं।

इजराइल बोला– ईरानी अधिकारियों के पास लेबनान छोड़ने के लिए 24 घंटे

इजराइल ने लेबनान में मौजूद ईरानी अधिकारियों को देश छोड़ने के लिए 24 घंटे का समय दिया था। इसके जवाब में ईरान ने कहा है कि अगर उसके दूतावास पर हमला हुआ तो वह इजराइल के दूतावासों को निशाना बनाएगा।

कनाडा बोला– ईरान जंग में सेना भेजने पर अभी फैसला नहीं

कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने कहा है कि अभी यह नहीं कहा जा सकता कि कनाडा, ईरान के खिलाफ युद्ध में सेना भेजेगा या नहीं। उन्होंने कहा कि कनाडा अपने सहयोगियों के साथ खड़ा रहेगा, लेकिन जरूरत पड़ने पर सैन्य मदद देने की संभावना से भी इनकार नहीं किया जा सकता।

इजराइल-ईरान जंग में अब तक 1045 लोगों की मौत

अमेरिका-इजराइल और ईरान जंग में अब तक 1,045 लोगों की मौत हो चुकी है। यह जानकारी अल जजीरा ने दी है। वहीं अमेरिकी सीनेट ने एक प्रस्ताव को रोक दिया, जिसका मकसद राष्ट्रपति ट्रम्प की ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई को सीमित करना था। इस प्रस्ताव के खिलाफ 53 वोट पड़े और 47 वोट समर्थन में थे।

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