J&K: जम्मू-कश्मीर एक बार फिर आतंकवाद विरोधी कार्रवाई के केंद्र में है. जनवरी 2026 में शुरू किया गया ऑपरेशन त्राशी-I जम्मू क्षेत्र में आतंकियों के खिलाफ सुरक्षा बलों का एक बड़ा और सुनियोजित अभियान माना जा रहा है. इस ऑपरेशन का मुख्य उद्देश्य किश्तवाड़ जिले और आसपास के पहाड़ी इलाकों में सक्रिय आतंकियों को खत्म करना और उनके नेटवर्क को पूरी तरह कमजोर करना है. वहीं जम्मू कश्मीर जिला के सीमावर्ती गांव चालियारी में शनिवार की सुबह पाकिस्तानी ड्रोन ने भारतीय सीमा में घुसपैठ की BSF ने 4 राउंड फायर किया.
इसके बाद वापस पाक सीमा में लौट गया. वहीं घटना के बाद इलाके में सर्च ऑपरेशन जारी है. ANI की रिपोर्ट के मुताबिक शनिवार (31 जनवरी 2026) की सुबह किश्तवाड़ के डोलगाम और चत्रू इलाकों में आतंकियों और सुरक्षा बलों के बीच मुठभेड़ हुआ. यह इस बात का संकेत है कि खुफिया एजेंसियों की सूचनाओं के आधार पर जमीन पर लगातार निगरानी और कार्रवाई की जा रही है. सुरक्षा एजेंसियां लंबे समय से इस क्षेत्र में आतंकियों की मौजूदगी को लेकर सतर्क थीं.
डोलगाम और चत्रू में मुठभेड़ की स्थिति
31 जनवरी 2026 को तड़के डोलगाम क्षेत्र में आतंकियों और सुरक्षा बलों के बीच संपर्क हुआ. सेना की ओर से बताया गया कि ऑपरेशन से पहले सभी खुफिया सूचनाओं का गहन विश्लेषण किया गया था. इसके बाद इलाके में आतंकियों की मौजूदगी की पुष्टि होने पर घेराबंदी और तलाशी अभियान शुरू किया गया. मुठभेड़ के बाद पूरे क्षेत्र को सील कर दिया गया है और सर्च ऑपरेशन लगातार जारी है. अभी तक किसी आतंकी के मारे जाने या सुरक्षा बलों को हुए नुकसान को लेकर कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है. व्हाइट नाइट कोर ने साफ किया है कि ऑपरेशन त्राशी-I अभी जारी है और स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है.