बरेली: एसआरएमएस ट्रस्ट के बरेली, लखनऊ और उन्नाव स्थित संस्थानों में 77वां गणतंत्र दिवस धूमधाम से मनाया गया। इस अवसर पर सीईटी, सीईटीआर और पैरामेडिकल के विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति भी वितरित की गई। एसआरएमएस ट्रस्ट चेयरमैन देव मूर्ति ने बरेली में रिद्धिमा, गुडलाइफ हास्पिटल, सीईटीआर, सीईटी और एसआरएमएस मेडिकल कॉलेज में राष्ट्रीय ध्वज फहराया। लखनऊ स्थित संस्थानों में अंबिका मूर्ति और प्रोफेसर श्यामल गुप्ता ने राष्ट्रीय ध्वज फहराया।
देव मूर्ति, आदित्य मूर्ति, ट्रस्ट एडवाइजर इंजीनियर सुभाष मेहरा, मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल एयर मार्शल (सेवानिवृत्त) डॉ. एमएस बुटोला, मेडिकल सुपरिटेंडेंट डॉ. आरपी सिंह, पैरामेडिकल कॉलेज की प्रिंसिपल डॉ. जसप्रीत कौर, सीईटी के प्रिंसिपल डॉ. प्रभाकर गुप्ता, नर्सिंग कॉलेज की प्रिंसिपल डॉ. मुथु महेश्वरी, सीईटीआर के डीन एकेडेमिक्स डॉ. शैलेंद्र सक्सेना, डॉ. आशीष कुमार ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी और स्वतंत्रता सेनानी राम मूर्ति जी के चित्रों पर श्रद्धांजलि पुष्प अर्पित किए। यहां राष्ट्रीय ध्वज फहराने के बाद देव मूर्ति ने सभी को गणतंत्र दिवस की बधाई दी और देश की आजादी के लिए संघर्ष करने वाले स्वतंत्रता सेनानियों को नमन किया।

देश के विकास में योगदान देने की अपील
चेयरमैन देव मूर्ति ने कहा कि 26 जनवरी, 1950 को संविधान लागू होने के बाद हमारा देश विश्व के सबसे बड़े गणतंत्र के रूप में सामने आया। उन्होंने देश के विकास में योगदान की अपील की। इस मौके पर मेडिकल कालेज के प्रिंसिपल प्रिंसिपल एयर मार्शल (सेवानिवृत्त) डॉ. एमएस बुटोला ने स्वतंत्रता सेनानियों को याद किया और उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि गणतंत्र दिवस लोकतंत्र में अधिकारों और कर्तव्यों के संतुलन का संदेश देता है। हमें अपने अधिकारों के साथ कर्तव्यों का भी निर्वहन करना चाहिए। यही देश की सबसे बड़ी सेवा है। मेडिकल सुपरिटेंडेंट डॉ. आरपी सिंह ने सभी का आभार जताया और गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं दीं।


इससे पहले एसआरएमएस मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस की छात्राओं ने राष्ट्रगान प्रस्तुत किया। इसके बाद पैरामेडिकल और मेडिकल के विद्यार्थियों ने अलग-अलग देशभक्ति गीत प्रस्तुत कर शहीद जवानों को भावपूर्ण श्रद्धांजलि दी। गणतंत्र दिवस के अवसर पर इंजीनियरिंग कॉलेज और मेडिकल कॉलेज की टीमों के बीच मैत्री क्रिकेट मैच भी खेला गया। इस मौके पर सभी कॉलेजों के विभिन्न डायरेक्टर, विभागाध्यक्ष, डीन, डीएसडब्ल्यू, फैकेल्टी मेंबर और स्टाफ मौजूद रहा।