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अनशन पर शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद, बोले- जब तक प्रशासन माफी नहीं मांगता, आश्रम नहीं जाऊंगा

अनशन पर शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद, बोले- जब तक प्रशासन माफी नहीं मांगता, आश्रम नहीं जाऊंगा

प्रयागराज: प्रयागराज माघ मेले में शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद का धरना सोमवार को भी जारी है। पालकी यानी रथ यात्रा रोके जाने के विरोध में शंकराचार्य वहीं धरने पर बैठे हैं, जहां पुलिस उन्हें छोड़ गई थी। वे अपने पंडाल में पूरी रात ठंड में धरने पर बैठे रहे। 22 घंटे से अनाज का एक दाना भी ग्रहण नहीं किया। पानी तक छोड़ दिया।

इसी बीच शंकराचार्य ने आज दोपहर में प्रेस कॉन्फ्रेंस की और कहा कि जब तक प्रशासन आकर माफी नहीं मांगता, तब तक हम अपने आश्रम में प्रवेश नहीं करेंगे। फुटपाथ पर ही रहेंगे। उन्होंने कहा कि शंकराचार्य जब भी इतिहास में स्नान करने गए हैं, पालकी में ही गए हैं। हर साल इसी पालकी में जाते रहे हैं। उन्होंने साफ कहा कि जब तक पुलिस प्रशासन सम्मान और प्रोटोकॉल के साथ नहीं ले जाएगा, तब तक गंगा स्नान नहीं करूंगा।

कल से कुछ भी नहीं खाया

इससे पहले मीडिया प्रभारी शैलेंद्र योगीराज ने बताया कि शंकराचार्य ने कल से कुछ भी नहीं खाया है। कोई प्रशासनिक अधिकारी उनसे मिलने भी नहीं आया। सुबह अपनी पूजा और दंड तर्पण उसी स्थान पर किया। वहीं, मौनी अमावस्या पर 4 करोड़ 52 लाख लोगों ने आस्था की डुबकी लगाई। इस आंकड़े के हिसाब से प्रयागराज रविवार को पूरी दुनिया के शहरों के हिसाब से सबसे बड़ी आबादी वाला शहर रहा। हाल के आंकड़ों पर नजर डालें तो विश्व का सबसे अधिक आबादी वाला शहर इंडोनेशिया की राजधानी जकार्ता (करीब 4 करोड़) है।

शंकराचार्य बोले– वॉट्सऐप से 3 दिन पहले ही हमने स्नान की सूचना दे दी थी

शंकराचार्य ने कहा- हम जहां डुबकी लगाते हैं, वहीं लोग डुबकी लगाना चाहते हैं। हमारी डुबकी देखकर करोड़ों जनता यहां आई है। और आप हमारे रास्ते को रोकते हैं। कहते हैं कि आपने परमिशन नहीं ली। अगर बात ये है कि मेला प्रशासन को सूचना देनी होती है, तो हम सूचना देते रहे हैं। अब तक हम लोग सूचना देते रहे तो उन्हें लग रहा था कि हम परमिशन मांगते रहे हैं। जो सूचना पहले हमारे शिविर की ओर से दी जाती थी, वो सूचना इस वर्ष भी वॉट्सऐप के माध्यम तीन दिन पहले दिया गया था।

मेला प्रशासन कहता है कि मैं पालकी में था। उन्होंने कहा कि पालकी से उतर जाओ, तो हम नहीं उतरे। मैं स्पष्ट करता हूं कि शंकराचार्य जब भी इतिहास में स्नान करने गए हैं, पालकी में ही गए हैं। हर साल इसी पालकी में जाते रहे हैं।

शंकराचार्य बोले– पुलिस ने हमें जहां लाकर छोड़ा, हम वहीं पर बैठे

शंकराचार्य ने स्पष्ट किया कि हम धरने पर नहीं बैठे हैं। हम पुलिस के संरक्षण में थे। पुलिस ने हमें जहां लाकर छोड़ा, हम वहीं पर बैठे हैं। 18 घंटे अमावस्या का समय था। वह बीत गया। हम तब तक यहीं बैठे रहे। उन्होंने साफ कहा कि वह शिविर में तब तक प्रवेश नहीं करेंगे, जब तक सम्मान के साथ उन्हें स्नान नहीं कराया जाएगा। प्रवेश नहीं दिया जाएगा।

10-11 मार्च को दिल्ली में संत एकजुट होकर ताकत दिखाएंगे

शंकराचार्य ने कहा कि बीजेपी गौ हत्या को बढ़ावा दे रही है। हम इसका विरोध कर रहे हैं। इसलिए हमें परेशन किया जा रहा है। गौ-माता के लिए उठाया गया कदम पीछे नहीं हटेगा। प्रशासन चाहे जितनी बाधा उत्पन्न करें, हम हर अवरोध, हर बाधा को पार करेंगे।

उन्होंने कहा- हम गौरक्षा के लिए प्रारंभ की गई यात्रा को जारी रखेंगे। अब तक हम पैदल जाते थे, लेकिन अब जहां कहीं भी जाना होगा, पालकी हमारे साथ ही रहेगी। प्रशासन ने यहां ताकत दिखाई, हम यहां ताकत नहीं दिखाएंगे। 10-11 मार्च को चैत्र की शीतला सप्तमी और अष्टमी को दिल्ली में संत एकजुट होकर दिखाएंगे।

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