बरेली में पारा 3.8 डिग्री, बर्फीली हवाओं और पाले ने बढ़ाई ठिठुरन; अस्पतालों में बढ़े मरीज
बरेली: बरेली जिले को उत्तर प्रदेश के सबसे ठंडे जिले के रूप में दर्ज किया गया है। मंगलवार सुबह पूरा बरेली मंडल घने कोहरे की चादर में लिपटा रहा, जिससे दृश्यता (विजिबिलिटी) घटकर महज 50 मीटर रह गई। सड़कों पर हेडलाइट जलाकर रेंगते वाहनों के कारण यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ है।
वहीं, 10 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल रही बर्फीली उत्तर-पश्चिमी हवाओं ने गलन इस कदर बढ़ा दी है कि लोग घरों में दुबकने को मजबूर हैं। हालांकि, बीते तीन दिनों से दोपहर में हल्की धूप निकलने से राहत मिली थी, लेकिन अब शीतलहर और पाला पड़ने से ठिठुरन फिर चरम पर पहुंच गई है।
48 घंटों तक शीतलहर और पाले का अलर्ट
मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, बरेली में मंगलवार को न्यूनतम तापमान गिरकर 3.8 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया, जबकि अधिकतम तापमान 16 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया है। वैज्ञानिकों का विश्लेषण है कि पश्चिमी विक्षोभ के गुजरने के बाद हवाओं का रुख बदला है, जिससे पिछले 24 घंटों में तापमान में 3 डिग्री तक की भारी गिरावट आई है।
मौसम विभाग ने अगले 48 घंटों के लिए बरेली सहित आगरा, अलीगढ़ और मेरठ मंडलों में भारी शीतलहर और पाला (Frost) गिरने का अलर्ट जारी किया है। माना जा रहा है कि परसों के बाद ही तापमान में क्रमिक वृद्धि शुरू होगी।
ठंड से सांस के मरीजों की बढ़ी मुश्किलें
भीषण ठंड और गलन का सीधा असर बरेली के स्वास्थ्य केंद्रों पर दिखने लगा है। जिला अस्पताल से लेकर निजी क्लीनिकों तक में मरीजों की लंबी कतारें लग रही हैं। बर्फीली हवाओं और पाले के कारण हार्ट अटैक, ब्रेन स्ट्रोक और अस्थमा के मरीजों की संख्या में 30 फीसदी तक का इजाफा देखा गया है। इसके अलावा बच्चों में निमोनिया और बुजुर्गों में जोड़ों के दर्द की शिकायतें बढ़ी हैं। डॉक्टरों ने लोगों को सलाह दी है कि बहुत जरूरी होने पर ही घर से बाहर निकलें और शरीर को पूरी तरह गर्म कपड़ों से ढंककर रखें।



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