उत्तर प्रदेश, राजनीति

बरेली में मिले 25 से ज्‍यादा बोगस फर्मों के दस्तावेज, खातों की कर रही जांच पुलिस

बरेली में मिले 25 से ज्‍यादा बोगस फर्मों के दस्तावेज, खातों की कर रही जांच पुलिस

बरेली: यूपी के बरेली जिले में करोड़ों रुपये के GST और हवाला घोटाले में चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं। एसपी साउथ अंशिका वर्मा ने सोमवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इस सिंडिकेट का भंडाफोड़ करने के बाद से पुलिस की कई टीमें लगातार जांच में जुटी हुई हैं। जांच के दौरान यह बात सामने आई है कि यह खेल महज 24 करोड़ तक सीमित नहीं था, बल्कि अब तक के मिले दस्तावेजों के अनुसार ट्रांजैक्शन का आंकड़ा 200 करोड़ रुपये को पार कर चुका है। पुलिस को 25 से ज्‍यादा ऐसी बोगस फर्मों के प्रमाण मिले हैं, जिनके जरिए काले धन को सफेद किया जा रहा था।

पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों शाहिद और अमित गुप्ता से गहन पूछताछ की और उनके द्वारा संचालित खातों को खंगाला तो वित्तीय गड़बड़ी की गहराई का अंदाजा हुआ। जांच में एक अकेली फर्म ‘सत्य साहब ट्रेडर्स’ से ही करीब 88 करोड़ रुपये का लेन-देन पाया गया है। पुलिस अधिकारियों का मानना है कि जैसे-जैसे जांच का दायरा बढ़ेगा और अन्य संदिग्ध फर्मों के खातों की ऑडिटिंग होगी, यह आंकड़ा 500 करोड़ तक भी जा सकता है। पुलिस अब इन खातों के ‘मनी ट्रेल’ को ट्रैक कर रही है, जिससे पता चल सके कि हवाला का यह पैसा किन शहरों या देशों तक जा रहा था।

जांच में फंसी 25 से ज्यादा बोगस फर्में

पुलिस की छानबीन में यह पैटर्न सामने आया है कि गिरोह के सदस्य आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को अपना शिकार बनाते थे। उन्हें सरकारी लोन दिलाने या व्यापार में हिस्सेदार बनाने का झांसा देकर उनके आधार कार्ड, पैन कार्ड और फोटो ले लिए जाते थे। इन्हीं दस्तावेजों के आधार पर ‘सत्य साहब ट्रेडर्स’, ‘महावीर ट्रेडिंग’ और ‘महाकाल ट्रेडर्स’ जैसी फर्में कागजों पर खड़ी की गईं। भुता थाना पुलिस और क्राइम ब्रांच की संयुक्त जांच में पाया गया कि ये फर्में धरातल पर कहीं मौजूद ही नहीं हैं, इनका उपयोग सिर्फ फर्जी इनवॉइस जेनरेट करने और फंड ट्रांसफर के लिए किया जा रहा था।

एसपी साउथ अंशिका वर्मा ने बताया कि सोमवार को इस मामले के खुलासे के बाद से हमारी टीमें लगातार बैंक रिकॉर्ड्स और जीएसटी पोर्टल के डेटा का विश्लेषण कर रही हैं। यह महज एक सामान्य धोखाधड़ी नहीं, बल्कि आर्थिक ढांचे को नुकसान पहुंचाने वाला एक बड़ा संगठित अपराध है। पिछले चार दिनों की जांच में जो तथ्य सामने आए हैं, वे बेहद गंभीर हैं। अब तक करीब 25 फर्जी फर्मों की पहचान हो चुकी है, जिनके माध्यम से करीब 200 करोड़ रुपये का संदिग्ध ट्रांजैक्शन किया गया है।

सभी ‘म्यूल अकाउंट्स’ को कराया जाएगा फ्रीज

उन्‍होंने कहा कि हमारी प्राथमिकता अब उन सभी ‘म्यूल अकाउंट्स’ को फ्रीज कराने की है, जिनका इस्तेमाल किया गया। जांच इस बिंदु पर भी केंद्रित है कि शाहजहांपुर का मास्टरमाइंड नीतू गुप्ता किन बड़े सफेदपोशों के संपर्क में था और यह पैसा अंतत: किसके पास जा रहा था। हमने आयकर विभाग और जीएसटी इंटेलिजेंस के साथ भी समन्वय स्थापित किया है, ताकि इस व्यापक टैक्स चोरी और हवाला नेटवर्क के हर किरदार को सलाखों के पीछे भेजा जा सके। इसमें अभी कई और गिरफ्तारियां होना तय है।

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