उत्तर प्रदेश, राजनीति

संभल में कब्रिस्तान की पैमाइश, जामा मस्जिद के बगल ढाई बीघा में अवैध कब्जा

संभल में कब्रिस्तान की पैमाइश, जामा मस्जिद के बगल ढाई बीघा में अवैध कब्जा

संभल: जामा मस्जिद के बगल में बने कब्रिस्तान की पैमाइश पूरी हो गई। ढाई बीघा जमीन पर अवैध कब्जा मिला है। जिलाधिकारी राजेंद्र पैंसिया ने बताया कि 22 मकान और दुकानें चिह्नित की गई हैं, उन्हें नोटिस भेजा जाएगा। अगर उनके पास कोई दस्तावेज हैं तो वे पेश कर सकते हैं। इसके बाद आगे की कानूनी कार्रवाई होगी। मामला तीन से चार महीने में पूरा हो जाएगा। करीब साढ़े तीन घंटे तक चार कानूनगो और 22 लेखपाल ने नपाई की। इसे देखते हुए इलाके को छावनी में बदल दिया गया।

PAC, RAF और पुलिस के 500 जवान तैनात रहे। ड्रोन से निगरानी की गई। सत्यव्रत चौकी के कंट्रोल रूम से भी नजर रखी गई। पैमाइश के दौरान तहसीलदार धीरेंद्र प्रताप सिंह ने बताया- कब्रिस्तान के एक हिस्से पर अवैध कब्जा है। जिन लोगों ने ऐसा किया है, उनसे कागजात मांगे गए हैं। अगर वे सही नहीं पाए गए तो बुलडोजर एक्शन किया जाएगा।

जानिए पूरा विवाद

दरअसल, श्री कल्कि सेना (निष्कलंक दल) के राष्ट्रीय संयोजक और वकील सुभाष त्यागी ने 12 दिसंबर को DM से इसकी शिकायत की। कहा था कि 1980 के दशक में जमीन खाली थी और टीले के रूप में थी, लेकिन 20 से 25 सालों में कब्रिस्तान की जमीन पर अवैध कब्जा कर लिया गया। अब मकान और दुकानें खड़ी कर दी गई हैं।

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि 24 नवंबर, 2024 को संभल में हरिहर मंदिर के सर्वे के दौरान हुई हिंसा में भीड़ ने इन्हीं मकानों की छतों से पत्थर फेंके और फायरिंग की। ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए गैरकानूनी निर्माणों को हटाना जरूरी है।

डीएम बोले– पैमाइश पूरी हुई, ढाई बीघा जमीन पर कब्जा मिला

डीएम राजेंद्र पेंसिया ने बताया कि पहले एक मौखिक शिकायत मिली थी, उसके बाद लिखित शिकायत आई। इसके बाद राजस्व विभाग ने विवादित स्थल की पैमाइश कराई। पैमाइश में यह स्पष्ट हुआ कि यह जमीन पूरी तरह कब्रिस्तान की है। पैमाइश के दौरान यहां 22 मकान और दुकानें चिह्नित की गई हैं, जिन पर कब्जा पाया गया है। उन्हें नोटिस भेजा जाएगा। अगर उनके पास कोई दस्तावेज हैं तो वे दिखा सकते हैं। इसके बाद आगे कानूनी कार्रवाई की जाएगी। कुछ लोग कब्जा 60 से 65 साल पुराना बता रहे हैं, लेकिन जांच में सामने आया है कि कुछ कब्जे पुराने हैं और कुछ नए भी हैं।

उन्‍होंने कहा कि यह मामला धारा 67 के तहत कोर्ट में चलेगा और उसी के अनुसार आगे की प्रक्रिया होगी। किसी भी मकान या दुकान का रिकॉर्ड दर्ज नहीं है। मामला तीन से चार महीने में पूरा हो जाएगा। कुल 4780 वर्ग मीटर जमीन में से 1200 से 1500 वर्ग मीटर पर कब्जा पाया गया है, जो लगभग ढाई बीघा है। सभी दुकानदारों और मकान मालिकों को नोटिस देकर उनका पक्ष सुना जाएगा, उसके बाद आगे की कार्रवाई होगी।

दुकानदार बोले– पैमाइश के बाद ही पता चलेगा अवैध कब्जा है या नहीं

दुकानदार हाजी खुर्शीद ने बताया कि उनकी पेंट की दुकान 20 साल से किराए पर है। सबकी पैमाइश हो रही है। अवैध कब्जा है या नहीं, यह तो जांच के बाद ही तय होगा। अभी कुछ साफ नहीं है कि आगे क्या होगा। हमारे मालिक कह रहे हैं कि अपना पक्ष रखा जाएगा। उनके पास बैनामा और नक्शा सब मौजूद है। अगर कोई कार्रवाई होती है, तो आगे क्या करना है, मालिक ही तय करेंगे।

डीएम और एसपी ने फोर्स के साथ फ्लैग मार्च किया। तहसीलदार धीरेंद्र प्रताप सिंह ने उन्हें नक्शा दिखाया। इसके बाद अधिकारियों ने कब्रिस्तान की जमीन का मुआयना किया। ड्रोन कैमरे से पूरे परिसर का निरीक्षण कराया।

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