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इंडिगो को लेकर केंद्र का सख्‍त रुख, फ्लाइट शेड्यूल और स्लॉट काटने की तैयारी में सरकार

इंडिगो को लेकर केंद्र का सख्‍त रुख, फ्लाइट शेड्यूल और स्लॉट काटने की तैयारी में सरकार

नई दिल्‍ली: देश की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो में हाल ही में बड़े पैमाने पर हुई फ्लाइट कैंसिलेशन और परिचालन अव्यवस्था के मद्देनजर केंद्र सरकार ने कड़ा रुख अपनाया है। नागरिक उड्डयन मंत्री के. राम मोहन नायडू ने ऐलान किया है कि परिचालन स्थिरता सुनिश्चित करने और यात्रियों की परेशानी कम करने के लिए इंडिगो के सर्दियों के उड़ान शेड्यूल में कटौती की जाएगी और एयरलाइन के कुछ स्लॉट अन्य एयरलाइंस को वितरित किए जाएंगे।

उड्डयन मंत्री ने स्पष्ट किया कि वर्तमान में इंडिगो करीब 2,200 दैनिक उड़ानें चला रही है, लेकिन सरकार इसे निश्चित रूप से कम करेगी। यह कार्रवाई 01 से 08 दिसंबर के बीच हुई हजारों फ्लाइट कैंसिलेशन, लंबे इंतजार और बैगेज में देरी जैसी समस्याओं के बाद की जा रही है। सरकार के मुताबिक, इस अवधि में रद्द हुए 730,655 PNRs के लिए यात्रियों को ₹745 करोड़ रुपये वापस किए जा चुके हैं। एयरलाइन के पास फंसे करीब 9,000 बैग में से 6,000 यात्रियों तक पहुंचा दिए गए हैं और बाकी बैग मंगलवार तक पहुंचाने का लक्ष्य है।

एयरलाइन कंपनी पर सख्त कार्रवाई

TOI की रिपोर्ट के अनुसार, राज्यसभा में नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू ने इंडिगो संकट पर कहा कि नियम तोड़ने वाली किसी भी एयरलाइन पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी, ताकि यह बाकी कंपनियों के लिए भी सबक बने। संकट के सातवें दिन भी इंडिगो की 500 से ज्यादा उड़ानें रद्द रहीं। उन्‍होंने साफ कहा कि सरकार यात्रियों, पायलटों और क्रू की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं करेगी। मंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि इंडिगो की मौजूदा समस्या का नए फ्लाइट ड्यूटी टाइम लिमिटेशन (FDTL) नियमों से कोई संबंध नहीं है और जिन यात्रियों को परेशानी हुई है, उनकी जिम्मेदारी तय की जाएगी।

किराये पर सरकार का रुख

नागरिक उड्डयन राज्य मंत्री मुरलीधर मोहोल ने राज्यसभा में बताया कि सरकार का हवाई किराए पर कोई कंट्रोल नहीं है। एयरलाइंस को अपनी परिचालन आवश्यकताओं के आधार पर किराया तय करने की छूट है। हालांकि, टीएमयू (Tariff Monitoring Unit) मासिक आधार पर 78 चयनित मार्गों पर हवाई किराए की निगरानी करती है, जिससे दरें एयरलाइंस के लिए तय शुल्कों की सीमा के भीतर बनी रहें।

हाई-लेवल समीक्षा बैठक आज

नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने मंगलवार यानी आज सभी एयरलाइन ऑपरेटर्स की एक उच्च-स्तरीय समीक्षा बैठक बुलाई है। सूत्रों के अनुसार, बैठक में इंडिगो का परिचालन कब और कैसे सामान्य होगा, यात्री देखभाल और रिफंड प्रक्रिया की समीक्षा, एयरफेयर कैपिंग पर अपडेट, भविष्य में ऐसी अव्यवस्था रोकने के उपाय, स्लॉट वितरण और अन्य एयरलाइंस को नई क्षमता देने पर निर्णय जैसे प्रमुख मुद्दों पर चर्चा की जाएगी।

वहीं, इंडिगो संकट के कारण पिछले सात दिनों में IndiGo के शेयर लगभग 17% गिर गए हैं, जिससे इसकी मार्केट वैल्यू $4.3 अरब कम हो गई है।

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