लखनऊ: उत्तर प्रदेश स्पेशल टास्क फोर्स ( UP STF) ने बड़ी कामयाबी हालिस की है। टीम ने कूटरचित दस्तावेजों का उपयोग कर फर्जी प्रोफाइल बनाकर विभिन्न बैंकों से 100 करोड़ रुपये से ज्यादा का होम लोन लेकर गबन करने वाले एक संगठित गिरोह का भंडाफोड़ किया है। इस गिरोह के सरगना सहित आठ अभियुक्तों को गौतमबुद्ध नगर से गिरफ्तार किया गया है।
STF फील्ड यूनिट गौतमबुद्ध नगर ने ठगी में शामिल रामकुमार (सरगना, पूर्व बैंक लोन एग्जीक्यूटिव, गाजियाबाद), नितिन जैन (दिल्ली), मो. वसी (कंपनी सेक्रेटरी/लीगल एंड रिस्क मैनेजर, झारखंड), शमशाद आलम (बिहार), इन्द्रकुमार कर्माकर (गुरुग्राम, हरियाणा), अनुज यादव (गाजियाबाद), ताहिर हुसैन (संभल) और अशोक उर्फ दीपक जैन उर्फ रिंकी (दिल्ली) को 4 दिसंबर को सूरजपुर थाना क्षेत्र से गिरफ्तार किया। इनके पास से 126 चेकबुक/पासबुक, 170 विभिन्न बैंकों के ATM कार्ड, 45 आधार कार्ड, 27 पैन कार्ड, 5 वोटर आईडी कार्ड, 26 मोबाइल फोन (अपराध में प्रयुक्त), 3 लैपटॉप, 3 लक्जरी गाड़ियां (टाटा हैरियर, महिंद्रा टीयूवी, किआ सेल्टोस), फर्जी आईडी कार्ड, होम लोन से संबंधित रजिस्ट्री और एग्रीमेंट की कई प्रतियां बरामद की गई हैं।
बिल्डरों और बैंककर्मियों की मिलीभगत से चल रही थी धोखाधड़ी
गिरोह का सरगना रामकुमार (MBA पास, पूर्व में HDFC और Axis बैंक में लोन एग्जीक्यूटिव) था, जो बिल्डरों और बैंक कर्मियों की मिलीभगत से इस धोखाधड़ी को अंजाम देता था। उसने TSA सॉफ्टवेयर सर्विसेज और ट्रिपटेकी प्राइवेट लिमिटेड जैसी फर्जी कंपनियां पंजीकृत कराईं। ये कंपनियां फर्जी आधार कार्ड पर बनाए गए व्यक्तियों को डायरेक्टर बनाती थीं। बैंककर्मियों की मिलीभगत से इन फर्जी व्यक्तियों के नाम पर खाते खोले जाते थे। खातों में फर्जी सैलरी भेजकर मजबूत फर्जी प्रोफाइल तैयार की जाती थी, जिसके आधार पर विभिन्न बैंकों से होम लोन और पर्सनल लोन लिए जाते थे।
गैंग के सदस्य मो. वसी (CS, MBA, LLB) और शमशाद आलम, बिहार के उन लोगों को तलाशते थे, जो गल्फ कंट्री में नौकरी करते हैं। उन्हें लालच देकर उनकी प्रोफाइल पर लोन कराकर संपत्तियां खरीदी जाती थीं। धोखाधड़ी से प्राप्त धन को छुपाने के लिए अभियुक्त अशोक कुमार, नितिन जैन, कर्माकर आदि ने फर्जी व्यक्तियों के नाम पर 20 से अधिक शेल फर्मों का निर्माण किया था, जिनमें धन की साइफनिंग की जाती थी। गैंग ने मृत महिला रतना वासुदेवा की दिल्ली स्थित संपत्ति को शाहिदा अहमद नामक महिला को खड़ा करके सनाउल्ला अंसारी के नाम कराया और बैंक से ₹4.8 करोड़ रुपये का लोन प्राप्त कर गबन किया।
इन धाराओं में दर्ज किया गया केस
प्रारंभिक साक्ष्यों से 100 करोड़ रुपये से अधिक के लोन फ्रॉड की पुष्टि हुई है। इस धोखाधड़ी में उत्तर प्रदेश (नोएडा, लखनऊ, बनारस), उत्तराखंड (हरिद्वार), चंडीगढ़, दिल्ली और गुरुग्राम के कई बिल्डरों की मिलीभगत सामने आई है। बरामदगी से पता चले करीब 220 बैंक खातों को फ्रीज करा दिया गया है। गिरफ्तार अभियुक्तों के खिलाफ थाना सूरजपुर, गौतमबुद्धनगर में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 319(2), 318(4), 338, 336(3), 340(2), 61(2)B एवं आईटी एक्ट की धारा 66D के तहत मुकदमा पंजीकृत किया गया है।