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Shailendra Singh
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राम मंदिर पर फहराई धर्मध्वजा: PM मोदी बोले- आज सदियों के घाव भर रहे, अब मानसिक गुलामी से मुक्ति का लक्ष्य
अयोध्या: धर्म नगरी अयोध्या का राम मंदिर आज संपूर्ण हो गया है। प्राण प्रतिष्ठा के 673 दिनों बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) प्रमुख मोहन भागवत ने मंदिर के शिखर पर ध्वजारोहण किया। मंगलवार सुबह 11.50 बजे अभिजीत मुहूर्त में बटन दबाते ही 2 किलो की केसरिया ध्वजा 161 फीट ऊंचे शिखर पर फहरने लगी।
प्रधानमंत्री मोदी भावविभोर हो गए। उन्होंने धर्मध्वजा को हाथ जोड़कर प्रणाम किया। इसके बाद पीएम ने 32 मिनट भाषण दिया। अपने संबोधन की शुरुआत उन्होंने ‘सियावर राम चंद्र की जय’ से की। उन्होंने कहा, ‘आज सदियों के घाव भर गए हैं। हम देश को गुलामी की मानसिकता से मुक्त करके रहेंगे। इसी मानसिकता ने वर्षों तक भगवान राम को काल्पनिक बताया।’
पीएम मोदी के संबोधन की 5 बड़ी बातें:
- प्रधानमंत्री ने कहा कि सदियों के घाव भर रहे हैं, सदियों की वेदना आज विराम पा रही है। सदियों से आस्था डिगी नहीं, एक पल भी विश्वास टूटा नहीं। धर्म ध्वजा केवल ध्वजा नहीं, बल्कि भारतीय सभ्यता के पुनर्जागरण का प्रतीक है। आने वाले सदियों तक यह ध्वज प्रभु राम के आदर्शों का उद्घोष करेगा। यह ध्वज प्रेरणा देगा कि प्राण जाए पर वचन नहीं जाए।
- मोदी ने कहा- अयोध्या वह भूमि है, जहां आदर्श आचरण में बदलते हैं। यह वही भूमि है, जहां राम ने जीवन शुरू किया। इसी धरती ने बताया कि एक व्यक्ति अपने समाज की शक्ति से कैसे मर्यादा पुरुषोत्तम बनता है। जब भगवान यहां से गए तो युवराज राम थे, लौटे तो मर्यादा पुरुषोत्तम बनकर लौटे।
- नरेंद्र मोदी बोले- हर कालखंड में राम के विचार ही हमारी प्रेरणा बने हैं। विकसित भारत की यात्रा को गति देने के लिए ऐसा रथ चाहिए, जिसके पहिये शौर्य और धैर्य हों। ऐसा रथ जिसकी ध्वजा नीति-नीयत से समझौता न करे। ऐसा रथ जिसके घोड़े बल, विवेक, संयम और परोपकार हों।
- प्रधानमंत्री ने कहा- आज से 190 साल पहले 1835 में लॉर्ड मैकाले ने मानसिक गुलामी की नींव रखी थी। 2035 में उस अपवित्र घटना को दो सौ साल पूरे हो रहे हैं। हमें आने वाले दस सालों में भारत को गुलामी की मानसिकता से मुक्त करना है। मैकाले ने जो सोचा था, उसका प्रभाव व्यापक हुआ। हमें विकार आ गया कि विदेशी चीज अच्छी है, हमारी चीज में खोट है। हर कोने में गुलामी की मानसिकता ने डेरा डाला है। नौसेना के ध्वज पर ऐसे प्रतीक बने थे, जिनका हमारी विरासत से कोई संबंध नहीं था। हमने गुलामी के प्रतीक को हटाया है।
- पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा- हमारे राम भेद से नहीं, भाव से जुड़ते हैं। उनके लिए कुल नहीं, भक्ति महत्वपूर्ण है। जब देश का हर व्यक्ति सशक्त होता है तो संकल्प की सिद्धि में सबका प्रयास लगता है। राम यानी आदर्श, राम यानी मर्यादा, राम यानी जीवन का सर्वोच्च चरित्र, राम यानी धर्म पथ पर चलने वाला व्यक्तित्व, राम यानी जनता के सुख को सर्वोपरि रखने वाला। अगर समाज को सामर्थ्यवान बनाना है तो भीतर राम की स्थापना करनी होगी।
हर कालखंड में राम के विचार ही हमारी प्रेरणा बनेगा
पीएम मोदी ने कहा, हर कालखंड में राम के विचार ही हमारी प्रेरणा बनेगा। विकसित भारत की यात्रा को गति देने के लिए ऐसा रथ चाहिए, जिसके पहिये शौर्य और धैर्य हों। ऐसा रथ जिसकी ध्वजा नीति, नीयत से समझौता नहीं करे। ऐसा रथ जिसके घोड़े बल, विवेक, संयम और परोपकार हो। ऐसा रथ जिसकी लगाम क्षमा, करुणा और संभाव हो, जहां सफलता का अंहकार नहीं, असफलता में भी दूसरों के प्रति सम्मान बना रहे। यह पल कंधे से कंधा मिलाने का है, यह पल गति बढ़ाने का है। हमें वह भारत बनाना है, जो रामराज्य से प्रेरित हो, यह तब ही संभव है स्वयं से पहले राष्ट्र हित होगा। जय सियाराम, जय सियाराम, जय सियाराम के उद्घोष के साथ संबोधन समाप्त।
आज अयोध्या नगरी भारत की सांस्कृतिक चेतना के एक और उत्कर्ष-बिंदु की साक्षी बन रही है। श्री राम जन्मभूमि मंदिर के शिखर ध्वजारोहण उत्सव का यह क्षण अद्वितीय और अलौकिक है। सियावर रामचंद्र की जय! https://t.co/4PPt0rEnZy
— Narendra Modi (@narendramodi) November 25, 2025
भागवत बोले- राम मंदिर आंदोलन में प्राण अर्पण करने वालों की आत्मा तृप्त हुई
वहीं, आरएसएस चीफ मोहन भागवत ने कहा, आज हम सबके लिए एक सार्थकता का दिवस है। इतने लोगों ने सपना देखा, प्रयास किया और प्राण अर्पण किए। आज उनकी स्वर्गावस्था आत्मा तृत्प हुई होगी। आज वास्तविक रूप में अशोक जी (अशोक सिंघल), संत परमहंस चंद्र दास, आदरणीय डालमिया जी की आत्मा को शांति मिली होगी। आज मंदिर की शास्त्रीय प्रक्रिया पूर्ण हो गई। राम राज्य का ध्वज, जो कभी अयोध्या फहराता था, जो पूरी दुनिया में अपने आलोक से समृद्धि प्रदान करता था, वह आज धीरे-धीरे ऊपर उठते हुए अपनी आंखों से देखा है।
उन्होंने कहा कि रथ चलाने के लिए सात सात घोड़े हैं, उन्हें नियंत्रण करने के लिए लगाम है। रस्सा नहीं है, सारथी नहीं है, तो ऐसी गाड़ी नहीं चल सकती है। लेकिन रोज पूरब से पश्चिम जाना सूर्य भगवान करते हैं, क्योंकि कार्य की सिद्धि सत्व से होती है। हिन्दू समाज ने साढ़े पांच सौ साल अपने सत्व को सिद्ध किया राम मंदिर बन गया, रामलला आ गए।
#WATCH अयोध्या, उत्तर प्रदेश: आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने कहा, "आज हम सबके लिए एक सार्थकता का दिन है। इतने लोगों ने सपना देखा, इतने लोगों ने प्रयास किए, इतने लोगों ने अपने प्राण अर्पण किए आज उनकी आत्मा को तृप्त हुई होगी। आज वास्तव में अशोक जी को वहां शांति मिली होगी….उन्होंने… pic.twitter.com/bHb2jmmiCG
— ANI_HindiNews (@AHindinews) November 25, 2025
भारत को खड़ा करने का काम शुरू हो गया है: भागवत
मोहन भागवत ने कहा कि छाया बांटने वाले भारत को खड़ा करने का काम शुरू हो गया है। हमें सभी विपरीत परिस्थितियों में भी काम करना है। संकल्प की पुनरावृत्ति का दिवस है। सबके लिए खुशी बांटने वाला, शांति बांटने वाला भारत वर्ष खड़ा करना है, यह विश्व की अपेक्षा है। हमारा कर्तव्य है, रामलला का नाम लेकर इस कार्य की गति बढ़ाएं। जैसा सपना देखा था उन लोगों ने बिल्कुल वैसा, उससे भी अधिक और भव्य मंदिर बन गया है।
सीएम योगी बोले- आस्था अडिग रही, न झुकी…न रुकी
इससे पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा, भारत एक नई ऊंचाई को प्राप्त कर रहा है। 80 करोड़ लोगों को नि:शुल्क राशन, 50 करोड़ लोगों को नि:शुल्क स्वास्थ्य सुविधा का लाभ मिलना रामराज की उद्घोषणा का संकल्प है। पिछले 500 वर्ष में साम्राज्य बदले, लेकिन आस्था अडिग रही, आस्था न झुकी न रुकी, जनजन को विश्वास था। जब आरएसएस के हाथ में कमान आई तो एक ही उद्घोष निकलता था- रामलला हम आएंगे मंदिर वहीं बनाएंगे। एक समय था अयोध्या संघर्ष, अराजकता और बदहाली का शिकार बन चुकी थी, लेकिन आज पीएम मोदी के नेतृत्व में अयोध्या उत्सवों की वैश्विक राजधानी बन गई है। रामराज की दिव्य स्थापना हो रही है।
#WATCH अयोध्या, उत्तर प्रदेश: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा, "भगवान राम का यह भव्य मंदिर 140 करोड़ भारतीयों की आस्था, सम्मान और आत्म गौरव का प्रतीक है… श्री राम जन्मभूमि मंदिर पर लहराता यह केसरिया ध्वज धर्म, मर्यादा, सत्य, न्याय और राष्ट्र धर्म का प्रतीक… pic.twitter.com/V7HLtFRMno
— ANI_HindiNews (@AHindinews) November 25, 2025
सीएम ने कहा कि बेहतर कनेक्टिविटी है, धर्मपथ, रामपथ, भक्ति पथ, पंचकोसी, चौदह कोसी और चौरासी कोसी परिक्रमा आस्था को नया सम्मान प्रदान कर रही है। आस्था और आधुनिकता के साथ आस्था और अर्थव्यवस्था के रूप में पहचान बनाई है। सोलर सिटी के रूप में भी पहचान बनी है, आज का दिन हम सभी के लिए हर भारतवासी के लिए आत्मगौरव का दिन है, राष्ट्र गौरव का दिन है। पीएम मोदी ने इस कार्यक्रम के लिए समय निकालकर भगवान राम के मंदिर में केसरिया ध्वजोराहण किया है, मैं उनका स्वागत करता हूं। सभी राम भक्तों का स्वागत करते हुए वाणी को विराम देता हूं।
योगी बोले- पीढ़ियों की प्रतीक्षा साकार हुई
सीएम योगी आदित्यनाथ ने रामचरितमानस की चौपाई से भाषण की शुरुआत की। उन्होंने कहा-आज सफल तपु तीरथ त्यागू, आजु सुफल जप जोग बिरागू। सफल सकल सुभ साधन साजू, राम तुम्हहि अवलोकत आजू। उन्होंने कहा, भगवान श्रीराम के भव्य मंदिर पर ध्वजारोहण एक यज्ञ की पूर्णाहुति नहीं, बल्कि एक नए युग की शुरुआत है। भारत को वैश्विक मंच पर नई ऊंचाई पर पहुंचाने वाले पीएम नरेंद्र मोदी का स्वागत करता हूं। हमारे विचार परिवार के मुखिया सरसंघ चालक का भी रामभक्तों की ओर से अभिनंदन करता हूं। आज पीढ़ियों की तपस्या साकार हो रही है।
उन्होंने कहा कि प्रभुराम का मंदिर 140 करोड़ भारत वासियों के गौरव का प्रतीक है। संकल्प और विश्वास का सूर्योदय हुआ है। श्रीराम मंदिर पर फहराता ये केसरिया ध्वज शक्ति, न्याय और राष्ट्र धर्म का प्रतीक है। यह विकसित भारत की संकल्पना का प्रतीक भी है, क्योंकि संकल्प का कोई विकल्प नहीं है। हम एक नए भारत का दर्शन कर रहे हैं। विकास को नई ऊंचाई को प्राप्त हो रहा है। योगी रामचरित मानस की चौपाई सुनाते हुए बताया कि राशन, स्वास्थ्य और आवास की सुविधा देकर रामराज्य की उद्घोषणा का संकल्प है। पिछले 500 वर्षों में साम्राज्य बदले, पीढ़ियां बदली। पर आपकी आस्था न झुकी न रुकी।
पीएम मोदी के स्वागत में बरसाए गए फूल
ध्वजारोहण से पहले पीएम मोदी ने मोहन भागवत के साथ मंदिर की पहली मंजिल पर बने रामदरबार में पूजा और आरती की। इसके बाद रामलला के दर्शन किए। PM रामलला के लिए वस्त्र और चंवर लेकर पहुंचे थे। PM ने साकेत कॉलेज से रामजन्मभूमि तक डेढ़ किमी लंबा रोड शो भी किया। इस दौरान स्कूली छात्रों ने काफिले पर फूल बरसाए और जगह-जगह महिलाओं ने उनका स्वागत किया।
पहले चर्चा थी कि ध्वजारोहण समारोह के लिए अमिताभ बच्चन समेत कई सेलिब्रिटीज को न्योता भेजा गया है, लेकिन कोई नहीं पहुंचा। चारों शंकराचार्यों को छोड़कर देशभर के मठों के संत मंदिर परिसर में मौजूद रहे। शहर को 1000 क्विंटल फूलों से सजाया गया। मंदिर में 5-लेयर सुरक्षा रही। ATS, NSG, SPG, CRPF और PAC के जवान तैनात रहे। रामलला ने आज सोने और रेशम के धागों से बने पीतांबर वस्त्र धारण किए।



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