श्रीनगर: दिल्ली कार ब्लास्ट मामले में गुरुवार रात सुरक्षाबलों ने पुलवामा में आतंकी डॉ. मोहम्मद उमर नबी के घर को आईईडी ब्लास्ट से उड़ा दिया है। गुरुवार को ही डीएनए मैचिंग के बाद इस बात की पुष्टि हुई थी कि ब्लास्ट वाली कार में उमर ही था। डॉ. उमर पुलवामा के कोइल इलाके में रहता था। पुलिस उसके माता-पिता और भाईयों को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है।
लालकिले बम धमाका के बाद आतंकी डॉ. उमर नबी का एक पैर का पंजा और इंजन के पुर्जों में चिपके मांस के टुकड़े ही मिले हैं। शरीर का बाकी हिस्सा विस्फोट में उड़ गया। पैर का पंजा आगे के टायर की व्हील के नीचे मिला था। इस पंजे और इंजन के पुर्जों से चिपके मिले मांस के टुकड़ों की डीएनए जांच से पता लगा कि मरने वाला उमर नबी ही था। पुलिस को उमर के शरीर के इन हिस्सों के अलावा मौके से कोई अंग नहीं मिला है। माना जा रहा है कि कुछ दूर जाकर गिरे अंगों को पंछी-जानवर खा गए होंगे। विस्फोटक के कार के पीछे की सीट पर रखे होने की बात कही जा रही है।
#WATCH | | Delhi terror blast case: The residence of Dr Umar Un Nabi, accused in the Red Fort blast, has been demolished in Pulwama, Jammu and Kashmir. pic.twitter.com/gqvm7iwPBe
— ANI (@ANI) November 14, 2025
बाबरी बरसी पर थी बड़े धमाके की साजिश
खुफिया एजेंसियों ने खुलासा किया है कि अब तक गिरफ्तार आठ आतंकियों ने बताया कि वे 6 दिसंबर यानी बाबरी मस्जिद ढहाने की बरसी के दिन दिल्ली सहित देशभर में कई जगह धमाके करना चाहते थे। इसके लिए उन्होंने 32 कारों का इंतजाम किया था। i20, इको स्पोर्ट, ब्रेजा कार उसी साजिश का हिस्सा हैं। बता दें कि 10 नवंबर को हुए दिल्ली ब्लास्ट में अब तक 13 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 20 लोग घायल हैं, जिनमें से तीन की हालत नाजुक बताई जा रही है।
ईडी आज ऑडिट करने अल-फलाह पहुंचेगी
सुरक्षा एजेंसियों को जांच में पता चला है कि तुर्किये व जर्मनी से अल-फलाह यूनिवर्सिटी को 11 करोड़ रुपये का फंड मिला था। यूनिवर्सिटी ने पंजाब व अमरोहा में मदरसे के लिए जमीन भी खरीदी है। केंद्र सरकार ने ईडी को यूनिवर्सिटी के बैंक खातों का फॉरेंसिक ऑडिट करने को कहा है। शुक्रवार को ईडी की टीम यहां पहुंच सकती है। ईडी यह पता लगाएगी कि यूनिवर्सिटी को कहां-कहां से कितनी फंडिंग मिली। यूनिवर्सिटी के एक कर्मचारी ने बताया कि हर साल अरब देशों से यहां डेलिगेशन आता है, इसलिए यहां के डॉक्टरों की अरब देशों से अच्छी जान पहचान है।