उत्तर प्रदेश

जय जय जय हे महिषासुर मर्दिनी

जय जय जय हे महिषासुर मर्दिनी

बरेलीः एसआरएमएस रिद्धिमा में रविवार शाम कथक प्रस्तुति के रूप में ‘शक्तिरूपेण संस्थिता’ का आयोजन हुआ। इसमें संस्थान के कथक गुरुओं और विद्यार्थियों की ओर से आगामी नवरात्रि से पहले शक्ति रूपेण देवियों की आराधना का मंचन किया। ‘शक्तिरूपेण संस्थिता’ का आरंभ कथक के विद्यार्थियों अवियना, न्यारा, गौर्वी, त्रिशिका, अवनी भसीन, ईशान्वी, अवनी अग्रवाल, अनिका, ऋत्विका, आयत, गौरिका, नितारा, मीरा, नित्या अग्रवाल, अयशानी, करुण्य, नित्या जैन, वृंदा, सपना, क्षमा, तृप्ता, मधुर और निधि ने गणपति आराधना ‘गाये गणपति जग वंदन’ पर अपनी प्रस्तुति से किया।

इसके बाद इन विद्यार्थियों ने ‘भवानी दयानी’, ‘या चांदी’, ‘नमो देवी अनंता रूपिनी’ और ‘ओम जयंती मंगला काली’ पर भी अपनी भावपूर्ण प्रस्तुति देकर देवी की आराधना की। विद्यार्थियों को प्रोत्साहित करने कथक गुरु अंशु कुमार शर्मा ने ‘जय जय जय जननी’, कथक गुरु देबाज्योति नस्कर ने ‘जय मा दुर्गे भवानी दयानी’ और कथक गुरु रियाश्री चटर्जी ने ‘नारी अगिरी नंदिनी’ पर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया।

अंतिम प्रस्‍तुति पर एक साथ आए तीनों कथक गुरु

अंतिम प्रस्तुति ‘जय जय जय हे महिषासुर मर्दिनी’ पर तीनों कथक गुरु एक साथ मंच पर आए। ‘शक्तिरूपेण संस्थिता’ में गायन गुरु पूर्णिमा वेणुगोपाल, प्रियंका ग्वाल, सात्विक मिश्रा ने भी अपने स्वरों से उपस्थिति दर्ज कराई, जबकि वाद्ययंत्र गुरु सूर्यकांत चौधरी (वायलिन), सूरज पांडेय (बांसुरी), अमरनाथ (तबला), अनुग्रह सिंह (की-बोर्ड), विशेष सिंह (गिटार), ऋषभ आशीष पाठक (पखावज) अपने-अपने वाद्ययंत्रों के माध्यम से ‘शक्तिरूपेण संस्थिता’ में शामिल हुए।

जय जय जय हे महिषासुर मर्दिनी

कार्यक्रम में एसआरएमएस ट्रस्ट के संस्थापक व चेयरमैन देव मूर्ति, सेक्रेटरी आदित्य मूर्ति, आशा मूर्ति, ऋचा मूर्ति, डॉ. एमएस बुटोला, डॉ. प्रभाकर गुप्ता, डॉ. अनुज कुमार, डॉ. शैलेश सक्सेना, डॉ. रीटा शर्मा और शहर के गणमान्य लोग मौजूद रहे। कार्यक्रम का संचालन आशीष कुमार ने किया।

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